NEET पेपर लीक में CBI ने पलटा पूरा खेल, मास्टरमाइंड संजीव मुखिया को दी क्लीन चिट

NEET 2024 Paper Leak Accused: नीट-यूजी 2024 पेपर लीक मामले में बड़ा मोड़ सामने आया है। सीबीआई ने जांच के बाद कथित मास्टरमाइंड संजीव मुखिया को इस मामले में क्लीन चिट देते हुए चार्जशीट में उसका नाम शामिल नहीं किया।

Harsh Srivastava
Published on: 23 July 2026 5:05 PM IST (Updated on: 23 July 2026 5:05 PM IST)
NEET पेपर लीक में CBI ने पलटा पूरा खेल, मास्टरमाइंड संजीव मुखिया को दी क्लीन चिट
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NEET 2024 Paper Leak Accused: देश की सबसे चर्चित और लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ी नीट-यूजी 2024 (NEET-UG 2024) परीक्षा धांधली मामले में एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने कथित तौर पर इस पूरे नेटवर्क के मुख्य सूत्रधार माने जाने वाले संजीव कुमार उर्फ 'संजीव मुखिया' को बेगुनाह करार देते हुए क्लीन चिट दे दी है। सीबीआई का कहना है कि गहन जांच-पड़ताल के बाद भी संजीव मुखिया के खिलाफ इस विशेष मामले में कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं।

बिहार पुलिस ने बनाया था आरोपी

नालंदा के रहने वाले संजीव मुखिया का नाम शुरुआत में बिहार पुलिस की जांच के दौरान तेजी से उभरा था। कई दिनों तक फरार रहने के बाद जब पुलिस ने उसे धर दबोचा था, तब उसे इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड घोषित किया गया था। सीबीआई ने गुरुवार (23 जुलाई 2026) को स्पष्ट किया कि अतीत में अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने में नाम आने के कारण ही शुरुआती तौर पर उस पर शक गहराया था। इसी आधार पर बिहार पुलिस ने एफआईआर में उसे नामजद किया था, लेकिन नीट-2024 की जांच में उसकी सीधी संलिप्तता का कोई प्रमाण नहीं मिला।

चार्जशीट से नाम गायब

मामला हाथ में लेने के बाद सीबीआई ने पर्चा लीक करने वाले गिरोह की एक-एक कड़ी को बारीकी से खंगाला। जांच एजेंसी ने पटना की विशेष अदालत में कुल 45 आरोपियों के खिलाफ व्यापक चार्जशीट पेश की है, जिसमें से संजीव मुखिया का नाम हटा दिया गया है। सबूतों के अभाव के चलते उसे कोर्ट से इस मामले में जमानत भी मिल गई। हालांकि, बिहार में अन्य पुरानी परीक्षाओं के फर्जीवाड़े में आरोपी होने के कारण उसे फिलहाल सलाखों के पीछे ही रहना पड़ेगा।

CBI का दावा: पूरी साजिश का हुआ पर्दाफाश

केन्द्रीय जांच एजेंसी का कहना है कि नीट-2024 मामले की पड़ताल अब अंतिम चरण में है और पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया गया है। जांच में सामने आया था कि हजारीबाग (झारखंड) के एक केंद्र से पेपर चुराकर पटना के एक स्कूल में कई अभ्यर्थियों को मुहैया कराया गया था और इसके बदले लाखों रुपये वसूले गए थे। सीबीआई का दावा है कि इस अपराध में शामिल हर असली गुनहगार को बेनकाब कर कानून के दायरे में ला खड़ा किया गया है।

SC ने खारिज की थी दोबारा परीक्षा की मांग

मई 2024 में जब यह घोटाला सामने आया था, तब पूरे देश में भारी बवाल मचा था और परीक्षा रद्द कराने की मांग उठी थी। हालांकि, मामला जब शीर्ष अदालत पहुंचा, तो सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा था कि यह गड़बड़ी केवल कुछ स्थानीय केंद्रों तक ही सीमित थी और बड़े पैमाने पर इसका प्रसार नहीं हुआ था। इसी वजह से सर्वोच्च अदालत ने पूरी परीक्षा को दोबारा कराने की याचिका खारिज कर दी थी।

कौन है संजीव मुखिया? डेढ़ दशक से विवादों से नाता

नालंदा के नगरनौसा का रहने वाला संजीव मुखिया पिछले 15 वर्षों से अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं में धांधली को लेकर चर्चा में रहा है।

2010: सबसे पहले मेडिकल प्रवेश परीक्षा में आया नाम।

2016 व 2020: बिहार सिपाही भर्ती और शिक्षक भर्ती (TRE) घोटाले में आया नाम।

राजनीतिक पृष्ठभूमि: संजीव की पत्नी ममता कुमारी ने वर्ष 2020 का बिहार विधानसभा चुनाव हरनौत सीट से लोजपा के टिकट पर लड़ा था।

Harsh Srivastava
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हर्ष श्रीवास्तव वाराणसी के रहने वाले पत्रकार और डिजिटल कंटेंट प्रोफेशनल हैं। वर्तमान में वे लखनऊ स्थित न्यूज़ट्रैक में डेस्क इंचार्ज के पद पर कार्यरत हैं। यहां वे कंटेंट प्लानिंग, एडिटोरियल कोऑर्डिनेशन, न्यूज़रूम संचालन के साथ-साथ रिसर्च आधारित एक्सप्लेनर, न्यूज़ फीचर और विश्लेषणात्मक लेख तैयार करते हैं। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है। उन्होंने वर्ष 2023 में पत्रकारिता की शुरुआत की और हिन्दुस्तान, टाइम्स इंटरनेट, इंडिया न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। वाराणसी, दिल्ली और लखनऊ में काम करने के दौरान उन्हें रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और डिजिटल पत्रकारिता का अनुभव प्राप्त हुआ। हर्ष की विशेष रुचि राजनीति, चुनाव, अपराध, सार्वजनिक नीति, सुशासन और समसामयिक विषयों पर शोध-आधारित पत्रकारिता में है। वे गहन रिसर्च, फैक्ट-चेकिंग और सरल भाषा के माध्यम से जटिल विषयों को पाठकों तक सटीक, विश्वसनीय और प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास करते हैं।

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