मोदी-ट्रंप के पुतले जलाकर... भारत-US ट्रेड डील पर Rakesh Tikait का 'रौद्र रूप', कल देशव्यापी हड़ताल

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर किसानों का गुस्सा भड़का! राकेश टिकैत ने इस डील को 'किसान विरोधी' बताते हुए 12 फरवरी को बड़े आंदोलन और पुतले जलाने का ऐलान किया है।

Gausiya Bano
Published on: 11 Feb 2026 2:55 PM IST
मोदी-ट्रंप के पुतले जलाकर... भारत-US ट्रेड डील पर Rakesh Tikait का रौद्र रूप, कल देशव्यापी हड़ताल
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भारत और अमेरिका के बीच हुए नए व्यापार समझौते पर सियासत और किसान आंदोलन की आंच तेज हो गई है। जिस समझौते को सरकार देश के लिए फायदेमंद बता रही है, वही करार अब किसानों के गुस्से की वजह बनता जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने इस डील को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने एक बार फिर गांव से लेकर दिल्ली तक हलचल बढ़ा दी है।

“यह समझौता भारत के लिए खतरनाक है”

मंगलवार को एक जनसभा के बाद प्रेस से बातचीत में राकेश टिकैत ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को सीधे तौर पर किसान विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से यह समझौता किया गया है, वह भारत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। टिकैत ने मौजूदा हालात की तुलना साल 1992 से की, जब भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था खोली थी। उनका कहना था कि तब भी बड़े वादे किए गए थे, लेकिन नुकसान छोटे किसानों को ही झेलना पड़ा।

किसानों के बाजार पर मंडराता खतरा

टिकैत ने चेतावनी दी कि अमेरिका से आने वाला सब्सिडी वाला कृषि सामान भारतीय बाजार को पाट देगा। इससे देश के किसान अपनी ही उपज बेचने के लिए तरस जाएंगे। उन्होंने साफ कहा कि यह एकतरफा और दबाव में किया गया समझौता है, जिसे किसान किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेंगे। सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि किसानों की सुरक्षा को लेकर दिए जा रहे आश्वासन झूठे हैं।

गांव-गांव होगा विरोध, पुतले जलाने का ऐलान

किसान यूनियन ने अब आंदोलन का रास्ता चुन लिया है। टिकैत ने ऐलान किया कि गांवों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पुतले जलाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि विरोध ही अब एकमात्र रास्ता बचा है। 12 फरवरी को होने वाली आम हड़ताल को समर्थन देते हुए टिकैत ने कहा कि दिल्ली ज्यादा दूर नहीं है और किसानों के ट्रैक्टर हमेशा तैयार रहते हैं।

किसान संगठनों की एकजुटता

अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव विजू कृष्णन ने भी इस समझौते को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सभी किसान संगठन 12 फरवरी की आम हड़ताल का समर्थन करेंगे। वहीं भाकियू ने बयान जारी कर कहा कि समझौते की शर्तें अब भी गोपनीय हैं और बिना किसान संगठनों से बातचीत किए यह करार किया गया है।

जीएमओ और विदेशी आयात पर चिंता

किसान संगठनों का आरोप है कि इस समझौते से जीएमओ उत्पादों के आयात का रास्ता खुलेगा और इससे किसानों की आजीविका पर सीधा असर पड़ेगा। साथ ही भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते को भी किसान विरोधी बताया गया है। साफ है कि ट्रेड डील के मुद्दे पर किसान एक बार फिर बड़े आंदोलन की तैयारी में हैं।

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Gausiya Bano is a Multimedia Journalist based in Lucknow, the capital city of Uttar Pradesh, currently serving as Desk In-Charge at Newstrack. She holds a postgraduate degree in Journalism from Makhanlal Chaturvedi National University, Bhopal, Madhya Pradesh. With over 2.5 years of experience, she has worked with leading organizations including Rajasthan Patrika and NewsBytes. She has expertise in news desk operations, reporting and digital journalism. At Newstrack She oversees content management, ensures editorial accuracy and coordinates with reporters to maintain high newsroom standards. Passionate about ethical reporting and adapting to the evolving media landscape, Gausiya Bano continues to grow as a dedicated and responsible journalist.

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