17 हजार से आगे थीं ममता, फिर कैसे ढह गया दीदी का किला? जानें पूरी डिटेल

West Bengal Election Result 2026: पश्चिम बंगाल की सत्ता पर 15 साल तक काबिज रहने के बाद ममता बनर्जी की सरकार इस बार पूरी तरह से बदल गई। इस चुनाव में न सिर्फ उनकी सरकार चली गई बल्कि लगातार दूसरे चुनाव में शुभेंदु अधिकारी से हार ने उनके राजनीतिक करियर पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

Aditya Kumar Verma
Published on: 5 May 2026 10:08 AM IST
West Bengal Election Result 2026
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West Bengal Election Result 2026: पश्चिम बंगाल की सत्ता पर 15 साल तक काबिज रहने के बाद ममता बनर्जी की सरकार इस बार पूरी तरह से बदल गई। इस चुनाव में न सिर्फ उनकी सरकार चली गई बल्कि लगातार दूसरे चुनाव में शुभेंदु अधिकारी से हार ने उनके राजनीतिक करियर पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। पांच साल पहले नंदीग्राम में हार झेलने के बाद इस बार उन्हें अपने ही गढ़ भवानीपुर में भी हार का सामना करना पड़ा। जिसके बाद ये सवाल उठने लगे हैं कि 17 हजार वोटों के मार्जिन को पार कार के बाद ममता बनर्जी कैसे हार गईं। आइए इसकी पड़ताल करते हैं।

टीएमसी की बड़ी हार

दरअसल, इस चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को सत्ता विरोधी लहर, धार्मिक ध्रुवीकरण और भाजपा कार्यकर्ताओं की लगातार मेहनत का भारी नुकसान उठाना पड़ा। टीएमसी महज 80 सीटों पर सिमट गई जबकि भाजपा ने 200 से ज्यादा सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया। इस परिणाम ने बंगाल की सियासत की पूरी तस्वीर बदल दी है।

वहीं मतदान के दिन भी ममता बनर्जी को भवानीपुर में एक बूथ से दूसरे बूथ तक लगातार दौड़ते हुए देखा गया। इसी दौरान राजनीतिक विश्लेषकों को यह संकेत मिल गया था कि मुकाबला आसान नहीं रहने वाला है और ममता बनर्जी दबाव में हैं।

काउंटिंग सेंटर में पांच घंटे मौजूद रहीं ममता

वहीं काउंटिंग के दिन ममता बनर्जी साखावत मेमोरियल हाई स्कूल में बने काउंटिंग सेंटर में पांच घंटे से ज्यादा समय तक खुद मौजूद रहीं। यह उनके पिछले चुनावों की तुलना में अलग तस्वीर थी, जहां वह अपेक्षाकृत शांत नजर आती थीं।

वहीं 18वें राउंड की गिनती के बाद जब ममता बनर्जी करीब 11 हजार वोट से पीछे चल रही थीं तो वह काउंटिंग सेंटर से बाहर निकल गईं। उसके बाद में शुभेंदु अधिकारी को 15105 वोट से विजेता घोषित किया गया। बाहर निकलते समय ममता बनर्जी ने अपने साथ बदसलूकी का आरोप लगाया और कहा कि उन्हें लात मारी गई।

राउंड दर राउंड बदलता रहा मुकाबला

वहीं भवानीपुर सीट पर मुकाबला बेहद रोमांचक रहा और हर राउंड के साथ स्थिति बदलती रही। शुरुआती राउंड में भाजपा आगे नजर आई और दूसरे राउंड के बाद शुभेंदु अधिकारी 1458 वोट से बढ़त में आ गए। तीसरे राउंड के बाद ममता बनर्जी 898 वोट से आगे निकल गईं। जिसके बाद सातवें राउंड तक उन्होंने अपनी बढ़त 17 हजार से ज्यादा कर ली थी जिससे लगा कि वह सीट बचा लेंगी।

अंतिम दौर में पलट गई बाजी

हालांकि इसके बाद मुकाबला पूरी तरह बदल गया। 13वें राउंड तक ममता बनर्जी 5349 वोट से आगे थीं लेकिन 16वें राउंड में शुभेंदु अधिकारी 554 वोट से बढ़त में आ गए। वहीं 17वें राउंड में यह बढ़त 6226 वोट तक पहुंच गई। 18वें राउंड में अंतर 10994 वोट का हो गया और अंत में यह बढ़त 15105 वोट तक पहुंचकर शुभेंदु अधिकारी की जीत में बदल गई।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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