Mumbai Watermelon Death Case: तरबूज खाने से मौत...सुसाइड, मर्डर या फिर फूड प्वाइजनिंग? अब नमक से खुलेगा सबसे बड़ा राज

Mumbai Watermelon Death Case: पायधुनी इलाके में एक ही परिवार के चार सदस्यों की बिरयानी के बाद तरबूज खाने से मौत के मामले में सस्पेंस लगातार गहराता ही जा रहा है।

Shishumanjali kharwar
Published on: 20 May 2026 3:25 PM IST (Updated on: 20 May 2026 3:26 PM IST)
Mumbai Watermelon Death Case
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Mumbai Watermelon Death Case

Mumbai Family Death Case: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के पायधुनी इलाके में एक ही परिवार के चार सदस्यों की बिरयानी के बाद तरबूज खाने से मौत के मामले में सस्पेंस लगातार गहराता ही जा रहा है। इस मामले में अब पुलिस ने परिवार के घर में उपयोग किये गये खाने के नमक के नमूनों को दोबारा जांच के लिए एफएसएल भेजा है। जांच एजेंसियों को यह शक है कि जिंक फॉस्फाइड पाउडर को नमक में मिलाकर तरबूज पर छिड़का गया था, जिसे खाने के बाद परिवार के चार सदस्यों की दर्दनाक मौत हुई।

नमक की दोबारा जांच की जाएगी

पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में यह सामने आया कि परिवार के सदस्यों ने जिस तरबूज का सेवन किया था, उसमें जिंक फॉस्फाइड नामक जहरीला पदार्थ मौजूद था। अब घर में इस्तेमाल किए गए नमक की दोबारा जांच की जाएगी। जिससे यह जानकारी हो सके कि कहीं खाने में इस्तेमाल किये गये नमक में जहर को तो नहीं मिलाया गया। हालांकि, खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की रिपोर्ट में घर से जब्त किए गए अन्य खाद्य पदार्थों में किसी तरह की मिलावट नहीं पाई गई थी, लेकिन एफएसएल की रिपोर्ट ने मामले को नया मोड़ दे दिया। फॉरेंसिक रिपोर्ट में तरबूज के नमूनों की जांच के बाद जिंक फॉस्फाइड की पुष्टि हुई है। इसके अलावा जेजे हाॅस्पिटल द्वारा जारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण जिंक फॉस्फाइड बताया गया था।

सामूहिक आत्महत्या के एंगल पर भी हो रही जांच

जांच अधिकारी अब इस एंगल से भी मामले की पड़ताल कर रहे हैं कि क्या यह सामूहिक आत्महत्या का मामला हो सकता है या फिर किसी बाहरी व्यक्ति ने साजिश के तहत परिवार को जहर दिया। पुलिस का मानना है कि यदि किसी ने जानबूझकर जहर मिलाया है, तो इस्तेमाल किया गया असली कंटेनर संभवतः नष्ट या गायब कर दिया गया है, जिससे जांच को सीधा सबूत नहीं मिल पा रहा। इससे पहले आई विसरा रिपोर्ट में भी बड़ा खुलासा हुआ था। रिपोर्ट में बताया गया कि मृतकों के शरीर से लिए गए नमूनों में जिंक फॉस्फाइड पाया गया था।

इस रसायन का इस्तेमाल आमतौर पर चूहे मारने के लिए किया जाता है। रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस ने हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं पर जांच तेज कर दी है। पुलिस अब परिवार के करीबी लोगों, पड़ोसियों और घर में आने-जाने वालों से पूछताछ कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि जिंक फॉस्फाइड घर तक कैसे पहुंचा और उसे तरबूज में किसने मिलाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसियां हर पहलू की गहराई से जांच कर रही हैं।

Shishumanjali kharwar

Shishumanjali kharwar

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मीडिया क्षेत्र में 12 साल से ज्यादा कार्य करने का अनुभव। इस दौरान विभिन्न अखबारों में उप संपादक और एक न्यूज पोर्टल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्य किया। वर्तमान में प्रतिष्ठित न्यूज पोर्टल ‘न्यूजट्रैक’ में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं।

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