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CJP-महुआ मोइत्रा ने एक साथ सरकार को घेरा, PM मोदी को गालियां देने वाली युवती का किया समर्थन
Mahua Moitra Support Ruchika Singh: जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर दर्ज जीरो एफआईआर पर नया राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा और CJP ने कार्रवाई का विरोध करते हुए युवती रुचिका सिंह का समर्थन किया है।
Mahua Moitra Support Ruchika Singh: राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर हुए युवा आंदोलन के दौरान देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक शब्दावली का प्रयोग करने के मामले में एक बड़ा कानूनी और राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। नोएडा के सेक्टर 168 में निवास करने वाली 25 वर्षीय युवती रुचिका सिंह के विरुद्ध उत्तर प्रदेश पुलिस ने जीरो FIR (Zero FIR) पंजीकृत की है। इस कानूनी कार्रवाई के सामने आते ही देश का राजनीतिक माहौल एक बार फिर अत्यंत गरमा गया है। जहां एक ओर शिकायतकर्ता ने संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने का दावा किया है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दल और आंदोलनकारी संगठन इसे प्रशासनिक उत्पीड़न बताकर खुलकर विरोध में उतर आए हैं।
TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने सरकार को घेरा
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की वरिष्ठ एवं बेबाक सांसद महुआ मोइत्रा ने इस संपूर्ण प्रकरण में 25 साल की युवती का मजबूती से पक्ष लिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपनी बात रखते हुए मोइत्रा ने पुलिसिया कार्रवाई की तीखी आलोचना की और इसे विशुद्ध रूप से बदले की भावना से प्रेरित करार दिया। उन्होंने लिखा कि एक युवा प्रदर्शनकारी के विरुद्ध राज्य की पूरी प्रशासनिक मशीनरी का इस तरह प्रयोग किया जाना अत्यंत निंदनीय है। टीएमसी सांसद ने कड़े शब्दों में कहा कि वर्तमान शासन व्यवस्था अपनी गलतियों से सीखने को तैयार नहीं है और आम नागरिकों को इस प्रकार की दमनकारी नीतियों पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं करना चाहिए।
CJP ने उठाए कानूनी मशीनरी के दुरुपयोग पर सवाल
युवाओं का प्रतिनिधित्व कर रही 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने भी इस एफआईआर के खिलाफ अपना कड़ा प्रतिवाद दर्ज कराया है। सीजेपी के आधिकारिक प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि मात्र मौखिक विवाद या तीखी टिप्पणी के आधार पर किसी नागरिक के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि वर्तमान में लोकसभा के करीब 50 फीसदी सांसदों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि अकेले सत्तारूढ़ दल के लगभग 100 सांसदों पर ऐसे मुकदमे चल रहे हैं। दास ने तंज कसते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन को अपनी ऊर्जा वास्तविक अपराधियों पर लगानी चाहिए, न कि किसी 25 साल की शिक्षित युवती को प्रताड़ित करने में।
BNS की इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
नोएडा के एक्सप्रेसवे थाना क्षेत्र में दर्ज कराई गई यह शिकायत गाजियाबाद की निवासी स्मृति सिंह द्वारा दी गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 23 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान आरोपी युवती ने प्रधानमंत्री के पद के प्रति अत्यंत अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया, जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में नफरत फैलाना और शांति व्यवस्था को भंग करना था। इस आधार पर पुलिस अधिकारियों ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352 (अपमानजनक आचरण), 353(1) (सार्वजनिक उपद्रव फैलाने वाले वक्तव्य) और 356(1) (मानहानि) के तहत औपचारिक केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस का आधिकारिक बयान और जीरो FIR की प्रक्रिया
नोएडा की अपर पुलिस उपायुक्त (ADCP) मनीषा सिंह ने मामले की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि गाजियाबाद निवासी महिला की तहरीर पर नोएडा सेक्टर 168 की रहने वाली युवती के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। चूंकि घटना स्थल नई दिल्ली का जंतर-मंतर क्षेत्र है, इसलिए इस प्राथमिकी को अग्रिम वैधानिक जांच के लिए दिल्ली पुलिस को स्थानांतरित किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, जीरो एफआईआर एक विशेष कानूनी प्रावधान है जिसके तहत पीड़ित व्यक्ति किसी भी निकटतम थाने में अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है, जिसे बाद में संबंधित क्षेत्राधिकार वाले थाने में ट्रांसफर कर दिया जाता है।
NEET धांधली और सोनम वांगचुक का ऐतिहासिक अनशन
उल्लेखनीय है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) परीक्षा लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी के तत्वावधान में शुरू हुआ विशाल छात्र आंदोलन 25 जुलाई को समाप्त हुआ था। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के दौरान मशहूर शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी 26 दिनों की लंबी भूख हड़ताल पर बैठे थे। 20 जुलाई को हजारों छात्रों द्वारा किए गए उग्र प्रदर्शन, पुलिस के साथ हुई झड़पों और 'संसद मार्च' के प्रचंड दबाव के चलते ही तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से त्यागपत्र देना पड़ा था। अब इस नई एफआईआर ने आंदोलन की आग को एक बार फिर सुलगा दिया है।


