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अर्नब के असर से अगले 48 घंटे देश के कई राज्यों में भारी बारिश का खतरा, दिल्ली से पटना तक बदलेगा मौसम
New Delhi: 29 और 30 अक्टूबर को पूर्वी यूपी, बिहार, झारखंड समेत 6 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट है। दिल्ली-NCR, पंजाब और हरियाणा में आंधी, बिजली और ओलावृष्टि की आशंका।
New Delhi: बंगाल की खाड़ी से उठे अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफ़ान अर्नब के आंध्र प्रदेश तट से टकराने के बाद देश के बड़े हिस्से में मौसम बदलने जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने गुरुवार 29 अक्टूबर और शुक्रवार 30 अक्टूबर के लिए पूर्वी, मध्य और उत्तरी भारत के अनेक राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक, तेज हवाओं और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। सबसे अधिक बारिश का खतरा पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पूर्वी मध्य प्रदेश में बताया गया है। दूसरी तरफ दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में भी मौसम अचानक करवट ले सकता है। हालांकि उत्तर भारत के इन क्षेत्रों में संभावित बारिश और ओलावृष्टि को केवल अर्नब का असर नहीं माना जाना चाहिए। उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ी मौसमी प्रणाली भी इन बदलावों के लिए जिम्मेदार है। मौसम विभाग के बुधवार शाम जारी पूर्वानुमान में गुरुवार को छह राज्यों के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है।
अर्नब बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश के तट को पार करने के बाद धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है, लेकिन उससे जुड़ी व्यापक वर्षा प्रणाली देश के अंदरूनी हिस्सों की ओर बढ़ रही है। मौसम विभाग ने गुरुवार को बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड और ओडिशा में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। तटीय आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, सिक्किम तथा अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में भी भारी बारिश का अनुमान है। शुक्रवार को वर्षा का प्रभाव विशेष रूप से बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बना रह सकता है। कुछ क्षेत्रों में हवा की गति 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
उत्तर प्रदेश : वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज और पूर्वांचल में ज्यादा असर
उत्तर प्रदेश में अगले दो दिन मौसम का सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तन पूर्वी हिस्से में देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान में 29 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा की आशंका जताई गई थी, जबकि बुधवार शाम के अद्यतन राष्ट्रीय पूर्वानुमान में भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी प्रमुखता से दी गई है। 30 अक्टूबर को भी पूर्वांचल में बारिश जारी रहने की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं और कुछ स्थानों पर इनकी गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
वाराणसी, गाजीपुर, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही, बलिया और आसपास के जिलों में गुरुवार से शुक्रवार के बीच मौसम बिगड़ने की आशंका है। गोरखपुर, देवरिया, मऊ, आजमगढ़, बस्ती और कुशीनगर जैसे पूर्वांचल के जिलों में भी बारिश और गरज-चमक की संभावना को देखते हुए सतर्कता जरूरी है। प्रयागराज, जौनपुर और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने तथा वर्षा होने का अनुमान है। हालांकि सभी शहरों में समान मात्रा में बारिश होने की अपेक्षा नहीं की जानी चाहिए।
वाराणसी के उपलब्ध शहर-स्तरीय पूर्वानुमान के अनुसार गुरुवार को बारिश की संभावना लगभग 89 प्रतिशत और शुक्रवार को लगभग 95 प्रतिशत है। गुरुवार को अधिकतम तापमान करीब 24 डिग्री तथा न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान घटकर लगभग 22 डिग्री तक आने का अनुमान है। गुरुवार दोपहर के बाद और रात में बारिश की संभावना अधिक है। शुक्रवार की सुबह से दोपहर तक तेज बौछारें पड़ सकती हैं, जबकि शाम को मौसम में कुछ सुधार संभव है। यह वाराणसी का स्थानीय पूर्वानुमान है, पूरे पूर्वांचल की एक समान स्थिति नहीं।
लखनऊ और आसपास के मध्य उत्तर प्रदेश में भी बादल और बारिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन मौसम विभाग की सबसे गंभीर बारिश संबंधी चेतावनी पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा और अलीगढ़ सहित विभिन्न क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ से जुड़े गरज-चमक वाले मौसम का प्रभाव पड़ सकता है।
बिहार : पटना, गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर में दो दिन बारिश का खतरा
