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12 केस, लंबित वारंट और गिरफ्तारी... नंदीग्राम उपचुनाव से पहले मिलन प्रधान को लेकर क्यों गरमाई सियासत?
Nandigram bypoll 2026: गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस और ममता बनर्जी की तरफ से कार्रवाई के वक़्त को लेकर सवाल खड़े किये गए हैं। वहीं, मिलन प्रधान के चुनावी हलफनामे में दर्ज आपराधिक मामलों को लेकर भी अब सवाल खड़े कर रहे हैं।
Nandigram bypoll 2026
Nandigram bypoll 2026: पश्चिम बंगाल (West Bengal) की सबसे ज्यादा चर्चा में बनी रहने वाली नंदीग्राम विधानसभा सीट (Nandigram Assembly Seat) के उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान (Milan Pradhan) की गिरफ्तारी ने राजनीतिक माहौल पूरी तरह से गरमा दिया है। मिलन प्रधान को पुराने मामलों में जारी वारंट के आधार पर गिरफ्तार किए जाने की बड़ी जानकारी सामने आई है।
गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस और ममता बनर्जी की तरफ से कार्रवाई के वक़्त को लेकर सवाल खड़े किये गए हैं। वहीं, मिलन प्रधान के चुनावी हलफनामे (Election Affidavit) में दर्ज आपराधिक मामलों को लेकर भी अब सवाल खड़े कर रहे हैं।
हलफनामे में हत्या के मामलों का जिक्र
दिए गए विवरण के अनुसार, मिलन प्रधान के चुनावी हलफनामे में तकरीबन कुल 12 मामले दर्ज हैं, जिनमें तीन हत्या के मामले भी शामिल बताए गए हैं। इन मामलों को लेकर अदालत से गिरफ्तारी के वारंट लंबित होने की बात कही गई है। इसके अलावा नंदीग्राम पुलिस स्टेशन और खेजुरी थाने से जुड़े मामलों में आर्म्स एक्ट (Arms Act) समेत अन्य गंभीर धाराओं का भी जिक्र किया गया है।
हालांकि, अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में मामलों और हत्या के केस की संख्या को लेकर अलग-अलग विवरण सामने आया है। एक मीडिया रिपोर्ट में हलफनामे के आधार पर 12 मामलों और चार हत्या के मामलों का उल्लेख किया गया है, जबकि अन्य रिपोर्टों में 3 हत्या के मामलों का जिक्र है।
गिरफ्तारी के बाद बढ़ा सियासी विवाद
मिलन प्रधान की गिरफ्तारी ऐसे वक़्त हुई जब नंदीग्राम उपचुनाव (Nandigram Bypoll) को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गयी थीं। ममता बनर्जी की तरफ से समर्थित गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान दे ने नामांकन वापस ले लिया था। इसके बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया। इसके कुछ वक़्त बाद ही मिलन प्रधान की गिरफ्तारी की खबर सामने आई।
कांग्रेस नेताओं ने गिरफ्तारी के वक़्त पर सवाल खड़े करते हुए इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया। राहुल गांधी ने भी गिरफ्तारी को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। ममता बनर्जी ने भी गिरफ्तारी के वक़्त को लेकर सवाल खड़े किये और पुराने मामले में चुनाव के ठीक पहले कार्रवाई होने पर आपत्ति जताई। ये राजनीतिक दावे संबंधित नेताओं के बयान हैं।
ऋतब्रत बनर्जी ने कांग्रेस पर खड़े किये सवाल
डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस (Democratic Trinamool Congress) के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने मिलन प्रधान के खिलाफ लंबित मामलों का हवाला देते हुए कांग्रेस पर सवाल खड़े किए। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि मिलन प्रधान के खिलाफ तीन हत्या के मामलों में गिरफ्तारी के वारंट लंबित थे और उनके संगठन ने इस संबंध में शिकायत भी दर्ज कराई थी।
ऋतब्रत बनर्जी ने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान लंबित वारंट पर कार्रवाई कानून के तहत होती है और प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने राहुल गांधी को पूरे तथ्य नहीं बताए होंगे। यह उनका राजनीतिक दावा है, जिसकी पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं की गई है।
साल 2007 के नंदीग्राम आंदोलन से जुड़े हैं मामले
पुलिस से जुड़ी रिपोर्टों के मुताबिक, मिलन प्रधान की गिरफ्तारी साल 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण आंदोलन (Nandigram Land Agitation) से जुड़े पुराने मामले में हुई है। पुलिस के अनुसार, उनके खिलाफ एक वारंट लंबित था और अदालत से किसी तरह की कानूनी सुरक्षा उपलब्ध नहीं थी। पुलिस ने यह भी कहा कि पुराने लंबित वारंटों की चुनाव के दौरान समीक्षा की जाती है।
अब आगे क्या होगा ?
नंदीग्राम में 6 अक्टूबर को उपचुनाव (Assembly Bypoll) होना है। ऐसे में मिलन प्रधान की गिरफ्तारी ने कांग्रेस के सामने कानूनी और चुनावी दोनों तरह की स्थिति पैदा कर दी है। अब आगे अदालत में मामले की सुनवाई और मिलन प्रधान को मिलने वाली कानूनी राहत पर निगाहें रहेगी। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि कांग्रेस नंदीग्राम में अपनी चुनावी रणनीति को किस तरह आगे बढ़ाती है।


