कॉकरोच के बाद अब ‘मक्खी’ की एंट्री! CJI सूर्यकांत के बयान के बाद बनी MJP, 72 घंटे में 40 लाख व्यूज

Makhi Janta Party: जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत की ‘मक्खी मारने के लिए हथौड़ा’ वाली टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर मक्खी जनता पार्टी (MJP) की एंट्री हुई है। 72 घंटे में 40 लाख व्यूज और 3.3 लाख फॉलोअर्स का दावा।

Aditya Kumar Verma
Published on: 13 Oct 2026 9:28 PM IST
Makhi Janta Party
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Makhi Janta Party: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बाद अब सोशल मीडिया पर ‘मक्खी जनता पार्टी’ (MJP) की एंट्री हो गई है। इसकी शुरुआत चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत की एक टिप्पणी से हुई, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘मक्खी मारने के लिए हथौड़ा इस्तेमाल नहीं कर सकते’। इसके बाद सोशल मीडिया पर इस टिप्पणी को लेकर मजाकिया अंदाज में ‘मक्खी जनता पार्टी’ नाम सामने आया और अब यह संगठन कॉकरोच जनता पार्टी के साथ तालमेल और एकजुटता दिखाने की कोशिश करता नजर आ रहा है।

दिलचस्प बात यह है कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) भी शुरुआत में एक टिप्पणी पर मजाक के तौर पर बनी थी, लेकिन बाद में युवाओं के बीच विरोध और जवाबदेही की मांग का एक बड़ा मंच बन गई। अब उसी तर्ज पर मक्खी जनता पार्टी (MJP) भी सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ रही है।

72 घंटे में 40 लाख से ज्यादा व्यूज

मक्खी जनता पार्टी (MJP) ने मंगलवार को दावा किया कि महज 72 घंटों के अंदर उसके इंस्टाग्राम अकाउंट को 40 लाख से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं। संगठन के मुताबिक, इस दौरान उसके अकाउंट पर 3.3 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स भी जुड़ गए हैं।

संगठन के पेज पर आर्यन नाम के एक छात्र को इसका संस्थापक बताया गया है। अकाउंट की एक इंस्टाग्राम स्टोरी में यह भी लिखा गया है कि संगठन अभी प्रवक्ता (Spokesperson) की तलाश कर रहा है।

पेज की जानकारी के मुताबिक, यह अकाउंट जून 2021 में इंस्टाग्राम पर बनाया गया था। मौजूदा हैंडल ‘makhijantaparty.ig’ अपनाने से पहले अकाउंट का यूजरनेम आठ बार बदला जा चुका है।

सीजेआई की टिप्पणी से मिला नाम

मक्खी जनता पार्टी (MJP) के एक पोस्ट से साफ होता है कि संगठन का नाम चीफ जस्टिस सूर्यकांत की हालिया टिप्पणी से लिया गया है। यह टिप्पणी 9 अक्टूबर को हुई एक सुनवाई के दौरान सामने आई थी।

उस दिन सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में 10 अक्टूबर को होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) को पूरी तरह बंद करने के पीछे की वजह पर सवाल उठाया जा रहा था।

कोर्ट की पीठ ने कहा था कि सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन को नियंत्रित या रेगुलेट करना सही हो सकता है, लेकिन पूरे सिस्टम को ही रोक देना बिल्कुल अलग बात है। पीठ ने साफ कहा कि कोई भी नियमन कर सकता है, लेकिन हर चीज पर रोक लगाना पूरी तरह अलग बात है। अधिकारियों को यह भी याद दिलाया गया कि वे मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल नहीं कर सकते।

‘अब मक्खी भी बोलेगी, हम भी किसी से कम नहीं’

चीफ जस्टिस की इसी टिप्पणी को लेकर मक्खी जनता पार्टी (MJP) ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी। संगठन ने लिखा कि जब सीजेआई ने ही कहा है कि ‘मक्खी मारने के लिए हथौड़ा इस्तेमाल नहीं कर सकते’, तो अब मक्खी भी बोलेगी कि हम भी किसी से कम नहीं।

इसका सीधा मतलब यही है कि जब सीजेआई खुद यह बात कह रहे हैं कि छोटी बात के लिए बहुत बड़ा कदम नहीं उठाया जाना चाहिए, तो अब मक्खी भी अपनी आवाज उठाएगी। इसी टिप्पणी को संगठन ने अपने नाम और पहचान का आधार बना लिया है।

CJP के साथ भी दिखाया एकजुटता

मक्खी जनता पार्टी (MJP) ने सिर्फ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के साथ ही एकजुटता नहीं दिखाई है, बल्कि ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की सदस्य नेहा बोरा के समर्थन में भी सामने आई है।

नेहा बोरा मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध कर रही हैं। मक्खी जनता पार्टी ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए एक बयान में नेहा बोरा की ‘हिम्मत और पक्के इरादे’ का समर्थन किया है।

संगठन ने कहा कि सवाल उठाना और जवाबदेही की मांग करना लोकतंत्र (Democracy) के लिए बहुत जरूरी है। इस तरह MJP ने अपने शुरुआती दौर में ही CJP और नेहा बोरा के साथ एकजुटता का संदेश दिया है।

कॉकरोच जनता पार्टी के बाद अब मक्खी जनता पार्टी की तेजी से बढ़ती सोशल मीडिया मौजूदगी ने इस पूरे घटनाक्रम को एक नया और दिलचस्प मोड़ दे दिया है। 72 घंटे में 40 लाख से ज्यादा व्यूज और 3.3 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स का दावा बताता है कि सीजेआई की एक टिप्पणी से निकला यह मजाकिया नाम सोशल मीडिया पर तेजी से अपनी अलग पहचान बना रहा है।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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