बिहार में 29 और 30 अक्टूबर को व्यापक वर्षा की संभावना जताई गई है। गुरुवार को कुछ स्थानों पर भारी तथा शुक्रवार को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। पटना, गया, नवादा, औरंगाबाद, जहानाबाद और नालंदा सहित दक्षिण तथा मध्य बिहार के शहरों में मौसम खराब रहने का जोखिम है। मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, वैशाली और बेगूसराय में भी बारिश हो सकती है। पूर्वी बिहार के भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज में शुक्रवार तक बारिश का दौर सक्रिय रहने की संभावना है। ये संभावित प्रभाव वाले शहर हैं; प्रत्येक शहर के लिए समान स्तर की भारी वर्षा की चेतावनी की पुष्टि नहीं हुई है।
मौसम विभाग ने बिहार में 29 से 31 अक्टूबर तक कई क्षेत्रों में वर्षा का अनुमान व्यक्त किया है। 29 और 30 अक्टूबर को गरज-चमक तथा तेज हवाओं की भी संभावना है। कुछ स्थानों पर हवा की गति 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। बिहार में अक्टूबर के अंतिम दिनों में इतनी व्यापक बारिश होने से धान की फसल की कटाई प्रभावित हो सकती है। निचले शहरी क्षेत्रों में जलभराव होने और ग्रामीण सड़कों पर आवागमन प्रभावित होने की आशंका है।
झारखंड : रांची, जमशेदपुर, धनबाद और बोकारो में तेज बारिश की चेतावनी
झारखंड में गुरुवार को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। रांची, जमशेदपुर, सरायकेला-खरसावां, पश्चिम सिंहभूम, धनबाद, बोकारो, हजारीबाग और रामगढ़ सहित कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का असर पड़ सकता है। 29 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवा चलने की संभावना है। कुछ स्थानों पर हवा के झोंके इससे अधिक तेज हो सकते हैं। शुक्रवार को भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश का अनुमान है।
झारखंड के लिए चुनौती केवल बारिश की मात्रा नहीं, बल्कि तेज हवाओं और आकाशीय बिजली की भी है। पहाड़ी क्षेत्रों तथा कम जलनिकासी वाले शहरी इलाकों में तेज बारिश से स्थानीय समस्याएं पैदा हो सकती हैं। विशेष रूप से रांची और जमशेदपुर जैसे शहरों में जलभराव तथा यातायात प्रभावित होने की संभावना पर नजर रखनी होगी। मौसम विभाग की चेतावनी राज्य के विभिन्न हिस्सों के लिए है, इसलिए किसी खास मोहल्ले या पूरे शहर में समान तीव्रता की बारिश निश्चित नहीं मानी जा सकती।
पटना के लिए उपलब्ध स्थानीय पूर्वानुमान में गुरुवार को बारिश की संभावना लगभग 81 प्रतिशत और शुक्रवार को 97 प्रतिशत है। गुरुवार को अधिकतम तापमान करीब 26 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान लगभग 24 डिग्री तक घट सकता है। गुरुवार सुबह और शाम के समय बौछारें पड़ने की संभावना है, जबकि शुक्रवार को दोपहर से शाम के बीच गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इससे स्पष्ट है कि बिहार की राजधानी में शुक्रवार का मौसम गुरुवार की तुलना में अधिक सक्रिय रह सकता है।
छत्तीसगढ़ : रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर में भारी बारिश का खतरा
अर्नब के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में अगले 24 घंटे विशेष महत्वपूर्ण हैं। मौसम विभाग ने 28 और 29 अक्टूबर को राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। पहले जारी पूर्वानुमान में 29 अक्टूबर को उत्तरी छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा की भी आशंका जताई गई थी। इसके तहत अंबिकापुर, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया और आसपास के उत्तरी जिलों पर विशेष निगरानी रखने की जरूरत है। रायपुर, दुर्ग, भिलाई, महासमुंद, धमतरी, बिलासपुर और जगदलपुर सहित दूसरे क्षेत्रों में भी बारिश तथा गरज-चमक के साथ तेज हवाओं की संभावना है। हालांकि सभी शहरों में एक समान भारी बारिश का अनुमान नहीं है।
छत्तीसगढ़ में मौसम का यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि चक्रवात से संबंधित निम्न दबाव की प्रणाली आंध्र प्रदेश से भूमि के भीतर उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रही है। मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे और तेज झोंकों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक हवा चलने की चेतावनी भी दी है। शुक्रवार को भी राज्य के कुछ हिस्सों में वर्षा हो सकती है, लेकिन सबसे व्यापक चेतावनी गुरुवार के लिए है। दक्षिणी जिलों में बुधवार से जारी बारिश के बाद जलभराव की स्थिति बन सकती है, जबकि उत्तरी क्षेत्रों में गुरुवार का दिन ज्यादा महत्वपूर्ण रहेगा।
मध्य प्रदेश : जबलपुर, रीवा, शहडोल और सतना में तेज बारिश की संभावना
मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में 29 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, जबलपुर और मंडला सहित पूर्वी तथा दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश के अनेक शहरों में बादल और बारिश का प्रभाव रह सकता है। गुरुवार को कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जबकि हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। शुक्रवार को भी पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की संभावना बनी हुई है।
भोपाल, इंदौर, उज्जैन और पश्चिमी मध्य प्रदेश के दूसरे क्षेत्रों में भी कहीं-कहीं मौसम बदल सकता है, लेकिन राज्य की सबसे गंभीर वर्षा संबंधी चेतावनी पूर्वी हिस्से के लिए जारी हुई है। इस कारण पूरे मध्य प्रदेश में समान रूप से भारी बारिश का अनुमान लगाना सही नहीं होगा।
ओडिशा : भुवनेश्वर, पुरी, गंजाम और दक्षिणी जिलों में बारिश जारी रहने का अनुमान
आंध्र प्रदेश में अर्नब के तट से टकराने के बाद ओडिशा में भी मौसम खराब बना हुआ है। 29 अक्टूबर को राज्य के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। पुरी, गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, कोरापुट, मलकानगिरि तथा नबरंगपुर सहित दक्षिणी क्षेत्रों में बारिश का प्रभाव अधिक रह सकता है। भुवनेश्वर, कटक और अन्य तटीय शहरों में भी बादल तथा बारिश की संभावना है। 30 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी वर्षा जारी रह सकती है, हालांकि मुख्य चक्रवाती प्रणाली कमजोर पड़ने के कारण तेज हवाओं का खतरा धीरे-धीरे कम होने का अनुमान है।
ओडिशा के लिए विशेष चिंता उन इलाकों की है जहां पिछले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी बारिश हो चुकी है। पहले से भीगी जमीन पर आगे होने वाली वर्षा जलभराव और स्थानीय बाढ़ के खतरे को बढ़ा सकती है। नदी घाटियों, पहाड़ी सड़कों और निचली बस्तियों में सतर्कता आवश्यक है।
पश्चिम बंगाल : कोलकाता, खड़गपुर, दीघा और उत्तर बंगाल में भी बारिश
पश्चिम बंगाल में 29 और 30 अक्टूबर को अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश का अनुमान है। दक्षिण बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, दक्षिण 24 परगना, बांकुड़ा और पुरुलिया जैसे जिलों में गुरुवार को भारी वर्षा की संभावना है। दीघा, खड़गपुर और आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश हो सकती है। कोलकाता और हावड़ा में भी बादल और बौछारें पड़ने की संभावना है, लेकिन पूरे महानगर में अत्यधिक भारी वर्षा की अलग चेतावनी स्पष्ट नहीं है। शुक्रवार तक दक्षिण बंगाल के कुछ हिस्सों में बादलों और वर्षा का सिलसिला जारी रह सकता है।
उत्तर बंगाल में दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और आसपास के क्षेत्रों में 29 और 30 अक्टूबर को भारी बारिश की चेतावनी है। सिक्किम में भी वर्षा का अनुमान है। पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बारिश से ढलानों की स्थिरता प्रभावित हो सकती है और भूस्खलन की आशंका बढ़ सकती है। हालांकि इस तरह के जोखिम की तीव्रता स्थानीय वर्षा और भूगर्भीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
दिल्ली-एनसीआर : नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में आंधी तथा ओलों का खतरा
दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में गुरुवार 29 अक्टूबर को मौसम में अचानक बदलाव होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि की संभावना जताई है। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के कुछ हिस्सों में बारिश के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चल सकती हैं। शुक्रवार को भी बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार 29 और 30 अक्टूबर को दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के व्यापक क्षेत्र में वर्षा होने की संभावना है।
दिल्ली-एनसीआर में मौसम परिवर्तन की मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ से संबंधित वायुमंडलीय गतिविधि है। अर्नब के अवशेष पूर्वी और मध्य भारत को प्रभावित कर रहे हैं, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत में अलग मौसम प्रणाली सक्रिय है। इन दोनों स्थितियों का प्रभाव एक ही समय पर दिखाई दे रहा है। बारिश और तेज हवा से दिल्ली के अधिकतम तापमान में गिरावट आ सकती है। वायु प्रदूषण की स्थिति में भी अस्थायी बदलाव संभव है, लेकिन बारिश होने मात्र से प्रदूषण का स्थायी समाधान नहीं माना जा सकता। बुधवार सुबह दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक लगभग 250 दर्ज किया गया था, जो खराब श्रेणी में आता है।
नई दिल्ली के स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार गुरुवार को बारिश की संभावना लगभग 55 प्रतिशत है। अधिकतम तापमान 28 और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। शाम चार से छह बजे के आसपास बादल घिरने और गरज-चमक वाली बारिश की संभावना अधिक है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान लगभग 27 डिग्री रहने और बारिश की संभावना घटकर करीब 12 प्रतिशत तक आने का पूर्वानुमान है। इस तरह दिल्ली के लिए गुरुवार अधिक संवेदनशील दिन है। मौसम विभाग की क्षेत्रीय ओलावृष्टि चेतावनी के बावजूद नई दिल्ली के स्थानीय पूर्वानुमान में शुक्रवार को व्यापक बारिश का स्पष्ट संकेत नहीं है।
पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ : 29-30 अक्टूबर को ओलावृष्टि की आशंका
पंजाब के अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, पटियाला और मोहाली तथा हरियाणा के अंबाला, करनाल, पानीपत, रोहतक, हिसार और सोनीपत सहित अनेक क्षेत्रों में गुरुवार और शुक्रवार को मौसम बदल सकता है। चंडीगढ़ में भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में दोनों दिन कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। तेज हवाओं की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे और कुछ स्थानों पर झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
यहां सबसे महत्वपूर्ण खतरा ओलावृष्टि और अचानक तेज हवाओं का है। खुले खेतों में रखी उपज, फल-सब्जियों की फसल तथा कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। हालांकि ओलावृष्टि की चेतावनी क्षेत्र के कुछ स्थानों के लिए है, प्रत्येक शहर में ओले पड़ना निश्चित नहीं है।
राजस्थान : जयपुर, अलवर और भरतपुर में मौसम बिगड़ने का अनुमान
पूर्वी राजस्थान में 29 अक्टूबर को गरज-चमक, तेज हवा और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि का अनुमान है। जयपुर, अलवर, भरतपुर, दौसा, धौलपुर और करौली सहित पूर्वी जिलों में मौसम प्रभावित हो सकता है। 30 अक्टूबर को भी राज्य के कुछ भागों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी रहेगी। पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, बीकानेर और आसपास के क्षेत्रों में छिटपुट बारिश तथा 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक हवाएं चलने का अनुमान है। हालांकि पूर्वी राजस्थान की तुलना में पश्चिमी हिस्से में बारिश का प्रभाव सीमित रहने की संभावना है।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश : पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी
उत्तराखंड में 29 और 30 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, नैनीताल, हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों में मौसम बदल सकता है। कुछ स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवा चलने और तेज झोंकों के 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। शुक्रवार को राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है।
हिमाचल प्रदेश के शिमला, सोलन, मंडी, कुल्लू और कांगड़ा सहित कुछ क्षेत्रों में 29 और 30 अक्टूबर को बारिश तथा गरज-चमक हो सकती है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ स्थानों पर भी मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है। पर्वतीय क्षेत्रों के लिए इस समय बिजली गिरने, अचानक तेज बारिश और यात्रा मार्ग प्रभावित होने की आशंका महत्वपूर्ण है। यह मौसम परिवर्तन मुख्यतः उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और उससे जुड़ी परिस्थितियों के कारण है, न कि अर्नब के केंद्र के सीधे पहाड़ों तक पहुंचने के कारण।
अगले दो दिनों में सबसे अधिक खतरा कहां?
देशभर के पूर्वानुमानों को देखें तो गुरुवार 29 अक्टूबर को दो अलग-अलग प्रकार की मौसमी चुनौतियां सामने हैं। पहला खतरा अर्नब के अवशेषों से जुड़ी भारी बारिश का है, जो पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पूर्वी मध्य प्रदेश में अधिक महत्वपूर्ण होगा। दूसरा खतरा पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ी आंधी, गरज-चमक और ओलावृष्टि का है, जिसका असर दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और राजस्थान के कुछ हिस्सों में पड़ सकता है।
शुक्रवार 30 अक्टूबर को भारी बारिश का अपेक्षाकृत अधिक महत्वपूर्ण क्षेत्र बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश रहने का अनुमान है। पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों और सिक्किम में भी वर्षा की संभावना बनी रहेगी। दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में क्षेत्रीय स्तर पर मौसम विभाग की चेतावनी जारी रहने के बावजूद नई दिल्ली के स्थानीय पूर्वानुमान में शुक्रवार को बारिश की संभावना काफी कम दिखाई दे रही है।
अगले 48 घंटों के लिए सबसे जरूरी सावधानी भारी वर्षा की चेतावनी वाले जिलों में जलभराव और निचले इलाकों से बचने की है। दूसरी ओर आंधी और ओलावृष्टि वाले क्षेत्रों में पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों के आसपास अतिरिक्त सतर्कता जरूरी होगी। किसानों के लिए खेतों में कटी पड़ी उपज को सुरक्षित करना उपयोगी होगा।


