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NEET Paper Leak: 'यह राजनीतिक मंच नहीं, युवाओं की आवाज है...',कोटा में बोले राहुल गांधी
NEET Paper Leak Protest: कोटा के दशहरा मैदान में राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले छात्रों ने 'No More Paper Leak' सिग्नेचर कैंपेन के जरिए विरोध जताया। छात्रों ने परीक्षा में पारदर्शिता और पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई की मांग की। राहुल गांधी ने इसे युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा बताया।
NEET Paper Leak Protest: पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रही गड़बड़ियों के खिलाफ कांग्रेस नेता राहुल गांधी बुधवार को राजस्थान के कोटा पहुंचे। शिक्षा नगरी के रूप में पहचान रखने वाले कोटा में आयोजित छात्र संवाद कार्यक्रम में हजारों छात्रों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम से पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर छात्रों से अपील करते हुए कहा था कि हर पेपर लीक, हर रद्द परीक्षा और हर अधूरी भर्ती सिर्फ सिस्टम की विफलता नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के सपनों पर सीधा हमला है। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया था कि कोटा से एक ऐसी आवाज उठाई जाए जिसे देशभर में अनसुना न किया जा सके।
दशहरा मैदान में छात्रों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वह यहां किसी राजनीतिक मुद्दे पर नहीं, बल्कि युवाओं की समस्याओं पर बात करने आए हैं। उन्होंने कहा, "मैं भाजपा, कांग्रेस या किसी अन्य राजनीतिक विषय पर चर्चा नहीं करूंगा। आज केवल छात्रों के भविष्य और उनके संघर्षों की बात होगी।"
राहुल गांधी ने अपनी भारत जोड़ो यात्रा का जिक्र करते हुए बताया कि कन्याकुमारी से कश्मीर तक यात्रा के दौरान उन्होंने लाखों युवाओं से बातचीत की। अधिकांश छात्रों ने इंजीनियर, डॉक्टर या वकील बनने की इच्छा जताई, लेकिन जब उन्होंने युवाओं से उनके दिल की बात पूछी तो कई छात्रों ने अभिनेता, डांसर और अन्य रचनात्मक क्षेत्रों में करियर बनाने की इच्छा व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि मौजूदा शिक्षा व्यवस्था युवाओं के सपनों और प्रतिभा को सीमित करने का काम कर रही है। राहुल ने एक उदाहरण साझा करते हुए बताया कि हेलीकॉप्टर की सैर के बाद कुछ छात्राओं ने पायलट बनने की इच्छा जताई, जो पहले उनके मन में नहीं थी।
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने परीक्षा प्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के जरिए छात्रों और उनके परिवारों से बड़ी रकम वसूलती है, लेकिन इसके बावजूद पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं की घटनाएं लगातार सामने आती हैं। उन्होंने कहा कि 22 लाख से अधिक नीट अभ्यर्थियों और उनके परिवारों पर बढ़ती प्रतिस्पर्धा और महंगी शिक्षा व्यवस्था का बोझ पड़ रहा है।
राहुल गांधी ने छात्रों से कहा कि उनका उद्देश्य उन्हें निराश करना नहीं, बल्कि देश को यह बताना है कि युवा बेहद कठिन परिस्थितियों में अपने सपनों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों पर बढ़ता मानसिक दबाव चिंता का विषय है और शिक्षा व्यवस्था को उनके हित में बदलने की जरूरत है।


