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'शिक्षा मंत्री हटाओ'... छात्रों के मुद्दे पर घिरा केंद्र! प्रियंका, राहुल और अखिलेश के ताबड़तोड़ हमलों से गरमाई देश की राजनीति
NEET Paper Leak Row: देश में छात्रों के आंदोलन और कथित नीट पेपर लीक विवाद को लेकर सियासी बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है।
NEET Paper Leak Row
NEET Paper Leak Row: देश में छात्रों के आंदोलन और कथित नीट (NEET) पेपर लीक (Paper Leak) विवाद को लेकर सियासी बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। कांग्रेस (Congress) की लोकसभा नेता प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) और लोकसभा (Lok Sabha) में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखे हमले किए हैं। वहीं, दिल्ली में चल रहे छात्रों के आंदोलन को लेकर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
प्रियंका गांधी ने शिक्षा व्यवस्था पर खड़े किये गंभीर सवाल
"The Modi government has not just degraded India’s education landscape but has also made a habit of acting with utter impunity, supreme self-delusion, and abject insensitivity. India’s students have called the Modi regime’s bluff. It is our moral, political, and constitutional… pic.twitter.com/DM4n1zCZd3
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) July 24, 2026
प्रियंका गांधी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'X' पर अपनी माँ सोनिया गांधी का एक पोस्ट साझा किया। इस पोस्ट के माध्यम से उन्होंने मोदी सरकार (Modi Government) तगड़ा हमला बोला है। साथ ही उन्होंने अपने पोस्ट में कहा, कि प्रधानमंत्री ने न सिर्फ भारत की शिक्षा व्यवस्था को कमजोर नहीं किया, बल्कि बिना जवाबदेही के काम करना, आत्ममुग्धता और असंवेदनशीलता उसकी आदत बन गई है।
उन्होंने कहा कि देश के छात्रों ने सरकार के दावों की सच्चाई सामने ला दी है। उनके अनुसार, छात्रों के साथ खड़ा होना और उनके भविष्य की रक्षा करना नैतिक, राजनीतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी है।
अखिलेश यादव का BJP पर हमला
जब बीमारी ROOT में है तो FRUIT के इलाज से कोई नहीं माननेवाला।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) July 24, 2026
देश में हर समस्या की एक ही जड़ है, जो गई अड़ है : नाम तो सुना होगा ‘BJP’
NO FAST TRACK; BJP GO BACK!#No_More_BJP#नहीं_चाहिए_भाजपा
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जब बीमारी जड़ में हो तो सिर्फ उसके परिणामों का इलाज करने से कोई फायदा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि देश की हर समस्या की जड़ भारतीय जनता पार्टी है। उन्होंने अपने संदेश में "नो फास्ट ट्रैक, BJP गो बैक" और "नो मोर BJP" जैसे नारे भी लिखे।
राहुल गांधी बोले, मुझे बोलने नहीं दिया गया
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सदन में उन्हें अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने चर्चा की बात कही और उनका नाम भी लिया, लेकिन जब वह जवाब देने के लिए खड़े हुए तो उनका माइक ले लिया गया और उन्हें बोलने नहीं दिया गया।
जब तक भ्रष्ट शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त नहीं किया जाता - कोई चर्चा नहीं होगी। pic.twitter.com/6DcNCb5vmz
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 24, 2026
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की तीन प्रमुख मांगें हैं। पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) को पद से हटाने की है। दूसरी मांग उन लोगों पर कार्रवाई करने की है जिन्होंने छात्रों पर कार्रवाई की। तीसरी मांग यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) छात्रों से माफी मांगें। उन्होंने साफ कहा कि शिक्षा मंत्री को हटाए जाने से पहले विपक्ष किसी भी चर्चा या बातचीत में हिस्सा नहीं लेगा।
अभिजीत दिपके ने लगाए गंभीर आरोप
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके (Abhijeet Dipke) ने सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) का अनशन समाप्त होने पर खुशी जताई। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने सोनम वांगचुक को आइसोलेशन में रखा और विपक्षी सांसदों तथा सीजेपी के सदस्यों को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई।
छात्रों के प्रोटेस्ट से देशभर में माहौल गर्म
छात्रों के आंदोलन और कथित नीट (NEET) पेपर लीक (Paper Leak) विवाद को लेकर देश में राजनीतिक माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। एक तरफ विपक्ष इस मुद्दे को शिक्षा व्यवस्था, छात्रों के भविष्य और सरकार की जवाबदेही से जोड़ते हुए लगातार केंद्र सरकार को घेर रहा है, तो दूसरी तरफ संसद से लेकर सड़कों तक इस मुद्दे पर बहस और विरोध जारी है।
कांग्रेस की प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने-अपने बयानों के माध्यम से सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाए जाने से पहले विपक्ष किसी भी चर्चा में शामिल नहीं होगा, जबकि प्रियंका गांधी ने छात्रों के साथ खड़े होने को नैतिक, राजनीतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी बताया है।
देखा जाए तो... इस वक़्त छात्रों का मुद्दा अब सिर्फ परीक्षा या पेपर लीक तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह राजनीतिक बहस और सार्वजनिक चर्चा का बड़ा विषय बन चुका है। संसद के अंदर और बाहर इस मुद्दे को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
ऐसे में अब आगामी दिनों में इस पूरे घटनाक्रम पर सभी की नजर बनी रहेगी, क्योंकि छात्रों के आंदोलन, विपक्ष की रणनीति और सरकार की प्रतिक्रिया आगे की राजनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।


