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“मुझे जान से मारना…”, BJP को Mamata Banerjee की खुली चुनौती! TMC के बागियों को भी ललकारा
Mamata Challenge BJP: भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए ममता बनर्जी ने कहा, "अगर मुझे चुप कराना है तो मुझे जान से मारना होगा।" टीएमसी छोड़ने वाले बागी नेताओं को भी उन्होंने खुली चुनौती दी। जानिए पूरे बयान और पश्चिम बंगाल की सियासत में मचे घमासान की पूरी कहानी।
Image Source- Ai
Mamata Challenge BJP: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party-BJP) पर बड़ा हमला बोला है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा लगातार उनकी पार्टी के नेताओं को प्रताड़ित कर रही है, लेकिन वह किसी भी कीमत पर चुप नहीं बैठेंगी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर भाजपा उन्हें चुप कराना चाहती है तो उसे उन्हें जान से मारना होगा। इस दौरान उन्होंने पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए बागी नेताओं पर भी तीखा हमला बोला।
डेरेक ओ'ब्रायन ने शेयर किया वीडियो
ममता बनर्जी का यह वीडियो तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ'ब्रायन (Derek O'Brien) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर साझा किया है।
यहां शुक्रवार को जारी इस वीडियो संदेश में ममता बनर्जी ने सीधे तौर पर भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि उनकी पार्टी को डराने, धमकाने और तोड़ने की लगातार कोशिश की जा रही है।
उनका यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब तृणमूल कांग्रेस छोड़ने वाले पार्टी के तीन पूर्व सांसद भाजपा में शामिल हो चुके हैं और भाजपा ने उन्हें पश्चिम बंगाल में होने वाले राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार भी घोषित कर दिया है।
"अगर मुझे चुप कराना है तो मुझे मारना होगा"
वीडियो संदेश में ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा ने उनकी पार्टी को कमजोर करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है।
उन्होंने कहा, "अगर मुझे चुप करना है, तो तुम्हें मुझे मारना होगा। हां, तुमने इसके लिए अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ी।"
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को जानबूझकर निशाना बनाया गया और उनका अपमान किया गया।
उन्होंने कहा, "आपने किसे नहीं प्रताड़ित किया। आपने महुआ (Mahua), अभिषेक (Abhishek) और कल्याण (Kalyan) पर हमले किए। यहां तक कि आपने मेरे घर पर भी हमला किया।"
TMC नेताओं के साथ अमानवीय व्यवहार का आरोप
ममता बनर्जी ने हिरासत में बंद अपनी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की स्थिति को लेकर भी नाराजगी जताई।
उन्होंने आरोप लगाया कि लॉकअप (Lock-up) में उनके सहयोगियों के साथ बेहद क्रूर और अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि उनके कई सहयोगी इस समय लॉकअप में बंद हैं और उन्हें फर्श पर सोने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
ममता बनर्जी ने दावा किया कि कुछ नेताओं की कमर में रस्सी बांधकर और पैरों में बेड़ियां डालकर घुमाया जा रहा है। कुछ लोगों के सिर मुंडवा दिए गए हैं, जबकि कुछ पर बेहद गंदी चीजें फेंकी गई हैं। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं का जिक्र करना भी शर्मनाक है।
बागी नेताओं को भी दी दो टूक नसीहत
ममता बनर्जी ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर भी तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि विश्वास से बड़ी कोई चीज नहीं होती, लेकिन कुछ नेता जनता के भरोसे को तोड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जो लोग राजनीतिक खेल खेल रहे हैं, वे अपना फैसला कर लें। या तो तृणमूल कांग्रेस में रहकर पार्टी के साथ काम करें या फिर सीधे भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो जाएं। मझधार में रहने से कुछ हासिल नहीं होगा।
ममता बनर्जी ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि जो लोग जाना चाहते हैं, वे खुलकर भाजपा में जाएं, लेकिन तृणमूल कांग्रेस में रहने का दिखावा करते हुए भाजपा के लिए काम न करें और पार्टी कार्यकर्ताओं को गुमराह करना बंद करें।
BJP ने तीन पूर्व टीएमसी सांसदों को बनाया उम्मीदवार
इस पूरे घटनाक्रम के बीच भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल में 24 जुलाई को होने वाले राज्यसभा उपचुनाव के लिए तृणमूल कांग्रेस के तीन पूर्व सांसदों सुष्मिता देव (Sushmita Dev), सुखेंदु शेखर रॉय (Sukhendu Sekhar Roy) और प्रकाश चिक बराइक (Prakash Chik Baraik) को अपना उम्मीदवार घोषित किया है।
ये तीनों नेता कुछ घंटे पहले ही तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे।
राजनीतिक संकट के बीच आया ममता का बयान
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की सत्ता गंवाने के बाद ममता बनर्जी अपनी 28 वर्ष पुरानी पार्टी के सबसे बड़े राजनीतिक संकट का सामना कर रही हैं।
पार्टी के कई सांसद, विधायक और वरिष्ठ नेता विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी (Ritabrata Banerjee) के नेतृत्व वाले बागी गुट में शामिल हो चुके हैं।
इसी बीच भाजपा ने राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। इन सीटों पर 24 जुलाई को मतदान होगा और मतगणना भी उसी दिन की जाएगी।


