'सिर्फ विरोध करने से देश विरोधी...', Gen-Z को लेकर Mohan Bhagwat की दो टूक, कही ये बड़ी बात

Mohan Bhagwat Says Gen-Z: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने जेन-जी (Gen Z) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सवाल पूछना देश विरोध नहीं है और नई पीढ़ी को सुनना जरूरी है। जंतर-मंतर आंदोलन, पैलेट गन विवाद और शिक्षा सुधार पर भी उन्होंने अपनी बात रखी।

Aditya Kumar Verma
Published on: 6 Aug 2026 7:19 PM IST (Updated on: 6 Aug 2026 7:49 PM IST)
Mohan Bhagwat Says Gen-Z
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Mohan Bhagwat Says Gen-Z: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने जेन-जी (Gen Z) को लेकर अपने विचार साझा किए हैं। उन्होंने कहा कि आज की नई पीढ़ी पहले की पीढ़ियों से काफी अलग है। यह पीढ़ी हर बात को समझना चाहती है और सवालों के तार्किक जवाब (Logical Answers) मांगती है।

मोहन भागवत ने कहा कि जेन-जी (Gen Z) और जेन-अल्फा (Gen Alpha) की पीढ़ियां पिछली पीढ़ियों की तुलना में ज्यादा देशभक्त और ईमानदार हैं। उन्होंने कहा कि हमें उनकी बातों को ध्यान से सुनना चाहिए। केवल किसी बात का विरोध करने से कोई देश विरोधी नहीं हो जाता। वह हमारे ही लोग हैं और हमारी आने वाली पीढ़ी हैं।

'जेन-जी को सिर्फ जवाब नहीं, अपनापन भी चाहिए'

मुंबई (Mumbai) के नीता अंबानी कल्चरल सेंटर (Nita Mukesh Ambani Cultural Centre) में आयोजित एक कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि नई पीढ़ी के साथ संवाद (Dialogue) बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि जैसे नई पीढ़ी को हमारी बात समझनी चाहिए, वैसे ही हमें भी उनकी सोच और सवालों को समझना होगा। मोहन भागवत ने कहा कि जब उनकी उम्र जेन-जी (Gen Z) की उम्र जितनी थी, तब लोगों का स्वभाव सवाल नहीं करने का था। लेकिन आज की पीढ़ी हर बात का तार्किक जवाब चाहती है। उन्होंने कहा कि जेन-जी को सिर्फ जवाब ही नहीं चाहिए, बल्कि उन्हें अपनापन और स्नेह भी चाहिए।

‘उनकी बात सुननी होगी’

मोहन भागवत ने जेन-जी (Gen Z) के आंदोलनों को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अगर जेन-जी आंदोलन कर रही है तो हमें उनकी बात सुननी होगी। उनके मुताबिक संवाद में कमी के कारण ही जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर आंदोलन की स्थिति बनी।

लोकतंत्र (Democracy) में आंदोलन को लेकर उन्होंने कहा कि यह भी संवाद का एक तरीका है। उन्होंने कहा कि अगर समाज में कुछ बदलाव करना है तो सभी को साथ लेकर चलना होगा। बंटवारे के साथ कोई काम नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जेन-जी से जुड़े मुद्दों में शिक्षा (Education) में सुधार की जरूरत है और इसके लिए संवाद सबसे जरूरी माध्यम है।

'आंख बंद करके भरोसा कर सकता हूं'

जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान पैलेट गन (Pellet Gun) के इस्तेमाल को लेकर उठे विवाद पर भी मोहन भागवत ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस मामले में उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस बारे में केवल अखबारों के जरिए जानकारी ली है।

मोहन भागवत ने कहा कि यह समझना जरूरी है कि पैलेट गन (Pellet Gun) का इस्तेमाल क्यों हुआ और किन परिस्थितियों में हुआ। इसके बाद ही यह तय किया जा सकता है कि गलती कहां हुई।

उन्होंने कहा कि खबरों में यह भी आया है कि कुछ उपद्रवी लोग आंदोलन में शामिल हो गए थे। हालांकि उन्होंने कहा कि अगर किसी पर आंख बंद करके भरोसा किया जा सकता है तो वह जेन-जी (Gen Z) ही हैं।

शिक्षा सुधार और संवाद पर दिया जोर

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने अपने संबोधन में शिक्षा व्यवस्था (Education System) में सुधार की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को समझने के लिए उनके साथ बातचीत जरूरी है।

उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी सवाल करती है, जवाब मांगती है और तर्क के आधार पर चीजों को समझना चाहती है। इसलिए पुरानी और नई पीढ़ी के बीच संवाद का रिश्ता मजबूत होना चाहिए।

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Aditya Kumar Verma

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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