Mumbai Watermelon Death Case: बिरयानी के बाद तरबूज खाने से मौत केस में चौंकाने वाला खुलासा! इस खतरनाक जहर से हुई परिवार की मौत

Mumbai Biryani Watermelon Death Case: मुंबई के पायधुनी इलाके में पिछले महीने एक ही परिवार के चार सदस्यों की रहस्यमयी मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है।

Shishumanjali kharwar
Published on: 15 May 2026 11:06 AM IST (Updated on: 15 May 2026 11:07 AM IST)
Mumbai Biryani Watermelon Death Case
X

Mumbai Biryani Watermelon Death Case

Mumbai Biryani Watermelon Death Case: मुंबई के पायधुनी इलाके में पिछले महीने एक ही परिवार के चार सदस्यों की रहस्यमयी मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। सर जे जे अस्पताल द्वारा पुलिस को सौंपी गई अंतिम पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि परिवार के चारों लोगों की मौत जिंक फॉस्फाइड नामक जहरीले रसायन से हुई, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर चूहे मारने की दवा के रूप में किया जाता है।

अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जेजे अस्पताल की अंतिम रिपोर्ट में मौत का कारण जिंक फॉस्फाइड से हुआ जहर बताया गया है। हालांकि पुलिस अभी तक यह तय नहीं कर पाई है कि यह सामूहिक आत्महत्या, हादसा या फिर सुनियोजित हत्या का मामला है। पुलिस जांच के अनुसार, घटना वाली रात परिवार ने पांच रिश्तेदारों के साथ घर पर भोजन किया था। मेहमानों के जाने के बाद 26 अप्रैल की रात करीब 1 बजे परिवार के चारों सदस्यों ने तरबूज खाया। इसके बाद अगले 12 घंटों के भीतर सभी की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की रिपोर्ट में भी तरबूज और मृतकों के विसरा सैंपल में जिंक फॉस्फाइड की मौजूदगी की पुष्टि हुई थी। अब पुलिस जांच का फोकस परिवार के रिश्तेदारों और मेहमानों पर है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि 22 से 25 अप्रैल के बीच किसने जिंक फॉस्फाइड खरीदा और परिवार के घर आया था। मामले से जुड़े लोगों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस अधिकारी ने कहा कि फिलहाल किसी पर सीधा शक या कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।

करीब 100 लोगों के बयान दर्ज

पुलिस अब तक करीब 100 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है, जिनमें रिश्तेदार, पड़ोसी और इलाके में चूहे मारने की दवा बेचने वाले 20 से अधिक दुकानदार शामिल हैं। इसके अलावा, उस मोबाइल एक्सेसरीज मार्केट के व्यापारियों से भी पूछताछ की गई है, जहां अब्दुल्ला दोकाडिया काम करते थे। व्यापक जांच के बावजूद पुलिस को अब तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि परिवार ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया या फिर यह किसी साजिश का हिस्सा था। आखिर तरबूज तक जहर कैसे पहुंचा, इस पर भी सस्पेंस बरकरार है।

Shishumanjali kharwar

Shishumanjali kharwar

Mail ID -Shishulko@gmail.com

मीडिया क्षेत्र में 12 साल से ज्यादा कार्य करने का अनुभव। इस दौरान विभिन्न अखबारों में उप संपादक और एक न्यूज पोर्टल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्य किया। वर्तमान में प्रतिष्ठित न्यूज पोर्टल ‘न्यूजट्रैक’ में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं।

Next Story