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NEET परीक्षा में महालापरवाही! नागपुर के छात्र को मिला अबू धाबी सेंटर, Rahul Gandhi बोले- 'आखिर ऐसा हुआ भी कैसे?'
NEET Re Exam: NEET UG 2026 री-एग्जाम से पहले NTA की बड़ी गलती सामने आई। नागपुर के छात्र को अबू धाबी परीक्षा केंद्र मिला, मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
NEET Re Exam
NEET Re Exam: NEET UG 2026 री-एग्जाम से ठीक पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। एक चौंकाने वाले मामले में नागपुर के एक छात्र को उसके एडमिट कार्ड में भारत के बजाय संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबू धाबी स्थित एक परीक्षा केंद्र अलॉट कर दिया गया। इस घटना के सामने आने के बाद छात्र और उसके परिवार की परेशानियां बढ़ गई हैं, जबकि सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
एडमिट कार्ड में विदेश का सेंटर, छात्र परेशान
जानकारी के अनुसार, छात्र अब्दुल्ला मोहम्मद तालिब ने नागपुर से NEET UG री-एग्जाम 2026 के लिए आवेदन किया था और उसे उम्मीद थी कि उसका परीक्षा केंद्र भारत में ही किसी शहर में होगा। लेकिन जब उसने अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड किया, तो उसमें परीक्षा केंद्र के रूप में अबू धाबी (UAE) के एक ‘इंडियन स्कूल’ का नाम दर्ज था।
सबसे बड़ी समस्या यह है कि छात्र के पास न तो पासपोर्ट है और न ही विदेश जाकर परीक्षा देने के लिए आवश्यक संसाधन। परिवार के लिए अचानक सामने आई इस स्थिति ने गंभीर तनाव पैदा कर दिया है, क्योंकि परीक्षा में शामिल होने का कोई वैकल्पिक स्पष्ट समाधान भी अभी तक सामने नहीं आया है।
छात्र मानसिक तनाव में, परिवार परेशान
बताया जा रहा है कि परीक्षा से ठीक एक दिन पहले जैसे ही छात्र ने अपना एडमिट कार्ड देखा, वह मानसिक रूप से टूट गया। परिजनों के अनुसार, वह पूरी रात परेशान रहा और रोता रहा। इतने कम समय में विदेश जाकर परीक्षा देना उसके लिए संभव नहीं है, जिससे उसका भविष्य अधर में लटक गया है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज
यह मामला सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर NTA से जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी छात्र को अपने ही देश में परीक्षा केंद्र तक नहीं मिल पा रहा है, तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली छात्रों और अभिभावकों की धैर्य की परीक्षा ले रही है। उन्होंने कहा कि एक ऐसी व्यवस्था, जो एक छात्र को उसके शहर में केंद्र नहीं दे सकती, उसे परीक्षा कराने का अधिकार नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा व्यवस्था को और अधिक जवाबदेह और संवेदनशील बनाने की जरूरत है।
शिवसेना UBT ने भी उठाए सवाल
शिवसेना (UBT) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि NEET री-एग्जाम पहले से ही छात्रों के लिए तनावपूर्ण है और ऐसे में इस तरह की गलतियां स्थिति को और गंभीर बना रही हैं। उन्होंने NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक बताया।
NTA की कार्यप्रणाली पर फिर सवाल
इस पूरे मामले ने एक बार फिर NTA की परीक्षा व्यवस्था और एडमिट कार्ड जारी करने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहले से ही री-एग्जाम को लेकर छात्रों में असमंजस की स्थिति बनी हुई थी, और अब इस तरह की गलती ने विवाद को और बढ़ा दिया है।


