Telegram Ban: NEET-UG 2026 री-एग्जाम से पहले बड़ा कदम, टेलीग्राम पर अस्थायी रोक

Telegram Ban: NEET-UG 2026 री-एग्जाम से पहले सरकार ने Telegram पर अस्थायी रोक लगा दी है। NTA ने इसे परीक्षा की सुरक्षा और पारदर्शिता से जोड़ा है।

Akriti Pandey
Published on: 16 Jun 2026 10:47 AM IST (Updated on: 16 Jun 2026 10:50 AM IST)
Telegram Ban: NEET-UG 2026 री-एग्जाम से पहले बड़ा कदम, टेलीग्राम पर अस्थायी रोक
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Telegram Ban: NEET-UG 2026 री-एग्जाम को सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से आयोजित कराने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने जानकारी दी है कि Telegram पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी गई है। यह प्रतिबंध 22 जून तक लागू रहेगा, जबकि Telegram का मैसेज एडिट फीचर 30 जून तक बंद रखा जाएगा। यह फैसला 21 जून को होने वाली NEET-UG 2026 री-परीक्षा को लेकर लिया गया है।

पेपर लीक के नाम पर छात्रों से हो रही थी ठगी

NTA के अनुसार, कुछ गिरोह Telegram चैनलों के जरिए छात्रों और उनके अभिभावकों को कथित प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा कर रहे थे। इन चैनलों पर परीक्षा से पहले पेपर उपलब्ध कराने के नाम पर हजारों से लेकर लाखों रुपये तक की मांग की जा रही थी। एजेंसी ने बताया कि “Paper Leaked NEET”, “Re-NEET 2026” और “Private Mafia” जैसे कई चैनल इस तरह की गतिविधियों में शामिल पाए गए।

NTA ने स्पष्ट किया है कि NEET-UG 2026 का प्रश्नपत्र पूरी तरह सुरक्षित है और परीक्षा से पहले किसी भी व्यक्ति या समूह के पास इसकी पहुंच नहीं होती। ऐसे में छात्रों को किसी भी फर्जी दावे या लालच में आने से बचना चाहिए।

Telegram के मैसेज एडिट फीचर का हुआ गलत इस्तेमाल

एजेंसी ने बताया कि कुछ मामलों में Telegram के मैसेज एडिट फीचर का दुरुपयोग किया गया। परीक्षा संपन्न होने के बाद पुराने संदेशों को एडिट करके उनमें वास्तविक प्रश्नपत्र जोड़ दिया जाता था। इसके बाद यह दिखाने की कोशिश की जाती थी कि प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही लीक हो गया था। इस तरह की भ्रामक गतिविधियों को रोकने और सोशल मीडिया पर फैलने वाली फर्जी सूचनाओं पर नियंत्रण पाने के लिए Telegram पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। NTA का मानना है कि इससे परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

कई एजेंसियों ने मिलकर की कार्रवाई

इस मामले में गृह मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C), विभिन्न राज्यों की पुलिस और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की है। जांच के दौरान कई फर्जी Telegram चैनलों और बॉट्स की पहचान कर उन्हें हटाया गया है।

छात्रों से अफवाहों से दूर रहने की अपील

NTA ने माना कि Telegram का उपयोग बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई और अन्य कार्यों के लिए करते हैं। ऐसे में अस्थायी रोक से होने वाली असुविधा के लिए एजेंसी ने खेद भी जताया है। हालांकि, उसने कहा कि यह कदम केवल परीक्षा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीमित अवधि के लिए उठाया गया है।

एजेंसी ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह, अपुष्ट जानकारी या फर्जी पेपर लीक के दावों पर भरोसा न करें। परीक्षा से संबंधित सभी अपडेट केवल आधिकारिक वेबसाइट और NTA के सत्यापित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से ही प्राप्त करें।

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Akriti Pandey

Akriti Pandey is a journalist with more than three years of experience in the media industry. She holds a degree in Mass Communication and Journalism and specializes in writing on education, lifestyle, health, and astrology-related topics. Known for her reader-focused approach and engaging storytelling, Akriti is passionate about creating informative and accessible content. In her free time, she enjoys writing, sports, and traveling.

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