NEET Paper Leak मामले पर Arvind Kejriwal की एंट्री, जनता से की सड़कों पर उतरने की अपील, सरकार पर लगाए बड़े आरोप

Arvind Kejriwal Statements on NEET Controversy: अब दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक Arvind Kejriwal ने भी इस मुद्दे पर तीखा रुख अपनाते हुए जनता से सड़कों पर उतरने की अपील की है।

Priya Singh Bisen
Published on: 18 Jun 2026 2:10 PM IST (Updated on: 18 Jun 2026 2:10 PM IST)
Arvind Kejriwal Statements on NEET Controversy
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Arvind Kejriwal Statements on NEET Controversy

Arvind Kejriwal Statements on NEET Controversy: देश में NEET परीक्षा में कथित तौर पर हुई धांधली और Paper Leak को लेकर विवाद तेजी से गहराता जा रहा है। छात्रों में लगातार बढ़ रहे आक्रोश के बीच अब यह मामला पूरी तरह से सियासी रंग ले चुका है। विपक्षी दलों के शीर्ष नेता लगातार सरकार पर सवाल खड़े कर रहे हैं। राहुल गांधी और अखिलेश यादव के बाद अब दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक Arvind Kejriwal ने भी इस मुद्दे पर तीखा रुख अपनाते हुए जनता से सड़कों पर उतरने की अपील की है।

केजरीवाल का यह बयान सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में ज़बरदस्त हलचल मच गई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी करते हुए केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और इसे "कॉमेडी सर्कस" तक करार दिया।

Kejriwal की जनता से अपील: - "अब सड़कों पर उतरना होगा"

Arvind Kejriwa ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि जब तक देश की जनता आवाज नहीं उठाएगी, तब तक सरकार इन मुद्दों पर गंभीरता नहीं बरतेगी। उन्होंने कहा कि NEET जैसी बड़े परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक जैसी घटनाएं देश के लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ हैं। केजरीवाल ने कहा, “यदि आज हम इस तरह से शांत बैठे रहे तो आने वाली पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेंगी। अब वक्त है कि छात्र, युवा और आम जनता मिलकर सड़कों पर उतरें और अपनी आवाज बुलंद करें।”

उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष का काम सिर्फ संसद में विरोध करना नहीं है, बल्कि जनता को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना भी है।

Rahul Gandhi और Akhilesh Yadav पहले ही उठा चुके हैं मुद्दा

इस विवाद पर पहले ही कांग्रेस नेता Rahul Gandhi और समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav सरकार को घेर चुके हैं। राहुल गांधी ने इसे “युवाओं के सपनों की हत्या” बताया था, जबकि अखिलेश यादव ने इसे “बेरोजगारी और भ्रष्टाचार का नतीजा” करार दिया था।

अब केजरीवाल के इस बयान ने इस मुद्दे को और भी व्यापक बना दिया है। विपक्षी दलों की तरफ से लगातार हो रहे हमलों से यह मामला अब एक राष्ट्रीय बहस का रूप लेता जा रहा है।

सरकार पर गंभीर आरोप

Kejriwal ने अपने बयान में केंद्र सरकार पर तगड़ा तंज कसते हुए कहा कि देश में गंभीर मुद्दों को हल करने के बजाय ध्यान भटकाने की राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार पहले सुरक्षा और तकनीकी मुद्दों पर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन वास्तविक समस्याओं पर कोई ठोस कदम नहीं उठाती।

उन्होंने वायुसेना की सुरक्षा और टेलीग्राम जैसे ऐप्स पर संभावित प्रतिबंध का उदाहरण देते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किये और कहा कि यह सब एक “कॉमेडी सर्कस” जैसा प्रतीत होता है।

NEET Paper Leak को बताया संगठित नेटवर्क

केजरीवाल ने NEET पेपर लीक को सिर्फ एक साधारण घटना नहीं बल्कि एक संगठित नेटवर्क का बड़ा भाग बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे सिस्टम के पीछे एक बड़ा रैकेट काम कर रहा है, जिसमें प्रभावशाली लोग भी शामिल हो सकते हैं।

उनका कहना है कि पेपर लीक से जो अवैध कमाई होती है, उसका प्रयोग राजनीतिक खरीद-फरोख्त में किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इसी पैसे से विधायकों और सांसदों को प्रभावित करने की कोशिशें भी की जाती हैं। अगर इन आरोपों में सच्चाई है, तो यह देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरे का संकेत हो सकता है।

तमाम छात्रों के भविष्य पर बड़ा संकट

NEET परीक्षा को लेकर चल रहा यह विवाद अब छात्रों के भविष्य से जुड़ा सबसे बड़ा सवाल बन गया है। लाखों छात्र और अभिभावक इस पूरे घटनाक्रम से परेशान हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता नहीं लाई गई तो यह संकट और गहरा सकता है। केजरीवाल ने भी मांग की है कि एक उच्च स्तरीय न्यायिक समिति बनाई जाए जो पूरी परीक्षा प्रक्रिया की जांच करे और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाए। उन्होंने कहा कि जब तक कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक पेपर लीक जैसी घटनाएं रुकना मुश्किल है।

राजनीतिक प्रभाव और होने वाले चुनावों पर निगाह

इसे लेकर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि NEET विवाद अब केवल एक परीक्षा मुद्दा नहीं रहा, बल्कि यह एक बड़ा राजनीतिक हथियार बन चुका है। विपक्ष इस मुद्दे को युवाओं के बीच सरकार विरोधी माहौल बनाने के लिए प्रयोग कर सकता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि यह असंतोष बढ़ता रहा तो आगामी चुनावों में इसका बड़ा प्रभाव देखने को मिल सकता है। युवा वर्ग का गुस्सा किसी भी सरकार के लिए चुनौती बन सकता है।

बता दे, NEET पेपर लीक विवाद अब सिर्फ एक शैक्षणिक मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह राजनीति, प्रशासनिक पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य से जुड़ा एक बड़ा राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है। अरविंद केजरीवाल की सड़कों पर उतरने की अपील ने इस विवाद को और तेज कर दिया है।

अब देखना होगा कि सरकार इस मामले पर क्या कदम उठाती है और क्या छात्रों को न्याय मिल पाता है या नहीं। फिलहाल, पूरे देश में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक और सामाजिक तनाव तेजी से बढ़ता जा रहा है।

Priya Singh Bisen
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Priya Singh Bisen

Priya Singh Bisen is a journalist with over five years of experience in the news and digital media industry. She covers a wide range of topics, including weather, lifestyle, health, politics, and international affairs. In addition to news writing, Priya has experience in news script writing, voice-overs, anchoring, field reporting, and social media management. She holds a Bachelor's degree in Mass Communication and a Master's degree in Advertising and Public Relations. Priya also enjoys writing, traveling, and playing sports, pursuits that reflect her curiosity and passion for exploring new perspectives.

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