NEET Paper Leak Update: नीट पेपर लीक जांच में नया मोड़, CBI ने बायोलॉजी लेक्चरर को किया गिरफ्तार

NEET Paper Leak Update: NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI ने एक और बड़ी गिरफ्तारी की है। जांच में अब तक 9 आरोपी पकड़े जा चुके हैं।

Akriti Pandey
Published on: 16 May 2026 4:34 PM IST
NEET Paper Leak Update
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NEET Paper Leak Update

NEET Paper Leak Update: Central Bureau of Investigation द्वारा NEET UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में एक और बड़ी गिरफ्तारी हुई है। सीबीआई सूत्रों के अनुसार, एक बायोलॉजी लेक्चरर को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही इस मामले में अब तक कुल 9 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

पहले गिरफ्तार हो चुका है कथित मास्टरमाइंड

इससे पहले जांच एजेंसी ने मामले के कथित मास्टरमाइंड और केमिस्ट्री लेक्चरर PV Kulkarni को गिरफ्तार किया था। सीबीआई का दावा है कि कुलकर्णी लंबे समय से National Testing Agency की परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े हुए थे और उन्हें प्रश्नपत्रों तक पहुंच हासिल थी। जांच में सामने आया कि अप्रैल के आखिरी सप्ताह में कुलकर्णी ने अपनी सहयोगी Manisha Waghmare के साथ मिलकर छात्रों को इस नेटवर्क से जोड़ना शुरू किया था। मनीषा वाघमारे को 14 मई को गिरफ्तार किया गया था।

पुणे में चलती थी कथित स्पेशल क्लास

सीबीआई (CBI Investigation NEET) के अनुसार, पुणे स्थित कुलकर्णी के घर पर चुनिंदा छात्रों के लिए विशेष क्लास चलाई जाती थी। यहां छात्रों को सवाल, उनके विकल्प और सही जवाब डिक्टेट किए जाते थे। जांच एजेंसी का कहना है कि छात्रों की नोटबुक में लिखे गए सवाल 3 मई को आयोजित NEET UG 2026 परीक्षा के असली प्रश्नपत्र से पूरी तरह मेल खाते हैं।

कई शहरों में हुई गिरफ्तारियां

सीबीआई ने बताया कि इस मामले में जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर समेत कई शहरों से कुल 7 लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से 5 आरोपियों को 7 दिन की सीबीआई रिमांड पर भेजा गया है। बाकी आरोपियों को भी ट्रांजिट रिमांड के जरिए दिल्ली लाया जा रहा है। पिछले 24 घंटों में जांच एजेंसी ने देशभर में कई जगह छापेमारी की। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जब्त किए गए हैं। अब इनकी फॉरेंसिक और तकनीकी जांच की जा रही है।

संगठित सिंडिकेट चलाने का आरोप

जांच में यह भी सामने आया है कि कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे मिलकर एक संगठित सिंडिकेट चला रहे थे। यह नेटवर्क छात्रों की आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति के आधार पर उन्हें निशाना बनाता था। सूत्रों के मुताबिक, कई जगहों पर सेमिनार आयोजित किए गए और पुराने छात्रों, खासकर इंजीनियरिंग बैकग्राउंड वाले युवाओं को एजेंट के रूप में इस्तेमाल किया गया।

शिकायत के बाद खुला मामला

पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब लातूर के कुछ अभिभावकों ने शिकायत की कि एक कोचिंग संस्थान के मॉक टेस्ट में पूछे गए 42 सवाल NEET परीक्षा के असली पेपर से हूबहू मेल खाते थे। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने जांच शुरू की और बाद में मामला सीबीआई को सौंप दिया गया। अब जांच एजेंसी को शक है कि इस नेटवर्क का संबंध NEET 2024 पेपर लीक समेत अन्य मामलों से भी हो सकता है।

Akriti Pandey

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