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Neerja Sharma Murder: मां की हत्या को बेटी पर ₹7 लाख की सुपारी देने का आरोप! चचेरे भाई से था अफेयर
राजस्थान की राजधानी जयपुर से सामने आए एक सनसनीखेज नीरजा शर्मा हत्याकांड रोज नए नए खुलासे हो रहे हैं। अब खबर है कि हत्या की आरोपी आयुषी के मामा ने पुलिस को बताया कि आयुषी का उसके चचेरे भाई बलराम के साथ अफेयर था।
Jaipur Neerja Sharma Murder Case: राजस्थान की राजधानी जयपुर से सामने आए एक सनसनीखेज मामले ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। जिस घटना को शुरुआती जांच में एक सामान्य सड़क हादसा माना गया था, वह अब पुलिस जांच में कथित तौर पर सुपारी देकर कराई गई हत्या का मामला बन गई है। पुलिस का आरोप है कि मृतका की अपनी ही बेटी ने ₹7 लाख की सुपारी देकर मां को रास्ते से हटाने की साजिश रची, ताकि इसे एक सामान्य एक्सीडेंट साबित किया जा सके। इस मामले में पुलिस ने मृतका की बेटी आयुषी शर्मा समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, पुलिस के सभी आरोप अभी जांच के अधीन हैं और इनकी पुष्टि अदालत में होना बाकी है।
इसी बीच आरोपी युवती के मामा के बयान के आधार पर भी मीडिया में सनसनीखेज खुलासे किए जा रहे हैं। बताया जा जा रहा की आरोपी आयुषी के मामा ने बताया कि उसने एक बार अपनी मां से कहा था, "जब मैंने पापा को मार दिया तो तुम लोग क्या चीज हो"। इस खुलासे के बाद नीरजा शर्मा के भाई और आयुषी के मामा राकेश शर्मा ने अदालत में आवेदन देकर आयुषी के पिता की मौत कि जांच फिर से कराने की मांग की है।
चचेरे भाई से था अफेयर?
अपनी विधवा मां की हत्या कराने के आरोप में गिरफ्तार आयुषी के अफेयर की बातें भी सामने आ रही हैं। बताया जा रहा कि आयुषी के मामा ने दावा किया है कि आयुषी के चचेरे भाई बलराम ने उसे अपने प्रेम जाल में फंसा रखा था। आयुषी के अश्लील विडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल भी कर रहा था। राकेश शर्मा ने पुलिस से मांग की है कि मामले में फरार आरोपी बलराम को गिरफ्तार कर मामले कि जांच की जाए।
3 जुलाई को हुआ था कथित 'डेथ प्लान' का क्रियान्वयन
पुलिस के मुताबिक, 3 जुलाई की शाम जयपुर के प्रताप नगर इलाके में नीरजा शर्मा अपने बेटे को कोचिंग छोड़कर घर लौट रही थीं। इसी दौरान करीब 4:45 बजे एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो SUV ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि नीरजा शर्मा करीब 100 फीट दूर जा गिरीं और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। शुरुआत में पुलिस ने इसे सड़क दुर्घटना मानकर जांच शुरू की, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों ने पूरी कहानी बदल दी।
CCTV ने खोली कथित साजिश की परतें
जांच के दौरान पुलिस को ऐसे साक्ष्य मिले, जिनके आधार पर अधिकारियों को संदेह हुआ कि यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं, बल्कि पहले से रची गई कथित साजिश हो सकती है।
पुलिस का दावा है कि नीरजा शर्मा की कई दिनों तक रेकी की गई। उनकी रोजमर्रा की गतिविधियों पर नजर रखी गई और सही समय मिलने पर स्कॉर्पियो से कथित तौर पर उन्हें निशाना बनाया गया। पूरी योजना का मकसद हत्या को सड़क हादसे का रूप देना था, ताकि किसी को शक न हो।
'सरकारी नौकरी और संपत्ति' बनी कथित हत्या की वजह
जांच एजेंसियों के अनुसार, नीरजा शर्मा जयपुर कोर्ट में लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC) थीं। उन्हें यह नौकरी उनके पति विजय कुमार शर्मा की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति के तहत मिली थी।
पुलिस का आरोप है कि बेटी आयुषी शर्मा की नजर मां की सरकारी नौकरी से मिलने वाले संभावित अनुकंपा लाभ और पारिवारिक संपत्ति पर थी। जांचकर्ताओं का दावा है कि इन्हीं कारणों ने कथित तौर पर इस पूरी साजिश को जन्म दिया।
₹7 लाख की सुपारी देने का आरोप
पुलिस जांच में दावा किया गया है कि हत्या को अंजाम देने के लिए करीब ₹7 लाख की सुपारी दी गई थी। कथित तौर पर कई लोगों को इस साजिश में शामिल किया गया और हर आरोपी की अलग-अलग भूमिका तय की गई। पुलिस अब वित्तीय लेनदेन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है।
सात आरोपी सलाखों के पीछे, जांच जारी
जयपुर पुलिस ने इस मामले में आयुषी शर्मा सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ जारी है और जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
पुलिस का कहना है कि सभी साक्ष्य जुटाने के बाद आरोपपत्र अदालत में पेश किया जाएगा। फिलहाल पुलिस द्वारा लगाए गए आरोप जांच के आधार पर हैं और सभी आरोपियों का दोष या निर्दोष होना न्यायालय में सुनवाई के बाद ही तय होगा।


