न्यूयॉर्क में मोहन भागवत की हुंकार! US की धरती से दुनिया को दिया बड़ा संदेश, बोले- ‘भारत सिर्फ देश नहीं...'

Mohan Bhagwat New York Speech: न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में मोहन भागवत ने भारत की ‘अनेकता में एकता’ की विचारधारा को दुनिया के सामने रखा। RSS प्रमुख ने कहा कि भारत सिर्फ भौगोलिक सीमाओं वाला देश नहीं, बल्कि दुनिया को देने के लिए एक विशेष संदेश और उद्देश्य रखने वाला राष्ट्र है।

Harsh Srivastava
Published on: 31 Aug 2026 8:25 AM IST (Updated on: 31 Aug 2026 8:26 AM IST)
न्यूयॉर्क में मोहन भागवत की हुंकार! US की धरती से दुनिया को दिया बड़ा संदेश, बोले- ‘भारत सिर्फ देश नहीं...
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Mohan Bhagwat New York Speech: अमेरिका के प्रसिद्ध शहर न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित 'यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन' के भव्य मंच से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने एक वैश्विक और विचारणीय संदेश दिया। उन्होंने बेहद प्रभावशाली अंदाज में कहा कि 'विविधता में एकता' भारत के खून और डीएनए में रची-बसी है। अपने अंतरराष्ट्रीय प्रवास के दौरान प्रवासी भारतीयों और वैश्विक समुदाय को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख ने स्पष्ट किया कि भारत का मुख्य उद्देश्य ही पूरी दुनिया को यह समझाना और महसूस कराना है कि अलग-अलग संस्कृतियों और विचारों के बावजूद भी एकजुट होकर कैसे जिया जाता है।

मोहन भागवत ने समझाया बड़ा अंतर

संघ प्रमुख ने अपने ओजस्वी भाषण में अमेरिका और भारत के सामाजिक ताने-बाने की तुलना करते हुए एक बेहद अहम बात कही। उन्होंने कहा कि जब भी अमेरिका का जिक्र आता है, तो वहां बहुलवाद (प्लुरलिज्म) की बात प्रमुखता से की जाती है। इसके विपरीत जब भी भारत का नाम लिया जाता है, तो 'अनेकता में एकता' की बात सबसे ऊपर आती है। भागवत ने बताया कि भारत के लिए यह विविधता और एकता कोई नया प्रयोग नहीं है, बल्कि यह देश के स्वभाव और मूल संरचना में शामिल है। उन्होंने कहा कि विविधता हमारी एकता को किसी भी तरह से कमजोर नहीं करती, बल्कि उसे और अधिक सुंदर और समृद्ध बनाती है।

स्वामी विवेकानंद के विचारों का किया जिक्र

मैडिसन स्क्वायर गार्डन में एकत्र हजारों लोगों को संबोधित करते हुए सरसंघचालक ने कहा कि कोई भी देश केवल सीमाओं या भौगोलिक जमीन का टुकड़ा मात्र नहीं होता। ब्रह्मांड की रचना में हर देश को एक विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस दौरान उन्होंने स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक विचारों को याद दिलाते हुए कहा कि हर राष्ट्र के पास दुनिया को देने के लिए एक विशेष संदेश होता है और उसका अपना एक निश्चित उद्देश्य होता है। भारत का भी यही लक्ष्य है कि वह वैश्विक पटल पर अनेकता में एकता के सिद्धांत को साबित करे और दुनिया को प्रेम व शांति का पाठ पढ़ाए।

प्राचीन ऋषियों की तपस्या से हुआ भारत का निर्माण

अपने संबोधन के दौरान मोहन भागवत ने भारत के गौरवशाली इतिहास और पौराणिक परंपराओं को भी नमन किया। उन्होंने कहा कि हमारे महान और दूरदर्शी ऋषियों ने संपूर्ण विश्व के कल्याण की भावना से कठोर तपस्या की थी और उसी दिव्य सोच से इस महान राष्ट्र का निर्माण हुआ था। उन्होंने कहा कि विविधता का न केवल सम्मान किया जाना चाहिए, बल्कि उसे सहर्ष स्वीकार करके उसका उत्सव मनाना चाहिए। आज की संकटग्रस्त दुनिया में भारत की यह पुरानी सोच ही पूरी मानवता को सही दिशा और सहारा दे सकती है।

वैश्विक यात्रा पर निकले संघ प्रमुख

संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन की तीन देशों की विदेश यात्रा पर निकले मोहन भागवत ने सभी प्रवासी भारतीयों से अपनी जिम्मेदारी समझने का आह्वान किया। उन्होंने अपील की कि विदेश में रह रहे भारतीय अपनी 'कर्मभूमि' के साथ-साथ अपनी 'जन्मभूमि' के प्रति भी अपने कर्तव्यों को पूरी ईमानदारी से निभाएं। यदि हर भारतीय अपनी इस वैश्विक भूमिका के प्रति जागृत हो जाए, तो यह कदम हर मोड़ पर समस्याओं से जूझ रही पूरी दुनिया के लिए एक बहुत बड़ा वरदान साबित होगा।

Harsh Srivastava
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Harsh Srivastava

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Harsh Srivastava is a journalist currently working as Desk In-Charge at NewsTrack, Lucknow. He began his journalism career in 2023 and has previously worked with Hindustan, Times Internet and India News. He holds a Master’s degree in Journalism and Mass Communication (MJMC). His key areas of interest include politics, elections and crime, with a wider focus on governance, public policy and current affairs. He writes research-driven and SEO-focused digital stories, combining journalistic depth with an understanding of digital audiences. Harsh has covered the 2026 West Bengal Assembly Election, several state elections and bypolls, and extensively followed the Delhi CJP protest and its developments. His work includes news reports, explainers, features and analytical stories. Originally from Varanasi, Harsh has worked across Varanasi, Delhi and Lucknow, with experience spanning reporting, digital journalism, content writing and editorial operations.

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