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दिल्ली खुद दौड़कर आएगी कोलकाता... बुलडोजर एक्शन पर गुस्साईं ममता बनर्जी, कहीं ये मैसेज INDIA गठबंधन को भी तो नहीं?
ममता बनर्जी ने कहा कि वह कोलकाता छोड़कर कहीं नहीं जा रही हैं और दिल्ली खुद दौड़कर कोलकाता आएगी।
Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में अपने एक बयान से सियासी हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह कहीं नहीं जा रही हैं और कोलकाता में ही रहेंगी। ममता ने कहा, 'मैं कहीं नहीं जा रही हूं। मैं यहीं कोलकाता में रहूंगी। दिल्ली खुद दौड़कर कोलकाता आएगी।' हालांकि, ये बयान ममता नेबुलडोजर कार्रवाई पर दी, लेकिन इसे उनकी राजनीति में एक तीन से दो निशाने के तौर पर देखा जा रहा है।
उनके इस बयान को INDIA ब्लॉक के सहयोगी दलों के लिए भी एक राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। इसके जरिए ममता ने संकेत दिया है कि वह अपनी राजनीतिक जमीन छोड़कर दिल्ली की राजनीति की ओर जाने के बजाय बंगाल में ही अपनी लड़ाई जारी रखेंगी। हालांकि, उन्होंने अपने बयान में INDIA ब्लॉक का सीधे तौर पर नाम नहीं लिया।
बुलडोजर कार्रवाई पर ममता की धरने की चेतावनी
ममता बनर्जी ने कोलकाता में दुकानों और फुटपाथ पर बने ढांचों को हटाने के लिए की जा रही बुलडोजर कार्रवाई पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं। ममता का कहना है कि अदालत ने बिना पहले नोटिस दिए बुलडोजर चलाने पर रोक लगाई है, इसके बावजूद कार्रवाई की जा रही है।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इसी तरह बुलडोजर चलाया गया तो वह खुद धरने पर बैठ जाएंगी। उन्होंने कहा कि जहां से बुलडोजर चलाया जाएगा, वहां से कालीघाट मंदिर तक वह विरोध प्रदर्शन करेंगी। साथ ही लोगों से अपील की कि वे सड़क पर खड़े होकर रास्ता जाम न करें और आम लोगों की आवाजाही में बाधा न डालें।
त्योहारों के बाद बातचीत से निकल सकता था रास्ता
ममता बनर्जी ने सवाल उठाया कि दुर्गा पूजा, दिवाली और भाई फोटा जैसे त्योहारों के बीच इस तरह की कार्रवाई करने की क्या जरूरत थी। उनका कहना था कि प्रशासन त्योहार खत्म होने तक इंतजार कर सकता था और उसके बाद बातचीत के जरिए विवाद का समाधान निकाला जा सकता था।
उन्होंने कहा कि फुटपाथ पर बने किसी ढांचे को अचानक गिरा देना सही तरीका नहीं है। अगर संबंधित लोगों ने सहयोग किया था तो प्रशासन को बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए था। ममता के मुताबिक, इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ रहे लोग जुर्माना देने के लिए भी तैयार थे। उन्होंने यह भी कहा कि अभिषेक बनर्जी भी इस मामले को आपसी सहमति से सुलझाने के पक्ष में हैं।
शनिवार-रविवार को कार्रवाई करने पर भी उठाए सवाल
ममता ने अधिकारियों पर आरोप लगाया कि वे जानबूझकर शनिवार और रविवार को गिरफ्तारियां करते हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश का हवाला देते हुए कहा कि अदालतों के निर्देशों का पालन किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि जब हाईकोर्ट की ओर से बिना नोटिस बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगाने का आदेश मौजूद है, तो अधिकारियों को मनमानी नहीं करनी चाहिए।
INDIA ब्लॉक के लिए क्या है ममता के बयान का संदेश?
ममता बनर्जी का 'दिल्ली खुद दौड़कर कोलकाता आएगी' वाला बयान सिर्फ बंगाल तक सीमित राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा सकता है। INDIA ब्लॉक के भीतर अलग-अलग दलों की अपनी राजनीतिक प्राथमिकताएं और रणनीतियां हैं। ऐसे में ममता का यह कहना कि वह कोलकाता छोड़कर कहीं नहीं जा रही हैं, उनकी बंगाल केंद्रित राजनीति को रेखांकित करता है।
उनके बयान से यह संकेत निकलता है कि वह अपनी राजनीतिक ताकत और पहचान का केंद्र पश्चिम बंगाल को ही बनाए रखना चाहती हैं। दिल्ली की राजनीति में अपनी भूमिका को लेकर अटकलों के बीच ममता ने फिलहाल यह साफ कर दिया है कि उनकी प्राथमिकता कोलकाता और बंगाल की राजनीति है। हालांकि, INDIA ब्लॉक के लिए इसे किसी औपचारिक संदेश या गठबंधन के भीतर किसी फैसले के तौर पर देखना अभी जल्दबाजी होगी।


