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अमित शाह के पीछे हाथ धो कर पड़ी कांग्रेस! राहुल के बाद अब खरगे ने भी मांगा इस्तीफा, राज्यसभा में जोरदार हंगामा
Kharge Demands Amit Shah Resignation: राज्यसभा में NEET विवाद और छात्रों के प्रदर्शन को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार को घेरा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफे की मांग की। लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान सदन में जोरदार हंगामा हुआ।
Kharge Demands Amit Shah Resignation: संसद के निचले सदन से पारित होने के उपरांत लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 को चर्चा और स्वीकृति हेतु उच्च सदन में रखा गया। इस महत्वपूर्ण विधायी कार्यवाही के दौरान सदन में भारी हंगामा देखने को मिला। विपक्ष के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में हुई कथित गड़बड़ियों और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाते हुए पूछा कि देश के युवाओं से जुड़े इतने गंभीर प्रकरण पर शीर्ष नेतृत्व की चुप्पी का आखिर क्या कारण है।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों पर बल प्रयोग का मुद्दा
विपक्षी नेता ने 20 जुलाई की घटना का उल्लेख करते हुए सदन को अवगत कराया कि हजारों की संख्या में छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से मार्च निकाल रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि संवाद स्थापित करने के बजाय प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले, पैलेट गैस और विद्युतीकृत बैरिकेड्स का प्रयोग किया गया। इसके अतिरिक्त, आवागमन को रोकने के लिए नजदीकी रेलवे और मेट्रो स्टेशनों को भी अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। उन्होंने दावा किया कि इस कठोर कार्रवाई के कारण 100 से अधिक अभ्यर्थी गंभीर रूप से चोटिल हो गए और कइयों को आपातकालीन चिकित्सा केंद्र (ICU) में भर्ती होना पड़ा।
जिम्मेदारी तय करने की मांग पर गर्माया माहौल
सदन में अपने वक्तव्य के दौरान खरगे ने सीधे तौर पर गृह मंत्रालय को इस स्थिति के लिए उत्तरदायी ठहराया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक भवनों के बंद कमरों में बैठकर इस प्रकार के निर्णय नहीं लिए जा सकते और एक दिन जनप्रतिनिधियों को जनता के समक्ष जवाब देना ही होगा। विपक्ष के इस आक्रामक रुख पर सत्ता पक्ष के कद्दावर नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने त्वरित आपत्ति जताई। नड्डा ने कहा कि संसदीय मर्यादाओं का पालन सभी सदस्यों का कर्तव्य है। उन्होंने विपक्षी नेता से आग्रह किया कि वे भावुकता में बहने के स्थान पर तर्कसंगत ढंग से अपनी बात रखें और असंसदीय शब्दावली के प्रयोग से परहेज करें।
डिजिटल संवाद और सोशल मीडिया गतिविधियों पर कटाक्ष
विपक्षी दल के नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश का युवा जब सड़कों पर न्याय की गुहार लगा रहा था, तब देर रात इंटरनेट प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर बधाई संदेश दिए जा रहे थे। खरगे ने तंज कसते हुए कहा कि जनता को संबोधित करने की परंपरा निभाने वाले नेतृत्व को संकट के समय पीड़ित अभ्यर्थियों से सीधे बात करने का समय नहीं मिला। उन्होंने सवाल उठाया कि सादे कपड़ों में सुरक्षा बलों द्वारा छात्रों के साथ की गई धक्का-मुक्की का आदेश आखिर किस स्तर से जारी किया गया था।
गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग से बढ़ी सियासी तपिश
बहस को अंतिम चरण में पहुंचाते हुए राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश के करोड़ों नागरिक और परीक्षार्थी इन ज्वलंत प्रश्नों के पारदर्शी उत्तर चाहते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि केंद्रीय गृह मंत्री पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई की नैतिक जिम्मेदारी नहीं ले सकते, तो उन्हें तत्काल प्रभाव से अपने पद से त्यागपत्र दे देना चाहिए। इस पूरे घटनाक्रम के बाद संसद के दोनों सदनों में परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक विरोधी कानून और छात्र सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक तापमान अत्यंत बढ़ गया है और आगामी सत्रों में भी इसके गहराने के पूरे आसार हैं।


