‘देश को अगला पाकिस्तान बनाना...’, अभिजीत दीपके पर भड़के मनोज मुंतशिर, ध्रुव राठी को भी घेरा

Manoj Muntashir Targets CJP: गीतकार मनोज मुंतशिर ने वोट चोरी के मुद्दे पर विरोध कर रहे युवाओं को नसीहत दी। अभिजीत दीपके पर युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया और यूट्यूबर ध्रुव राठी पर भी निशाना साधा।

Aditya Kumar Verma
Published on: 9 Oct 2026 8:56 PM IST
Manoj Muntashir Targets Abhijeet Dipke and Dhruv Rathee
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Manoj Muntashir Targets CJP: देश में वोट चोरी (Vote Chori) के आरोपों को लेकर जारी सियासी बहस के बीच गीतकार मनोज मुंतशिर ने विरोध प्रदर्शन कर रहे युवाओं को नसीहत दी है। करीब 8 मिनट 42 सेकंड के एक वीडियो में मनोज मुंतशिर ने प्रदर्शन के मुद्दे पर अपनी बात रखी और अभिजीत दीपके पर युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने यूट्यूबर ध्रुव राठी पर भी निशाना साधा।

मनोज मुंतशिर ने कहा कि किसी भी मुद्दे को लेकर सड़क पर उतरने से पहले युवाओं को यह समझना चाहिए कि उन्हें कौन आगे कर रहा है और इसके पीछे मकसद क्या है। वीडियो में उन्होंने वोट चोरी के आरोपों से लेकर चुनाव आयोग (Election Commission), भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विपक्षी दलों तक पर तीखी बातें कहीं।

अभिजीत दीपके पर युवाओं को गुमराह करने का आरोप

मनोज मुंतशिर ने वीडियो की शुरुआत युवाओं को संबोधित करते हुए की। उन्होंने कहा कि वोट चोरी के मुद्दे पर विरोध करने से पहले युवाओं को तथ्यों को समझना चाहिए। इसके बाद उन्होंने अभिजीत दीपके को निशाने पर लिया।

मनोज ने आरोप लगाया कि अभिजीत दीपके अरविंद केजरीवाल की टीम से जुड़े रहे हैं और आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) की चुनावी हार के बाद सत्ता में वापसी की कोशिशों के लिए युवाओं की ऊर्जा का इस्तेमाल किया जा रहा है।

मनोज ने पंजाब और हिमाचल प्रदेश के स्कूलों की स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन राज्यों में कांग्रेस या आम आदमी पार्टी की सरकार है, वहां की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन करने वाले लोग आवाज क्यों नहीं उठाते।

उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा अपने समर्थकों और फंडिंग करने वालों को नाराज होने से बचाने के लिए किया जाता है। ये सभी बातें मनोज मुंतशिर ने अपने वीडियो में आरोप और अपने विचार के तौर पर कही हैं।

ध्रुव राठी पर भी मनोज मुंतशिर का निशाना

मनोज मुंतशिर ने वीडियो में यूट्यूबर ध्रुव राठी का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की उपलब्धियों और सफलताओं को लेकर ध्रुव राठी की ओर से वैसा उत्साह नहीं दिखाया जाता, जैसा दिखना चाहिए।

मनोज ने मंगलयान से लेकर सैन्य उपलब्धियों तक का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब देश की तारीफ करने का मौका होता है, तब ध्रुव राठी की टाइमलाइन पर वैसा उत्साह नजर नहीं आता।

हालांकि, ये मनोज मुंतशिर के अपने आरोप और विचार हैं। उन्होंने वीडियो में युवाओं से अपील की कि वे किसी की बात को आंख बंद करके न मानें, बल्कि अपनी समझ और विवेक के आधार पर किसी मुद्दे पर फैसला करें।

‘देश को अगला नेपाल, पाकिस्तान या बांग्लादेश बनाना चाहते हैं’

विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करने वालों पर भी मनोज मुंतशिर ने तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि युवाओं के इस विरोध का नेतृत्व जयप्रकाश नारायण या अन्ना हजारे जैसे लोग नहीं कर रहे हैं।

मनोज ने आरोप लगाया कि इसके बजाय कुछ बेईमान, चालाक और मौकापरस्त लोग इस विरोध का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कुछ लोग युवाओं की ताकत के दम पर देश को अगला नेपाल, पाकिस्तान या बांग्लादेश बनाना चाहते हैं।

