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'दीदी' का पॉलिटिकल ड्रामा! ममता बनर्जी पर चाकू से हमले का दावा झूठा, कोलकाता पुलिस ने क्या कुछ कहा?
तृणमूल कांग्रेस ने ममता बनर्जी पर चाकू से हमले की कोशिश का आरोप लगाया, जबकि कोलकाता पुलिस कमिश्नर ने इसे खारिज कर दिया।
Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के घर के बाहर मंगलवार 15 अक्टूबर शाम हुई एक घटना को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई। तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने आरोप लगाया कि दुर्गा पूजा का उद्घाटन करने जा रहीं ममता बनर्जी पर एक महिला ने चाकू से हमला करने की कोशिश की।
हालांकि, आज यानी 14 अक्टूबर को कोलकाता के पुलिस कमिश्नर अजय कुमार नंद ने बुधवार को इन आरोपों को खारिज कर दिया। उनका कहना है कि शुरुआती जांच में शिकायत में कोई ठोस आधार या सच्चाई नहीं मिली है। पुलिस ने घटना से जुड़ी महिला को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है।
क्या ममता बनर्जी पर सच में हुआ था हमला?
यह घटना मंगलवार शाम करीब 6 बजे ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास के बाहर हुई। तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का आरोप है कि ममता बनर्जी अपने घर के पास स्थित मिलन संघ में दुर्गा पूजा का उद्घाटन करने जा रही थीं, तभी एक महिला वहां पहुंची और आक्रामक व्यवहार करने लगी। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि महिला के पास चाकू था और उसने ममता बनर्जी पर हमला करने की कोशिश की।
राज्यसभा सांसद डोला सेन ने भी इस मामले में आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि महिला ने खुद को सिविक पुलिस वॉलंटियर बताया था और ममता बनर्जी की रिश्तेदार होने की बात भी कही थी। शिकायत के मुताबिक, महिला ने आवास के प्रवेश द्वार पर कथित तौर पर गाली-गलौज की और सड़क पर लेट गई। डोला सेन ने इस घटना की शिकायत कालीघाट पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई।
पुलिस कमिश्नर ने आरोपों को किया खारिज
मामले पर सफाई देते हुए कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय कुमार नंद ने कहा कि महिला ममता बनर्जी से मिलने पहुंची थी, लेकिन वहां मौजूद समर्थकों को उसका व्यवहार कुछ और लगा। उनके मुताबिक, इसे हमला कहना सही नहीं है।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने महिला को पकड़ लिया था। बाद में घटना की परिस्थितियों की जांच की गई, जिसके बाद पूरे मामले को समझा गया। उन्होंने शिकायत पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसमें कोई ठोस आधार या सच्चाई नहीं है।
पुलिस के इस बयान के बाद घटना को लेकर सामने आए आरोपों और आधिकारिक पक्ष के बीच अंतर साफ दिखाई दे रहा है। जहां तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने हमले की कोशिश का दावा किया है, वहीं पुलिस कमिश्नर ने इसे हमला मानने से इनकार किया है।
कौन है गिरफ्तार की गई महिला?
पार्टी नेताओं ने महिला की पहचान तन्निष्ठा साहा के रूप में बताई है। उनके मुताबिक, वह सिविक पुलिस वॉलंटियर है। नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि महिला नशे के प्रभाव में थी। हालांकि, ये दावे तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और शिकायत में लगाए गए आरोपों का हिस्सा हैं। पुलिस कमिश्नर के बयान में इन आरोपों की पुष्टि नहीं की गई है।
जानकारी के मुताबिक, महिला कथित तौर पर करीब एक साल से ड्यूटी से अनुपस्थित थी। घटना के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वह ममता बनर्जी के आवास पर किस मकसद से पहुंची थी और वहां वास्तव में क्या हुआ था।
ममता बनर्जी की सुरक्षा को लेकर भी उठे सवाल
शिकायत में ममता बनर्जी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई गई है। ममता बनर्जी को Z-प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। शिकायत के अनुसार, महिला उनके पास आक्रामक तरीके से पहुंची थी, जिससे सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े हुए।
फिलहाल, इस पूरे मामले में तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के आरोप और पुलिस कमिश्नर का बयान अलग-अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं। पार्टी नेताओं ने जहां चाकू से हमले की कोशिश का आरोप लगाया है, वहीं पुलिस ने कहा है कि महिला ममता बनर्जी से मिलने आई थी और शिकायत में कोई सच्चाई नहीं मिली। घटना की जांच के बीच अब यह देखना होगा कि पुलिस की आगे की पड़ताल में क्या तथ्य सामने आते हैं।


