'ब्यूटीशियन से दलाल तक...' NEET 2026 फर्जीवाड़े का CBI ने खोला पूरा कच्चा चिट्ठा, रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे

CBI NEET Paper Leak Expose 2026: NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई की जांच में कई चौंकाने वाले कथित खुलासे सामने आए हैं। जांच के अनुसार, प्रश्नपत्र तैयार करने वाले शिक्षकों, एक ब्यूटीशियन और दलालों के नेटवर्क के जरिए कथित तौर पर परीक्षा की गोपनीयता भंग हुई।

Harsh Srivastava
Published on: 31 July 2026 7:13 PM IST (Updated on: 31 July 2026 7:13 PM IST)
ब्यूटीशियन से दलाल तक... NEET 2026 फर्जीवाड़े का CBI ने खोला पूरा कच्चा चिट्ठा, रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे
X

CBI NEET Paper Leak Expose 2026: मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 में हुए बड़े फर्जीवाड़े के तार जिस जगह से जुड़े हैं, उसकी असलियत ने पूरे देश को सन्न कर दिया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की छानबीन में यह बात उजागर हुई है कि जिस विषय विशेषज्ञ टीम को परीक्षा प्रश्न पत्र तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, उन्हीं शिक्षकों को मराठी भाषा में इसके अनुवाद का जिम्मा भी दे दिया गया। दोहरा काम सौंपने की यह गंभीर प्रशासनिक चूक ही इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय परीक्षा की गोपनीयता भंग होने की सबसे बड़ी वजह बनी। जांच एजेंसी ने अनौपचारिक तौर पर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को इस बड़ी खामी से अवगत करा दिया है और जल्द ही अपनी आधिकारिक रिपोर्ट में सुधार के कड़े सुझाव शामिल करने वाली है।

कैसे हुआ NEET 2026 का पेपर लीक?

वर्ष 2024 के नीट विवाद में जहां परीक्षा केंद्र के जिम्मेदार अधिकारियों ने माफिया गिरोह से साठगांठ करके मूल प्रश्न पत्र चुराया था, वहीं 2026 का यह मामला उससे बिल्कुल भिन्न निकला। 2024 की गड़बड़ियों के बाद सीबीआई ने प्रश्न पत्र के ट्रांसपोर्टेशन और डिजिटल सुरक्षा को लेकर एनटीए को नए सुरक्षा मानकों की सिफारिश की थी। एनटीए ने 2025 और 2026 की परीक्षाओं में इन सुरक्षा तकनीकों को लागू भी किया था, जिसके कारण इस दफा कोई परंपरागत या तकनीकी पेपर लीक नहीं हो सका।

पुणे का कोचिंग सेंटर में शातिर खेल

एनटीए के विषय पैनल में शामिल तीन शिक्षकों रसायन विज्ञान के पी वी कुलकर्णी, भौतिक विज्ञान की मनीषा संजय हवलदार और जीव विज्ञान की मनीषा गुरुनाथ मंधारे को प्रश्न पत्र तैयार करने व अनुवाद का महत्वपूर्ण काम सौंपा गया था। 3 मई को आयोजित परीक्षा के लिए इन तीनों को गोपनीय वातावरण में प्रश्न पत्र के साथ काम करने का पर्याप्त समय मिला। हालांकि ड्यूटी के दौरान उन्हें सुरक्षित परिसर में रखा गया था, फिर भी काम कई दिनों तक चलने के कारण उन्हें अपने घर जाने की अनुमति थी। घर लौटकर ये शिक्षक अपने निजी ट्यूशन सेंटर भी चलाते थे। इसी दौरान तीनों ने पूरे प्रश्न पत्र को अपने दिमाग में याद कर लिया और घर आकर उसका एक विस्तृत क्वेश्चन बैंक तैयार कर लिया। बाद में इसे अपने पुणे वाले कोचिंग के चुनिंदा विद्यार्थियों को 'अति महत्वपूर्ण' बताकर बांट दिया।

ब्यूटीशियन की एंट्री और दलालों का राष्ट्रव्यापी नेटवर्क

यदि इस पूरे आपराधिक गठजोड़ में स्थानीय ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे का प्रवेश न होता, तो शायद यह हाई-टेक चोरी कभी सामने ही नहीं आ पाती। वाघमारे की इन आरोपी अध्यापकों से जान-पहचान थी। उसने ट्यूशन के छात्रों से वह क्वेश्चन बैंक हासिल किया, उसे टाइप कराकर पूरे प्रश्न पत्र का रूप दिया और धनंजय निवृत्ति लोखंडे नामक मध्यस्थ को बेच दिया। लोखंडे ने आगे इस प्रश्न पत्र को देश भर के दलालों को सप्लाई कर दिया, जिन्होंने मोटी रकम वसूलकर कई राज्यों के अभ्यर्थियों तक इसे पहुंचा दिया।

कैसे हुआ खुलासा?

दलालों के माध्यम से बंट रहा यह पर्चा एक जागरूक अभ्यर्थी के पास पहुंचा, जिसने सीधे एनटीए से इसकी लिखित शिकायत कर दी। धांधली उजागर होते ही एनटीए ने 12 मई को 3 मई की परीक्षा रद्द कर दी और जांच सीबीआई को सौंप दी। जांच टीम ने तत्परता दिखाते हुए तीनों आरोपी शिक्षकों, ब्यूटीशियन और दलालों समेत 13 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। सीबीआई ने 2 महीने के भीतर करीब 20,000 पन्नों की विशाल चार्जशीट विशेष अदालत में पेश कर दी। आरोपियों के बैंक खाते, लॉकर और डीमैट अकाउंट पूरी तरह फ्रीज कर दिए गए हैं।

Harsh Srivastava
ABOUT THE AUTHOR

Harsh Srivastava

Content Writer Mail ID - harshsri764@gmail.comharshsri764@gmail.com

हर्ष श्रीवास्तव वाराणसी के रहने वाले पत्रकार और डिजिटल कंटेंट प्रोफेशनल हैं। वर्तमान में वे लखनऊ स्थित न्यूज़ट्रैक में डेस्क इंचार्ज के पद पर कार्यरत हैं। यहां वे कंटेंट प्लानिंग, एडिटोरियल कोऑर्डिनेशन, न्यूज़रूम संचालन के साथ-साथ रिसर्च आधारित एक्सप्लेनर, न्यूज़ फीचर और विश्लेषणात्मक लेख तैयार करते हैं। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है। उन्होंने वर्ष 2023 में पत्रकारिता की शुरुआत की और हिन्दुस्तान, टाइम्स इंटरनेट, इंडिया न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। वाराणसी, दिल्ली और लखनऊ में काम करने के दौरान उन्हें रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और डिजिटल पत्रकारिता का अनुभव प्राप्त हुआ। हर्ष की विशेष रुचि राजनीति, चुनाव, अपराध, सार्वजनिक नीति, सुशासन और समसामयिक विषयों पर शोध-आधारित पत्रकारिता में है। वे गहन रिसर्च, फैक्ट-चेकिंग और सरल भाषा के माध्यम से जटिल विषयों को पाठकों तक सटीक, विश्वसनीय और प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास करते हैं।

Next Story