महाराष्ट्र की सियासत में भयंकर बवाल! UBT में बगावत के बीच गेमचेंजर बने ओमराजे, शिंदे गुट का मास्टरस्ट्रोक

Maharashtra Political Crisis: शिवसेना (UBT) के सांसद ओमराजे निंबालकर 'ऑपरेशन टाइगर' के नए किंगमेकर बन गए हैं। पवनराजे मर्डर केस के फैसले और शिंदे सरकार के सीबीआई कार्ड के बीच जानिए क्या मातोश्री का साथ छोड़ेंगे ओमराजे?

Harsh Srivastava
Published on: 21 Jun 2026 9:32 AM IST (Updated on: 21 Jun 2026 9:32 AM IST)
महाराष्ट्र की सियासत में भयंकर बवाल! UBT में बगावत के बीच गेमचेंजर बने ओमराजे, शिंदे गुट का मास्टरस्ट्रोक
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Maharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र की धरती पर इस समय सत्ता और संगठन की जो जंग चल रही है, उसने पूरे देश का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के बीच का पावर स्ट्रगल अब अपने सबसे चरम मुकाम पर पहुंच गया है। इस समय पूरे महाराष्ट्र के राजनीतिक खेल का केंद्र बिंदु धाराशिव से लोकसभा सांसद ओमराजे निंबालकर बन चुके हैं। महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में गूंज रहा बहुचर्चित 'ऑपरेशन टाइगर' अब पूरी तरह से इसी एक चेहरे पर आकर टिक गया है कि क्या ओमराजे मातोश्री को छोड़कर मुख्यमंत्री शिंदे का दामन थामेंगे?

मर्डर केस के फैसले ने बढ़ाई हलचल

इस पूरे राजनीतिक ड्रामे की टाइमिंग बेहद हैरान करने वाली है। दरअसल, ओमराजे निंबालकर के पिता और कांग्रेस के पूर्व दिग्गज नेता पवनराजे निंबालकर की साल 2006 में हुई हत्या के मामले में मुंबई की एक विशेष अदालत ने अंतिम फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया।

इस फैसले से ठीक दो दिन पहले राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बड़ा आरोप लगाया था:

'ऑपरेशन टाइगर' के तहत उद्धव गुट के सांसदों पर पाला बदलने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दबाव बनाया जा रहा है।

ओमराजे को डराने और झुकाने के लिए उनके पिता के मर्डर केस का इस्तेमाल एक हथियार की तरह किया जा रहा है।

पवनराजे निंबालकर मर्डर केस

विवरण (Details)

तथ्य / आंकड़े (Facts & Figures)

हत्या का वर्ष

साल 2006

अदालत का वर्तमान फैसला

सभी मुख्य आरोपी 'बेनिफिट ऑफ डाउट' के तहत बरी

कुल दर्ज गवाह

128 गवाहों के बयान

मुख्य विसंगति

सरकारी गवाह पारसमल जैन के बयानों में भारी विरोधाभास

ओमराजे की नपी-तुली प्रतिक्रिया

अदालत का फैसला आने के बाद ओमराजे निंबालकर मुंबई से सीधे पुणे स्थित अपने आवास पहुंचे और मीडिया के सामने बेहद नपा-तुला बयान दिया:

"मैंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में कभी भी उद्धव जी या आदित्य ठाकरे के खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोला है। जहां तक मेरे अगले कदम की बात है, तो मैं जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लूंगा। मैं अपने क्षेत्र की जनता और कार्यकर्ताओं से चर्चा के बाद ही आगे की राह तय करूंगा।" - ओमराजे निंबालकर

शिंदे गुट का मास्टरस्ट्रोक

जैसे ही विशेष अदालत ने आरोपियों को बरी किया, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खेमे ने बड़ा दांव चल दिया। मुख्यमंत्री कार्यालय ने घोषणा की कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील दायर करेगी। सूत्रों के मुताबिक, इस नाजुक मुद्दे पर मुख्यमंत्री शिंदे और उप-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से लंबी चर्चा की है। शिंदे सरकार की यह सक्रियता सीधे तौर पर ओमराजे को अपने पाले में लाने की एक बड़ी रणनीति मानी जा रही है।

ओमराजे क्यों बन गए हैं सबसे बड़े 'किंगमेकर'?

साल 2022 की ऐतिहासिक फूट के बाद चुनाव आयोग और विधानसभा अध्यक्ष ने शिंदे गुट को ही 'असली शिवसेना' माना है।

लोकसभा चुनाव 2024 के बाद दल-बदल का समीकरण:

कुल सांसद: उद्धव गुट (9 सांसद), शिंदे गुट (7 सांसद)।

बगावत का दावा: उद्धव गुट के 9 में से 6 सांसद शिंदे के पाले में जाने को तैयार बैठे हैं।

कानूनी कवच: 'दल-बदल विरोधी कानून' से बचने के लिए दो-तिहाई यानी 6 सांसदों का एक साथ टूटना जरूरी है।

टर्निंग पॉइंट: यदि ओमराजे निंबालकर पाला बदलते हैं, तो बागी सांसदों का आंकड़ा 6 पहुंच जाएगा और उनकी सदस्यता सुरक्षित रहेगी।

मातोश्री ने झोंकी ताकत

उद्धव ठाकरे का खेमा अपने इस किले को बचाने में जुट गया है। युवा नेता वरुण सरदेसाई ने पुणे में ओमराजे से बंद कमरे में लंबी बातचीत की है। सस्पेंस तब और गहरा गया जब ओमराजे लगातार 3 दिनों तक संपर्क से बाहर रहे और अरविंद सावंत द्वारा जारी किए गए कड़े 'व्हिप' के बावजूद दिल्ली की बैठक में नहीं पहुंचे। इस अनुशासनहीनता पर कड़ा एक्शन लेते हुए शिवसेना (UBT) ने ओमराजे समेत सभी 6 गैर-हाजिर सांसदों को 'कारण बताओ नोटिस' जारी कर दिया है। अब पूरे महाराष्ट्र की निगाहें ओमराजे के अगले कदम पर टिकी हैं की क्या वे पिता के न्याय के लिए शिंदे गुट के साथ जाएंगे, या बालासाहेब ठाकरे के परिवार के प्रति वफादार रहेंगे?

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Hi! I am Harsh Srivastava, currently working as a Content Writer and News Coordinator at Newstrack. I oversee content planning, coordination, and contribute with in-depth articles and news features, especially focusing on politics and crime. I started my journey in journalism in 2023 and have worked with leading publications such as Hindustan, Times of India, and India News, gaining experience across cities including Varanasi, Delhi and Lucknow. My work revolves around curating timely news, in- depth research, and delivering engaging content to keep readers informed and connected.

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