फरारी की कीमत में तैयार हुआ MiG-21, 67 साल की सेवा के बाद क्यों हुआ सेना से बाहर?

एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह अपनी अंतिम उड़ान पर सवार हुए। मिलिट्री एविएशन के इतिहास में मिग-21 को हमेशा याद किया जाएगा, क्योंकि इसका कोई दूसरा मुकाबला नहीं था।

Shivam Shrivastava
Published on: 26 Sept 2025 6:56 PM IST
फरारी की कीमत में तैयार हुआ MiG-21, 67 साल की सेवा के बाद क्यों हुआ सेना से बाहर?
X

आज मिग-21, पहला सुपरसोनिक फाइटर जेट, इतिहास का हिस्सा बन गया। छह दशकों तक अपनी वीरता और साहस की अनगिनत कहानियां लिखने वाले इस फाइटर जेट को चंडीगढ़ एयर बेस से अंतिम विदाई दी गई। एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने इसकी आखिरी उड़ान में भाग लिया। मिलिट्री एविएशन के इतिहास में मिग-21 की एक अलग पहचान रहेगी, क्योंकि इसके जैसा दूसरा कोई फाइटर जेट नहीं बना।

दुनिया भर में करीब 11,500 मिग-21 जेट्स इस्तेमाल हुए, जिनमें सबसे अधिक मिग-21 भारतीय वायुसेना ने इस्तेमाल किए। भारतीय वायुसेना में कुल 374 मिग-21 शामिल हुए, जिन्होंने 16 लाख घंटे से अधिक की उड़ान भरी। इस फाइटर जेट को विदाई देने के लिए वही स्थान चुना गया, जहां यह पहली बार आया था चंडीगढ़।

मिग-21 का सफर

• 1962: भारत-चीन युद्ध के बाद भारतीय वायुसेना को मिग-21 फाइटर जेट मिले।

• 1971: मिग-21 ने ढाका में गवर्नमेंट हाउस पर रॉकेट दागे थे, जिसके बाद पाकिस्तान को युद्ध में आत्मसमर्पण करना पड़ा था।

• 1965, 1971, और 1999: मिग-21 ने इन युद्धों में अहम भूमिका निभाई।

• 2019: मिग-21 ने अपना आखिरी शिकार एफ-16 फाइटर जेट को किया, जब ग्रुप कैप्टन अभिनंदन ने एयर स्ट्राइक के दौरान उसे गिराया था।

एक फरारी कार की कीमत में तैयार हुआ मिग-21

मिग-21, सोवियत युग का यह फाइटर विमान, कम लागत में तैयार हुआ था। इसकी कीमत उस समय महज 3.32 करोड़ रुपये थी, जो एक फरारी कार की कीमत (3.76 करोड़ रुपये से 7.50 करोड़ रुपये) से भी कम थी। रूस ने इसे बेहद किफायती दाम में तैयार किया था, जो आज भी उसकी एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।

1 / 5
Your Score0/ 5
Shivam Shrivastava
ABOUT THE AUTHOR

Shivam Shrivastava

Former Content Writer Mail ID - shivam09231@gmail.comshivam09231@gmail.com

शिवम उत्तर प्रदेश के एक युवा और उभरते पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 4 वर्षों का अनुभव प्राप्त है। वे राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और हाइपरलोकल खबरों की गहरी समझ रखते हैं और समसामयिक मुद्दों पर सटीक व प्रभावशाली रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। उनकी विशेष रुचि डाटा-ड्रिवन पत्रकारिता और विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग में है, जिससे उनकी खबरें अधिक तथ्यात्मक और विश्वसनीय बनती हैं। वे जमीनी स्तर की रिपोर्टिंग के साथ-साथ डिजिटल मीडिया के बदलते स्वरूप को भी समझते हैं। लेखन और रिसर्च में उनकी मजबूत पकड़ उन्हें एक सक्षम और जिम्मेदार पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।

Next Story