कौन हैं राष्ट्रपति की पहली महिला ADC मेजर नव्या शेखावत? जानिए कितनी मिलती है सैलरी और सुविधाएं

Major Navya Shekhawat ADC: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की पहली महिला आर्मी एडीसी मेजर नव्या शेखावत कौन हैं? जानिए उनकी सैन्य यात्रा, रैंक, अनुमानित सैलरी, राष्ट्रपति भवन की जिम्मेदारियां और एडीसी को मिलने वाली खास सुविधाओं के बारे में।

Harsh Srivastava
Published on: 14 Sept 2026 10:21 AM IST
कौन हैं राष्ट्रपति की पहली महिला ADC मेजर नव्या शेखावत? जानिए कितनी मिलती है सैलरी और सुविधाएं
X

Major Navya Shekhawat ADC: भारतीय सशस्त्र बलों के इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। देश के सर्वोच्च सैन्य सम्मान और प्रोटोकॉल के लिहाज से राष्ट्रपति के एडीसी यानी सैन्य सचिव की भूमिका बेहद खास मानी जाती है। राजस्थान के सीकर जिले की साहसी बेटी मेजर नव्या शेखावत ने इस पद पर पहुंचकर इतिहास रच दिया है। वह देश की पहली महिला आर्मी अफसर बनी हैं, जिन्होंने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की एडीसी के रूप में कमान संभाली है। यूपीएससी सीडीएस परीक्षा पास कर ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA) चेन्नई से कड़ी ट्रेनिंग लेने वाली नव्या ने अपने महज 5 साल के सैन्य सफर में यह अभूतपूर्व मुकाम हासिल किया है।

नव्या शेखावत की नियुक्ति

मेजर नव्या शेखावत की यह ऐतिहासिक नियुक्ति भारतीय सेना में महिलाओं के बढ़ते कदमों और उनकी अपार काबिलियत का सबसे बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आई है। मिलिट्री एडीसी का यह पद सिर्फ देखने में ग्लैमरस या औपचारिक नहीं होता, बल्कि यह देश के सबसे सख्त, सतर्क और जिम्मेदारी भरे दायित्वों में से एक है। राष्ट्रपति भवन के सर्वोच्च सुरक्षा घेरे में कुल 5 एडीसी तैनात रहते हैं, जिनमें थल सेना, नौसेना और वायुसेना के सबसे होनहार अधिकारियों को चुना जाता है। इनमें से 3 अधिकारी थल सेना (आर्मी) से होते हैं। मेजर नव्या शेखावत से पहले मेजर ऋषभ सिंह संब्याल इस प्रतिष्ठित पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे।

मेजर नव्या शेखावत को हर महीने कितनी मिलती है सैलरी?

भारतीय सेना में अधिकारियों का वेतन उनकी रैंक और 7वें वेतन आयोग के पे-मैट्रिक्स के आधार पर तय किया जाता है। मेजर नव्या शेखावत सेना में 'मेजर' की रैंक पर तैनात हैं, जो कि पे-मैट्रिक्स लेवल-11 के अंतर्गत आता है। अगर उनकी सैलरी की बात करें तो मेजर रैंक के अधिकारी का शुरुआती मूल वेतन (बेसिक पे) 69,700 रुपये प्रति माह होता है। इसके अलावा सेना के अधिकारियों को 15,500 रुपये प्रति माह मिलिट्री सर्विस पे (MSP) भी मिलता है। बेसिक पे और एमएसपी के साथ महंगाई भत्ता (DA) तथा अन्य भत्तों को मिलाकर मेजर नव्या शेखावत की अनुमानित कुल मासिक सैलरी लगभग 1.2 लाख रुपये से 1.5 लाख रुपये या उससे अधिक हो जाती है। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रपति भवन में विशिष्ट वीवीआईपी सेवा और प्रोटोकॉल से जुड़े विशेष सैन्य भत्ते भी उन्हें प्रदान किए जाते हैं।

VVIP सुविधाएं

देश के सबसे महत्वपूर्ण कैंपस यानी राष्ट्रपति भवन में अपनी सेवाएं देने वाले एडीसी को सरकार की ओर से अत्यंत शानदार और वीवीआईपी सुविधाएं दी जाती हैं। यह सभी सुविधाएं उनके पद और जिम्मेदारी की गरिमा के अनुकूल होती हैं। आवास की बात करें तो उन्हें राष्ट्रपति भवन या उसके आसपास आरक्षित उच्च श्रेणी का वीवीआईपी बंगला या फ्लैट मिलता है, जिसका रखरखाव, बिजली और पानी का पूरा खर्च सरकार उठाती है। राष्ट्रपति के साथ हर अधिकारिक दौरे और राष्ट्रीय कार्यक्रमों में मौजूद रहने के कारण उन्हें विशेष सुरक्षा वाले आधिकारिक वाहन की सुविधा मिलती है। इसके अलावा, मिलिट्री हॉस्पिटल्स (MH) के माध्यम से मुफ्त और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं, उच्च स्तर का जीवन बीमा कवर तथा सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन की पूर्ण गारंटी मिलती है।

देश-विदेश के दौरों से लेकर राजकीय मेहमानों की मेजबानी तक

मेजर नव्या शेखावत का राष्ट्रपति भवन के गलियारों तक पहुंचना केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि यह भारतीय सेना में समानता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बहुत बड़ा मील का पत्थर है। एडीसी (Aide-de-Camp) का मुख्य काम राष्ट्रपति के साथ देश-विदेश के आधिकारिक दौरों पर साथ रहना, उच्चस्तरीय कूटनीतिक बैठकों की व्यवस्था संभालना और देश में आने वाले विदेशी राष्ट्र प्रमुखों तथा राजकीय मेहमानों के स्वागत से जुड़े संवेदनशील प्रोटोकॉल को पूरा करना होता है। इस बेहद चुनौतीपूर्ण और जिम्मेदारी भरे रोल में एक महिला अधिकारी का आना यह साबित करता है कि भारतीय सशस्त्र बलों में लैंगिक पक्षपात से ऊपर उठकर सिर्फ योग्यता और नेतृत्व क्षमता को ही सर्वोपरि रखा जाता है।

Harsh Srivastava
ABOUT THE AUTHOR

Harsh Srivastava

Content Writer Mail ID - harshsri764@gmail.comharshsri764@gmail.com

Harsh Srivastava is a journalist currently working as Desk In-Charge at NewsTrack, Lucknow. He began his journalism career in 2023 and has previously worked with Hindustan, Times Internet and India News. He holds a Master’s degree in Journalism and Mass Communication (MJMC). His key areas of interest include politics, elections and crime, with a wider focus on governance, public policy and current affairs. He writes research-driven and SEO-focused digital stories, combining journalistic depth with an understanding of digital audiences. Harsh has covered the 2026 West Bengal Assembly Election, several state elections and bypolls, and extensively followed the Delhi CJP protest and its developments. His work includes news reports, explainers, features and analytical stories. Originally from Varanasi, Harsh has worked across Varanasi, Delhi and Lucknow, with experience spanning reporting, digital journalism, content writing and editorial operations.

Next Story