हो गया खुलासा! शिंदे गुट में टूट-फूट की आशंका? लेकिन शिंदे की शेरनी ने दिया ऐसा जवाब, सब हो गए शांत

Shinde Group News: मुंबई मेयर चुनाव से पहले शिंदे गुट में टूट-फूट की आशंका पर सियासत गरमाई। आरोपों पर शिवसेना प्रवक्ता शीतल म्हात्रे ने दिया जवाब, साफ की पूरी रणनीति।

Harsh Sharma
Published on: 18 Jan 2026 7:58 PM IST
हो गया खुलासा! शिंदे गुट में टूट-फूट की आशंका? लेकिन शिंदे की शेरनी ने दिया ऐसा जवाब, सब हो गए शांत
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Shinde Group News: मुंबई में मेयर चुनाव से पहले सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। सभी राजनीतिक दल अपने-अपने स्तर पर रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। इस बीच सत्ताधारी खेमे में किसी भी तरह की टूट-फूट या अनहोनी से बचने के लिए खास सतर्कता बरती जा रही है। इसी कड़ी में Shiv Sena के नवनिर्वाचित पार्षदों को एक होटल में ठहराए जाने को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है।

मेयर चुनाव से पहले ‘बंधक’ आरोपों पर शिवसेना का पलटवार

विपक्षी खेमे की Uddhav Sena ने आरोप लगाया है कि डिप्टी सीएम Eknath Shinde पार्षदों को कथित तौर पर “बंधक” बनाकर रखे हुए हैं, ताकि मेयर चुनाव से पहले किसी तरह का राजनीतिक जोखिम न रहे। इन आरोपों के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है। इन आरोपों पर शिवसेना की ओर से पार्टी प्रवक्ता जिसे शिंदे की शेरनी भी कहा जाता हैं- Sheetal Mhatre का बयान सामने आया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि नवनिर्वाचित पार्षदों को बंधक बनाने का सवाल ही नहीं उठता। प्रवक्ता के मुताबिक, पार्षदों को होटल में ठहराने के पीछे एक सोची-समझी और सकारात्मक रणनीति है, जिसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।

नए पार्षदों के प्रशिक्षण के लिए दो दिवसीय वर्कशॉप

शीतल म्हात्रे ने बताया कि पार्टी ने स्वयं पार्षदों को होटल में बुलाया है और वहां उनके लिए एक विशेष वर्कशॉप का आयोजन किया गया है। इस दो दिवसीय वर्कशॉप का उद्देश्य नए पार्षदों को नगर निगम के कामकाज से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि कई पार्षद पहली बार चुने गए हैं, ऐसे में उन्हें यह समझाना जरूरी है कि म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन किस तरह काम करता है, इसके नियम-कानून क्या हैं और बैठकें किस प्रक्रिया से चलती हैं।

वर्कशॉप में शामिल होंगे एकनाथ शिंदे

प्रवक्ता के अनुसार, वर्कशॉप के दौरान पार्षदों को यह भी बताया जाएगा कि वे जनता से जुड़े मुद्दों को किस तरह बैठक में उठाएं, सवाल पूछने की प्रक्रिया क्या होती है और प्रस्ताव कैसे रखे जाते हैं। पार्टी का मानना है कि प्रशिक्षित और जागरूक पार्षद ही बेहतर ढंग से जनता की आवाज उठा सकते हैं। शिवसेना प्रवक्ता ने यह भी जानकारी दी कि इस वर्कशॉप के दौरान डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे स्वयं होटल पहुंचकर नवनिर्वाचित पार्षदों से मुलाकात करेंगे और उन्हें मार्गदर्शन देंगे। पार्टी का दावा है कि यह पूरी कवायद संगठन को मजबूत करने और प्रशासनिक समझ बढ़ाने के लिए की जा रही है, न कि किसी तरह के दबाव या बंधन के लिए। कुल मिलाकर, Mumbai में मेयर चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है और हर कदम को सियासी नजरिए से देखा जा रहा है।

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Harsh Sharma is a Content Writer at Newstrack.com.

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