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Maharashtra Zilla Parishad Election 2026: महाराष्ट्र में जिला परिषद चुनाव के लिए वोटिंग आज, पवार परिवार की प्रतिष्ठा दांव पर
Maharashtra Zilla Parishad Election 2026: राज्य चुनाव आयोग के अनुसार निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
Maharashtra Zilla Parishad Election 2026
Maharashtra Zilla Parishad Election 2026: महाराष्ट्र में लंबे समय से प्रतीक्षित स्थानीय निकाय चुनावों की प्रक्रिया आखिरकार शुरू हो गई है। शनिवार को राज्य की 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के लिए मतदान कराया जा रहा है। राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। मतदान सुबह 7.30 बजे शुरू हुआ और शाम 5.30 बजे तक चलेगा।
इन चुनावों में सबसे ज्यादा चर्चा पुणे जिला परिषद चुनाव को लेकर है। पुणे जिला परिषद को लंबे समय से पवार परिवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। मतदान के दौरान दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के भाई श्रीनिवास पवार अपने बेटे युगेंद्र पवार के साथ काटेवाड़ी स्थित प्राथमिक स्कूल के मतदान केंद्र पर वोट डालने पहुंचे। वहीं, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार भी पार्थ पवार और अपनी सास आशाताई पवार के साथ मतदान करेंगी।
हालांकि, बीते कुछ वर्षों में पुणे जिले की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी ने जिले में अपनी पकड़ लगातार मजबूत की है, वहीं अजित पवार के निधन के बाद स्थानीय राजनीतिक समीकरणों में भी परिवर्तन आया है। इस बार अजित पवार के नेतृत्व वाली NCP ने पुणे जिला परिषद की 73 में से 72 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि BJP ने 55 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। इससे जिले में मुकाबला बेहद दिलचस्प और कांटे का हो गया है।
राज्य चुनाव आयोग के मुताबिक, महाराष्ट्र में कुल 731 जिला परिषद सीटों और 1,462 पंचायत समिति सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। इन सभी सीटों के लिए कुल 7,438 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। जिला परिषद की 731 सीटों में से 369 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इसके अलावा अनुसूचित जाति के लिए 83, अनुसूचित जनजाति के लिए 25 और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 191 सीटें आरक्षित की गई हैं। आरक्षित सीटों पर कुल 2,624 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, पंचायत समिति की 1,462 सीटों में से 731 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इनमें अनुसूचित जाति के लिए 166, अनुसूचित जनजाति के लिए 38 और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 342 सीटें शामिल हैं। पंचायत समिति चुनाव में कुल 4,814 उम्मीदवार मैदान में हैं।
इन चुनावों के तहत रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, पुणे, सातारा, सांगली, सोलापुर, कोल्हापुर, छत्रपति संभाजीनगर, परभणी, धाराशिव और लातूर जिलों में मतदान कराया जा रहा है। गौरतलब है कि यह मतदान पहले 5 फरवरी को होना था, लेकिन 28 जनवरी को उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान दुर्घटना में निधन के बाद राज्य में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया था, जिसके चलते चुनाव की तारीख आगे बढ़ा दी गई।
राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, मतगणना 9 फरवरी को सुबह 10 बजे से शुरू होगी और परिणाम घोषित होने के बाद आदर्श आचार संहिता हटा ली जाएगी। आयोग ने बताया कि राज्य में कुल 1,06,33,269 पुरुष मतदाता, 1,01,86,965 महिला मतदाता और अन्य श्रेणी के 468 मतदाता हैं। मतदान के लिए पूरे राज्य में 25,471 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए करीब 1.28 लाख कर्मचारियों को तैनात किया गया है। इनमें 125 रिटर्निंग ऑफिसर और 125 असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर शामिल हैं। मतदान के लिए 51,537 कंट्रोल यूनिट और 1,10,329 बैलेट यूनिट सहित पर्याप्त संख्या में ईवीएम की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है।
हर मतदाता को दो वोट डालने होंगे एक जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र के लिए और दूसरा पंचायत समिति निर्वाचन मंडल के लिए। जिला परिषद का वोट सफेद बैलेट यूनिट पर, जबकि पंचायत समिति का वोट गुलाबी बैलेट यूनिट पर डाला जाएगा। मतदाता राज्य चुनाव आयोग के ‘मताधिकार’ मोबाइल ऐप और आयोग की वेबसाइट के जरिए अपनी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों, गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के साथ आने वाली महिलाओं के लिए मतदान केंद्रों पर रैंप, व्हीलचेयर और शौचालय जैसी विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। राज्य चुनाव आयुक्त दिनेश वाघमारे ने मतदाताओं से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील करते हुए कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव गांवों के विकास और लोकतंत्र को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं।


