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'ज्ञानेश कुमार मोदी के कठपुतली', SIR विवाद में खड़गे का CEC पर बड़ा हमला, कांग्रेस चीफ ने CWC में रखीं 5 बड़ी मांगें
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने SIR विवाद के बीच CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग की।
SIR Row: मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में खड़गे ने उन्हें 'मोदी सरकार की कठपुतली' बताया और तत्काल पद से हटाने की मांग की।
खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर दबाव बनाया। खड़गे ने यह भी दावा किया कि चुनाव आयोग के अपने सहयोगी भी मुख्य चुनाव आयुक्त पर भरोसा नहीं करते हैं।
चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों का खड़गे ने किया जिक्र
खड़गे ने अपने संबोधन में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से SIR और चुनाव से जुड़े दूसरे मामलों में कथित तौर पर उठाई गई आपत्तियों का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि 10 महीने के दौरान दोनों चुनाव आयुक्तों ने कई मौकों पर कुछ फैसलों को लेकर आपत्ति जताई थी। हालांकि, चुनाव आयोग का कहना है कि किसी संस्थागत चर्चा के दौरान अलग-अलग राय और टिप्पणियां सामने आना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। आयोग के मुताबिक अंतिम फैसलों को कानूनी मान्यता प्राप्त है।
खड़गे ने CWC के सामने रखीं 5 मांगें
मल्लिकार्जुन खड़गे ने मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस कार्यसमिति के सामने पांच प्रमुख मांगें रखीं। ये मांगें इस प्रकार हैं:
1. वोटर लिस्ट में बदलाव का पूरा डेटा सार्वजनिक हो: खड़गे ने मांग की कि मतदाता सूची में बड़े स्तर पर हुए बदलाव से जुड़ा पूरा डेटा सार्वजनिक किया जाए।
2. हटाए गए मतदाताओं को अपील का मौका मिले: जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं, उन्हें इसकी पूरी जानकारी दी जाए और अपना नाम वापस जुड़वाने के लिए अपील का पूरा अवसर मिले।
3. राजनीतिक दलों को डेटा सरल तरीके से मिले: खड़गे ने मांग की कि राजनीतिक दलों को मतदाता सूची और उससे जुड़ा जरूरी डेटा आसान फॉर्मेट में और तय समय के भीतर उपलब्ध कराया जाए।
4. गंभीर गड़बड़ी पर स्वतंत्र जांच हो: जहां गंभीर अनियमितताएं सामने आती हैं, वहां स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराई जाए।
5. चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता हो: महत्वपूर्ण चुनावी डेटा और फैसलों में पारदर्शिता रखी जाए, ताकि किसी राजनीतिक दल या मतदाता को यह महसूस न हो कि उससे कोई जानकारी छिपाई जा रही है।
'साजिश के तहत वोटर लिस्ट से नाम हटाए जा रहे'
खड़गे ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से नाम हटाने का काम एक साजिश के तहत किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी और मोदी सरकार के कहने पर अधिकारियों द्वारा मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं।
खड़गे ने कहा कि लोकतंत्र का मूल सिद्धांत है कि हर योग्य नागरिक का वोट सुरक्षित रहे और हर वोट की निष्पक्ष तरीके से गिनती हो। उन्होंने डॉ. बीआर आंबेडकर के मतदान के अधिकार से जुड़े विचारों का भी जिक्र किया और कहा कि किसी भी योग्य नागरिक को मनमाने तरीके से मतदाता सूची से बाहर नहीं किया जाना चाहिए।
Form 6 में बदलाव को लेकर युवाओं का मुद्दा उठाया
कांग्रेस अध्यक्ष ने नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाले Form 6 में किए गए बदलावों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।
खड़गे ने इसकी तुलना 1988 में राजीव गांधी सरकार के उस फैसले से की, जिसमें मतदान की उम्र 21 साल से घटाकर 18 साल की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अब मोदी सरकार युवाओं के लिए मतदान के अधिकार का इस्तेमाल करना मुश्किल बनाना चाहती है।
खड़गे ने कहा, 'उन्होंने नौकरियां नहीं दीं, अब वे मतदान का अधिकार नहीं चाहते।' उन्होंने दावा किया कि Form 6 से जुड़े बदलाव पूरी तरह गैरकानूनी हैं और इससे युवाओं के मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है।


