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Mallikarjun Kharge: पीएम मोदी को 'आतंकवादी' कहने के आरोप में घिरे खड़गे, विशेषाधिकार समिति तक पहुंचा मामला
Mallikarjun Statement On modi कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए गए विवादित बयान को लेकर विवाद गहरा गया है। मामले में विशेषाधिकार समिति को शिकायत सौंपी गई है, जबकि खड़गे ने अपने बयान पर सफाई भी दी है।
Mallikarjun Statement On Modi:कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मामला अब आगे बढ़ गया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के छह राज्यसभा सांसदों ने उन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया था। अब इस मामले को जांच के लिए विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया गया है।
बीजेपी सांसदों ने उठाया मुद्दा
बीजेपी के सांसद बृज लाल, मिथिलेश कुमार, सुमित्रा बाल्मिक, शिवेश कुमार, डॉ. सिकंदर कुमार और नागेंद्र राय ने संयुक्त रूप से यह नोटिस दाखिल किया था। सांसदों का कहना है कि खड़गे की टिप्पणी संसदीय परंपराओं और सदन की गरिमा के अनुरूप नहीं है। उनका आरोप है कि प्रधानमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना संसद की मर्यादा के खिलाफ है। इसलिए इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
सभापति ने समिति को भेजा मामला
मामले की समीक्षा के बाद राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने इसे विशेषाधिकार समिति के पास भेजने का फैसला लिया। 16 जून 2026 को राज्यसभा की कार्यवाही एवं कार्य संचालन नियमावली के नियम 203 के तहत यह मामला जांच और रिपोर्ट तैयार करने के लिए समिति को सौंपा गया। अब विशेषाधिकार समिति पूरे मामले की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट सभापति को सौंपेगी। इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की संसदीय कार्रवाई तय की जाएगी।
नियम 188 के तहत दिया गया था नोटिस
बीजेपी सांसदों ने राज्यसभा की कार्यवाही एवं कार्य संचालन नियमावली के नियम 188 के तहत यह नोटिस दाखिल किया था। नोटिस में कहा गया कि मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगातार और जानबूझकर ऐसी टिप्पणियां कीं, जिनसे संसद और उसके सदस्यों की गरिमा प्रभावित हुई है।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
इस पूरे विवाद की शुरुआत 22 अप्रैल को चेन्नई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद हुई थी। उस दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे ने एआईएडीएमके और बीजेपी के गठबंधन पर निशाना साधते हुए कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए 'आतंकवादी' शब्द का इस्तेमाल किया था। इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया। बीजेपी ने इसे प्रधानमंत्री के पद का अपमान बताते हुए कड़ा विरोध किया। वहीं, कांग्रेस की ओर से बाद में यह कहा गया कि खड़गे के बयान का गलत अर्थ निकाला गया है।
अब क्या होगा आगे?
अब सभी की नजरें विशेषाधिकार समिति की जांच पर टिकी हैं। समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है और दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।


