NEET UG Re-Exam: नीट-यूजी पुनर्परीक्षा से पहले सरकार सख्त, मेटा-गूगल-टेलीग्राम पर अफवाहों के खिलाफ कार्रवाई

NEET UG Re-Exam: नीट-यूजी पुनर्परीक्षा से पहले केंद्र सरकार ने मेटा, गूगल और टेलीग्राम को फर्जी पेपर लीक दावों, अफवाहों और संदिग्ध नेटवर्क्स पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। जानिए परीक्षा सुरक्षा को लेकर क्या हैं सरकार की तैयारियां।

Newstrack/IANS
Published on: 20 May 2026 6:53 PM IST (Updated on: 20 May 2026 7:28 PM IST)
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NEET UG Re-Exam(Image Credit-Social Media)

NEET UG Re-Exam: नीट-यूजी पुनर्परीक्षा के मद्देनजर केंद्र सरकार ने मेटा, गूगल और टेलीग्राम को अफवाह फैलाने वाले व संदिग्ध नेटवर्क्स पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुनर्परीक्षा की सुरक्षा तैयारियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को केंद्रीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के साथ समीक्षा बैठक की।

नीट यूजी की पुनर्परीक्षा 21 जून को होनी है। अधिकारियों के मुताबिक, बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं से पहले कई टेलीग्राम चैनल और गुमनाम ऑनलाइन समूह अचानक सक्रिय हो जाते हैं। ये चैनल छात्रों और अभिभावकों के बीच डर, भ्रम और चिंता पैदा करने के लिए फर्जी सूचनाएं प्रसारित करते हैं। कई मामलों में लिंक छात्रों को ऑटोमेटेड बॉट्स और फर्जी ग्रुप्स तक पहुंचाते हैं, जहां गलत जानकारी को तेजी से फैलाया जाता है। ऐसे ही विषयों को देखते हुए नीट-यूजी पुनर्परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था और साइबर निगरानी को और सख्त करने का निर्णय लिया है।

इस सिलसिले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को केंद्रीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस मीटिंग में नीट पुनर्परीक्षा को सुरक्षित, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित कराने पर चर्चा की गई। केंद्रीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के साथ हुई मीटिंग में शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी व नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक भी मौजूद रहे। इस दौरान परीक्षा से पहले संभावित कमजोरियों की पहचान, सुरक्षा प्रबंधन और समय रहते सुधारात्मक कदम उठाने पर विस्तृत चर्चा की गई।

सरकार ने विशेष रूप से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं को गंभीर चिंता का विषय बताया। इसी सिलसिले में मेटा, गूगल और टेलीग्राम के प्रतिनिधियों के साथ अलग से बैठक कर फर्जी पेपर लीक दावों, क्लिकबेट सामग्री और अफवाह फैलाने वाले नेटवर्क्स पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, कई संदिग्ध चैनल सीमित संख्या के फोन नंबरों से संचालित हो रहे हैं, जिससे संगठित नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका जताई गई है।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ऐसे नेटवर्क्स के खिलाफ केंद्रित अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि परीक्षा से पहले फर्जी जानकारी, दुष्प्रचार और अफवाह फैलाने वाले चैनलों की सक्रिय पहचान कर उन्हें तुरंत ब्लॉक और हटाया जाए। उन्होंने सोशल मीडिया कंपनियों से शिक्षा मंत्रालय, एनटीए और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाने को कहा, ताकि भ्रामक सूचनाओं पर तेजी से कार्रवाई की जा सके और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनी रहे।

उन्होंने आगे कहा कि छात्रों को गुमराह करने वाली झूठी सूचनाओं से बचाना और परीक्षा प्रक्रिया में जनता का भरोसा कायम रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वहीं, सोशल मीडिया के प्रमुख प्लेटफॉर्म्स जैसे कि मेटा, गूगल और टेलीग्राम आदि के प्रतिनिधियों के साथ अलग से बैठक आयोजित की गई। इस मीटिंग में प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी भ्रामक सूचनाओं के तेजी से फैलने पर गंभीर चिंता जताई गई, विशेषकर टेलीग्राम चैनलों और गुमनाम ऑनलाइन समूहों के माध्यम से फैलाई जा रही अफवाहों को लेकर चिंता व्यक्त की गई।

बता दें कि नीट यूजी की परीक्षा तीन मई को आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक होने के बाद 11 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई। फिलहाल, सीबीआई इस पूरे प्रकरण की गहन जांच कर रही है।

Shweta Srivastava

Shweta Srivastava

Content Writer

मैं श्वेता श्रीवास्तव 15 साल का मीडिया इंडस्ट्री में अनुभव रखतीं हूँ। मैंने अपने करियर की शुरुआत एक रिपोर्टर के तौर पर की थी। पिछले 9 सालों से डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री में कार्यरत हूँ। इस दौरान मैंने मनोरंजन, टूरिज्म और लाइफस्टाइल डेस्क के लिए काम किया है। इसके पहले मैंने aajkikhabar.com और thenewbond.com के लिए भी काम किया है। साथ ही दूरदर्शन लखनऊ में बतौर एंकर भी काम किया है। मैंने लखनऊ यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एंड फिल्म प्रोडक्शन में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है। न्यूज़ट्रैक में मैं लाइफस्टाइल और टूरिज्म सेक्शेन देख रहीं हूँ।

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