ममता दीदी को SC से बड़ा झटका! TMC के 440 करोड़ फ्रीज का फैसला बरकरार, बढ़ी मुश्किलें

SC on TMC Freezed Accounts: सुप्रीम कोर्ट से ममता बनर्जी की पार्टी TMC को बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने ₹440 करोड़ से जुड़े HDFC बैंक खातों पर लगी पाबंदी के मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट की व्यवस्था को बरकरार रखा है।

Harsh Srivastava
Published on: 11 Aug 2026 5:51 PM IST
ममता दीदी को SC से बड़ा झटका! TMC के 440 करोड़ फ्रीज का फैसला बरकरार, बढ़ी मुश्किलें
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SC on TMC Freezed Accounts: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के HDFC बैंक खातों पर लगी पाबंदियों के मामले में देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट से पार्टी को कोई तात्कालिक राहत नहीं मिल सकी है। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की विशेष पीठ ने कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश को पूरी तरह संतुलित करार देते हुए TMC द्वारा दाखिल की गई याचिकाओं का अंतिम रूप से निपटारा कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट रूप से कहा है कि इस पूरे विवाद से जुड़े सभी कानूनी और तथ्यात्मक मुद्दों को हाई कोर्ट में लंबित मुख्य याचिका के अंतर्गत ही उठाया जाना चाहिए।

दैनिक खर्चों के लिए हाई कोर्ट की व्यवस्था लागू

सुनवाई के दौरान जस्टिस सुंदरेश ने इस बात पर जोर दिया कि कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा 9 जुलाई को जारी किए गए निर्देशों से पार्टी का दैनिक कामकाज बिल्कुल नहीं रुकेगा। हाई कोर्ट ने पहले ही एक विशेष अधिकारी (स्पेशल ऑफिसर) की नियुक्ति कर दी थी, ताकि पार्टी के जरूरी और रोजमर्रा के प्रशासनिक खर्चों के लिए बैंक खातों से सीमित निकासी की जा सके। शीर्ष अदालत ने माना कि यह अंतरिम प्रबंध निष्पक्ष है और इससे पार्टी की सामान्य गतिविधियां संचालित होती रहेंगी।

440 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन का मामला

प्रवर्तन निदेशालय (ED) का दावा है कि TMC के इन 3 HDFC बैंक खातों में लगभग 440 करोड़ रुपये की विशाल धनराशि जमा है। केंद्रीय जांच एजेंसी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और अवैध फंड ट्रांसफर की पड़ताल के तहत की गई है। जांच में आरोप सामने आया है कि अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच केयरवेल एविएशन इंडिया (Carewell Aviation India) तथा उससे संबंधित एक अन्य संस्था को करोड़ों रुपये की राशि भेजी गई थी। कथित तौर पर यह पैसा विमान और हेलीकॉप्टर की खरीद-फरोख्त से जुड़ा हुआ था।

FIR से लेकर बैंक खाते फ्रीज होने तक का घटनाक्रम

इस पूरे कानूनी विवाद की शुरुआत 18 जून 2026 को हुई थी, जब पश्चिम बंगाल के विधायक बिस्वनाथ दास ने विधाननगर साइबर क्राइम थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप था कि अनुचित तरीकों से कमाया गया धन और संदिग्ध रकम तीन HDFC खातों में जमा कराई गई। पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के तुरंत बाद 23 जून को ED ने इस मामले में ECIR दर्ज कर अपनी जांच तेज कर दी। इसके बाद 7 जुलाई को छापेमारी और गहन जांच के बाद TMC से जुड़े इन खातों सहित कुल 6 बैंक खातों पर रोक लगा दी गई थी।

TMC का विरोध और हाई कोर्ट का कड़ा रुख

तृणमूल कांग्रेस ने ED की इस कठोर कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हुए इसे पूरी तरह से मनमाना और बिना ठोस आधार का फैसला बताया था। हालांकि, कलकत्ता हाई कोर्ट ने खातों से पूरी तरह से लेन-देन की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया और केवल स्पेशल ऑफिसर की देखरेख में जरूरी खर्च चलाने की मंजूरी दी। अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा भी हाई कोर्ट के इस आदेश को सही ठहराए जाने के बाद TMC को मुख्य याचिका की सुनवाई में ही अपना पक्ष मजबूत करना होगा।

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हर्ष श्रीवास्तव वाराणसी के रहने वाले पत्रकार और डिजिटल कंटेंट प्रोफेशनल हैं। वर्तमान में वे लखनऊ स्थित न्यूज़ट्रैक में डेस्क इंचार्ज के पद पर कार्यरत हैं। यहां वे कंटेंट प्लानिंग, एडिटोरियल कोऑर्डिनेशन, न्यूज़रूम संचालन के साथ-साथ रिसर्च आधारित एक्सप्लेनर, न्यूज़ फीचर और विश्लेषणात्मक लेख तैयार करते हैं। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है। उन्होंने वर्ष 2023 में पत्रकारिता की शुरुआत की और हिन्दुस्तान, टाइम्स इंटरनेट, इंडिया न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। वाराणसी, दिल्ली और लखनऊ में काम करने के दौरान उन्हें रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और डिजिटल पत्रकारिता का अनुभव प्राप्त हुआ। हर्ष की विशेष रुचि राजनीति, चुनाव, अपराध, सार्वजनिक नीति, सुशासन और समसामयिक विषयों पर शोध-आधारित पत्रकारिता में है। वे गहन रिसर्च, फैक्ट-चेकिंग और सरल भाषा के माध्यम से जटिल विषयों को पाठकों तक सटीक, विश्वसनीय और प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास करते हैं।

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