NEET के सवालों पर लोकसभा में रोक? CJP के Saurav Das ने सरकार को घेरा, बोले- ‘युवाओं को नजरअंदाज नहीं कर सकते’

NEET Protest को लेकर लोकसभा में पूछे गए सवालों के Disallow होने का CJP के Saurav Das ने दावा किया। जानें NEET फीस, छात्र प्रदर्शन और संसद में जवाबदेही पर पूरा विवाद।

Alakha Singh
Published on: 16 Aug 2026 5:38 PM IST (Updated on: 16 Aug 2026 5:38 PM IST)
NEET के सवालों पर लोकसभा में रोक? CJP के Saurav Das ने सरकार को घेरा, बोले- ‘युवाओं को नजरअंदाज नहीं कर सकते’
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NEET Protest Lok Sabha Questions, CJP Saurav Das: NEET और छात्र आंदोलनों से जुड़े सवालों को लोकसभा में पूछे जाने की अनुमति नहीं दिए जाने को लेकर Cockroach Janta Party (CJP) के मुख्य प्रवक्ता Saurav Das ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। Das ने दावा किया कि सांसद द्वारा पूछे गए तीन सेट के सवालों को नियमों का हवाला देकर रोक दिया गया, जबकि इनमें NEET-UG 2026 की आवेदन फीस वापसी, छात्रों के प्रदर्शन और प्रदर्शनकारियों को उपलब्ध कराई गई बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे शामिल थे।

Das ने सोशल मीडिया पोस्ट में सवाल उठाया कि अगर संसद में सरकार से ऐसे सवाल नहीं पूछे जा सकते, तो फिर कार्यपालिका को जवाबदेह किस मंच पर बनाया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah की संसद में अनुपस्थिति को लेकर भी सवाल खड़े किए।

DMK सांसद ने पूछे थे सवाल

Das के मुताबिक, तमिलनाडु के Namakkal से DMK सांसद Matheswaran VS ने केंद्रीय गृह मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय से तीन अलग-अलग सेट में सवाल पूछे थे। इनमें NEET-UG 2026 की आवेदन फीस की वापसी, सरकार को लेकर बढ़ते अविश्वास और छात्रों से जुड़े कई मुद्दों पर जवाब मांगा गया था।

उनके अनुसार सवालों में दिल्ली के Jantar Mantar पर CJP प्रदर्शनकारियों को कथित तौर पर पेयजल और स्वच्छता जैसी सुविधाएं नहीं मिलने, सरकार और प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच बातचीत, छात्र कल्याण, पेपर लीक, शिक्षा सुधार और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार के इस्तेमाल के दौरान नागरिकों के साथ व्यवहार जैसे मुद्दे भी शामिल थे।


Rule 41(2) का हवाला देकर सवाल रोके जाने का दावा

Das ने दावा किया कि सवालों को लोकसभा के Rule 41(2) के विभिन्न प्रावधानों—जिनमें क्लॉज (i), (iv), (xviii) और (xxii) शामिल हैं—का हवाला देकर स्वीकार नहीं किया गया।

उन्होंने इन आधारों को “बेतुका” बताते हुए कहा कि ये सवाल पूरी तरह वैध थे और संसद में सरकार से जवाब मांगने के अधिकार के दायरे में आते हैं।

Das ने कहा कि “संसद को चुप नहीं कराया जा सकता और युवाओं की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।” उनका तर्क है कि Question Hour महज संसदीय प्रक्रिया नहीं, बल्कि सरकार को जनता के निर्वाचित प्रतिनिधियों के प्रति जवाबदेह बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

NEET आंदोलन के बाद फिर गरमाया मुद्दा

यह विवाद उस आंदोलन की पृष्ठभूमि में सामने आया है, जिसका नेतृत्व CJP ने NEET में कथित अनियमितताओं को लेकर किया था। संगठन ने तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग भी उठाई थी।

Jantar Mantar पर कई सप्ताह तक चले प्रदर्शन के बाद सरकार के साथ बातचीत और Pradhan के इस्तीफे के बाद संगठन ने आंदोलन वापस लेने की घोषणा की थी।

राजनीतिक मायने क्या हैं?

इस पूरे घटनाक्रम में असली सवाल सिर्फ तीन संसदीय प्रश्नों के स्वीकार या अस्वीकार होने का नहीं, बल्कि संसद में छात्र आंदोलनों और सरकार की जवाबदेही का है। हालांकि सवालों को रोकने का फैसला संसदीय नियमों के तहत हुआ या इसके पीछे कोई व्यापक राजनीतिक कारण था, इसका अंतिम निष्कर्ष संबंधित संसदीय रिकॉर्ड और सरकार के आधिकारिक स्पष्टीकरण से ही निकलेगा।

फिलहाल Das के आरोपों ने NEET विवाद और छात्र आंदोलनों को एक बार फिर संसद की जवाबदेही और लोकतांत्रिक विमर्श के केंद्र में ला दिया है।

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Alakha Singh is a journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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