Mumbai Fire: जोगेश्वरी में आग का कहर! छह मंजिला इमारत के मीटर रूम से उठीं लपटें, 11 घायल

Mumbai Fire: मुंबई के जोगेश्वरी पश्चिम स्थित गोमती वैषाली चॉल की छह मंजिला रिहायशी इमारत में कॉमन इलेक्ट्रिक मीटर केबिन में आग लगने से 11 लोग घायल हो गए। दो घायलों को बर्न इंजरी के चलते कूपर अस्पताल रेफर किया गया है, जबकि नौ अन्य का इलाज ट्रॉमा केयर अस्पताल में चल रहा है।

Aditya Kumar Verma
Published on: 3 July 2026 10:11 PM IST
Mumbai Fire
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Mumbai Fire: मुंबई के जोगेश्वरी पश्चिम (Jogeshwari West) इलाके में स्थित एक रिहायशी इमारत (Residential Building) में शुक्रवार को आग लगने से 11 लोग घायल हो गए। अधिकारियों के मुताबिक आग इमारत के कॉमन इलेक्ट्रिक मीटर केबिन (Common Electric Meter Cabin) में लगी थी, जिसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

दमकल विभाग ने तुरंत संभाला मोर्चा

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (Brihanmumbai Municipal Corporation-BMC) की मुंबई फायर ब्रिगेड (Mumbai Fire Brigade-MFB) के अनुसार, घटना 3 जुलाई 2026 की सुबह 5 बजकर 59 मिनट पर सामने आई। आग जोगेश्वरी पश्चिम स्थित वैषाली नगर (Vaishali Nagar) के हाजी जुहू रोड (Haji Juhu Road) पर मौजूद गोमती वैषाली चॉल (Gomati Vaishali Chawl) में लगी थी।

अधिकारियों ने बताया कि आग ग्राउंड प्लस छह मंजिला (Ground Plus Six Storey) रिहायशी इमारत के भूतल पर बने कॉमन मीटर केबिन में लगी थी। आग इलेक्ट्रिक वायरिंग (Electric Wiring), बिजली से जुड़े उपकरणों (Electrical Installations) और वहां रखे अन्य सामान तक सीमित रही। घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग और अन्य नागरिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।

19 मिनट में आग पर पाया गया काबू

मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB) की टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया। अधिकारियों के अनुसार, आग को सुबह 6 बजकर 18 मिनट पर पूरी तरह बुझा दिया गया। समय रहते आग पर नियंत्रण पा लेने के कारण इसे इमारत के अन्य हिस्सों में फैलने से रोक लिया गया।

11 लोग हुए घायल, सभी की हालत स्थिर

शुरुआती जानकारी में केवल दो लोगों के धुएं के कारण प्रभावित होने की बात सामने आई थी, लेकिन बाद में ट्रॉमा केयर अस्पताल (Trauma Care Hospital) की रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि इस हादसे में कुल 11 लोग घायल हुए हैं। इनमें सात पुरुष और चार महिलाएं शामिल हैं।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, दो घायलों को जलने की गंभीर चोटें आने के कारण विशेष इलाज के लिए कूपर अस्पताल (Cooper Hospital) रेफर किया गया है, जबकि बाकी नौ लोगों को ट्रॉमा केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

घायलों की हुई पहचान

इस हादसे में घायल लोगों की पहचान सलीम नूर महद्दीन तड़ावी (Salim Noor Mahddin Tadavi) उम्र 75 वर्ष, मुमताज सलीम तड़ावी (Mumtaj Salim Tadavi) उम्र 67 वर्ष, यूसुफ मिथा (Yousuf Mitha) उम्र 55 वर्ष, समीरा मिथा (Smeera Mitha) उम्र 55 वर्ष, इरफान मिथा (Irfan Mitha) उम्र 46 वर्ष, बिलकिस मिथा (Bilkis Mitha) उम्र 70 वर्ष, मोहम्मद आमिर मिथा (Mohd Amir Mitha) उम्र 80 वर्ष, हूसा मिथा (Hoosa Mitha) उम्र 40 वर्ष, इरफा मिथा (Irfa Mitha) उम्र 13 वर्ष, मेहरागिज़ बाटावाला (Mehragiz Batawala) उम्र 64 वर्ष और अली अशाद बाटावलकर (Ali Ashad Batawalkar) उम्र 33 वर्ष के रूप में हुई है।

अधिकारियों के मुताबिक, सलीम नूर महद्दीन तड़ावी और मुमताज सलीम तड़ावी को बर्न इंजरी (Burn Injuries) होने के कारण कूपर अस्पताल भेजा गया है, जबकि यूसुफ मिथा को भी जलने की चोटों के चलते ट्रॉमा केयर अस्पताल में भर्ती किया गया है।

आग लगने के कारणों की होगी जांच

फिलहाल आग लगने के सही कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जाएगी और आग लगने की वजह का पता लगाया जाएगा।

अभी तक इस हादसे में किसी की मौत की सूचना नहीं है। प्रशासन की ओर से आगे की जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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