उन्होंने युवाओं से सवाल किया कि क्या वे भी ऐसा ही देश चाहते हैं। मनोज मुंतशिर ने यह भी स्पष्ट किया कि वह भारतीय जनता पार्टी के सदस्य नहीं हैं और न ही उनका सरकार से कोई संबंध है।

हालांकि, उन्होंने कहा कि सच, सेना और सनातन में विश्वास के चलते उनकी विचारधारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और बीजेपी से मेल खाती है।

‘अगर चुनाव आयोग बीजेपी के साथ है तो यूपी में पार्टी कैसे हारी?’

वोट चोरी के आरोपों और चुनाव आयोग की भूमिका पर भी मनोज मुंतशिर ने सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि अगर चुनाव आयोग पूरी तरह बीजेपी के प्रभाव में काम करता है, तो पार्टी कई राज्यों में सत्ता से बाहर कैसे है।

उन्होंने तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, झारखंड, कर्नाटक, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर का उदाहरण दिया। मनोज का तर्क था कि अगर चुनाव आयोग पूरी तरह बीजेपी के पक्ष में काम करता, तो बीजेपी इन राज्यों में भी चुनाव जीतती।

उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2024) में उत्तर प्रदेश के नतीजों का भी जिक्र किया। मनोज मुंतशिर के मुताबिक, उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में बीजेपी और उसके सहयोगियों को 36 सीटें मिलीं, जबकि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने मिलकर 43 सीटें जीतीं।

उन्होंने सवाल उठाया कि अगर चुनाव आयोग बीजेपी के पक्ष में काम कर रहा होता, तो उत्तर प्रदेश में पार्टी को ऐसा झटका कैसे लगता।

बंगाल का उदाहरण देकर बताया लोकतंत्र का मतलब

मनोज मुंतशिर ने पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि 2016 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को राज्य में सिर्फ तीन सीटें मिली थीं, लेकिन बाद के चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन बेहतर होता गया।

उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उदाहरण बताया। मनोज के मुताबिक, चुनाव जीतने के लिए किसी भी राजनीतिक पार्टी को जनता के बीच जाना पड़ता है, अपनी नीतियां समझानी पड़ती हैं और लोगों का भरोसा जीतना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता कभी किसी पार्टी को सत्ता सौंपती है, तो कभी उससे सत्ता छीन भी लेती है। मनोज के मुताबिक, इसे लोकतंत्र की सामान्य प्रक्रिया के तौर पर देखा जाना चाहिए।

‘प्रदर्शन कर रहे युवाओं को देशविरोधी नहीं मानता’

वीडियो के आखिर में मनोज मुंतशिर ने प्रदर्शन कर रहे युवाओं को लेकर अपना रुख भी साफ किया। उन्होंने कहा कि वह प्रदर्शन कर रहे युवाओं को देशविरोधी नहीं मानते, बल्कि उन्हें देश के प्रति सकारात्मक सोच रखने वाला मानते हैं।

हालांकि, उन्होंने युवाओं से अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल सोच-समझकर करने की अपील की। उनका कहना था कि किसी भी व्यक्ति या विचारधारा को बिना सवाल किए स्वीकार नहीं करना चाहिए।

मनोज ने युवाओं से कहा कि किसी भी मुद्दे पर सड़क पर उतरने से पहले उन्हें यह समझना चाहिए कि उन्हें कौन आगे कर रहा है और उसके पीछे क्या मकसद है। उनके इस वीडियो में वोट चोरी के आरोपों, चुनाव आयोग, बीजेपी, विपक्षी दलों और प्रदर्शन से जुड़े कई मुद्दों पर उनके विचार सामने आए हैं।

अब मनोज मुंतशिर के इस वीडियो के बाद वोट चोरी के मुद्दे पर सियासी बहस और तेज होने की संभावना है। अभिजीत दीपके और ध्रुव राठी को लेकर लगाए गए उनके आरोपों के साथ-साथ चुनाव आयोग के बचाव में दिए गए उनके तर्कों पर आगे किस तरह की राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आती हैं, इस पर भी नजर रहेगी।

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Aditya Kumar Verma

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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