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बड़ा खुलासा! दिल्ली से आए थे 4 सेट क्वेश्चन पेपर, TET लीक में 1.5 करोड़ का रैकेट
महाराष्ट्र TET 2026 पेपर लीक मामले में भिवंडी पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी दिल्ली से प्रश्नपत्र लाकर 1.5 करोड़ रुपये में बेचने की योजना बना रहे थे। परीक्षा स्थगित, जांच जारी।
Maharashtra TET Paper Leak: महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET 2026) पेपर लीक मामले में भिवंडी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, ये आरोपी परीक्षा के प्रश्नपत्र को अवैध तरीके से बेचने की तैयारी कर रहे थे। इस घटना के बाद 28 जून को होने वाली TET परीक्षा को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने दिल्ली से परीक्षा के चार सेट प्रश्नपत्र हासिल किए थे। इन्हें करीब 1.5 करोड़ रुपये में बेचने की योजना थी। हालांकि, पुलिस की समय पर कार्रवाई से यह पूरा रैकेट पकड़ा गया और बड़ा घोटाला होने से बच गया।
गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने बिछाया जाल
भिवंडी के एसीपी अशोक दुधे ने बताया कि डीसीपी पवन बनसोड को इस मामले की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने कोनगांव इलाके में जाल बिछाया और सुबह करीब 11 बजे तीन आरोपियों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजीव शाह (45, बिहार), आकाश कुमार (30, बिहार) और धीरज कुमार (28, हरियाणा) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से चार सेट प्रश्नपत्र, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड भी बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि ये सभी पेपर दिल्ली से लाए गए थे।
1.5 करोड़ में पेपर बेचने की थी योजना
जांच अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी इस प्रश्नपत्र को करीब 1.5 करोड़ रुपये में बेचने की तैयारी में थे। हालांकि अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि यह पेपर किसे और किस जगह पर बेचा जाना था। पुलिस को शक है कि इस पूरे मामले के पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा है। इसी आधार पर पुलिस ने जांच को आगे बढ़ा दिया है और मुख्य आरोपी की तलाश जारी है। अलग-अलग टीमों को अन्य राज्यों में भी भेजा गया है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
MCOCA लगाने की तैयारी, सख्त कार्रवाई के संकेत
मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। इस टीम में दो एसीपी और नौ पुलिस निरीक्षक शामिल हैं। टीम पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस घटना पर सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण सिस्टम में इस तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी और जरूरत पड़ने पर MCOCA जैसे सख्त कानून भी लगाए जाएंगे। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा दोबारा पूरी पारदर्शिता के साथ कराई जाएगी और छात्रों से किसी तरह का अतिरिक्त शुल्क या रजिस्ट्रेशन नहीं लिया जाएगा।
विपक्ष का हमला, परीक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस पेपर लीक मामले के बाद विपक्ष ने सरकार पर हमला तेज कर दिया है। कांग्रेस ने इसे ‘पेपर लीक सरकार’ करार दिया है और परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाए हैं। वहीं, अन्य विपक्षी दलों ने भी युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता जताई है। विपक्ष का कहना है कि बार-बार पेपर लीक की घटनाएं सरकार की नाकामी को दिखाती हैं। हालांकि सरकार का कहना है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा और पूरी जांच पारदर्शी तरीके से की जाएगी। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की तह तक जाने में जुटी है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही मास्टरमाइंड का भी खुलासा हो सकता है।


