‘डिटेंशन बसें नई जेल हैं?’ AISA नेता नेहा बोरा का VIDEO वायरल, प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट के आरोप

Neha Bora Alleges Abuse: नेहा बोरा ने डिटेंशन बस का वीडियो शेयर कर दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बसों को नई जेल बताते हुए पुरुष प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट और गाली-गलौज का दावा किया।

Aditya Kumar Verma
Published on: 11 Oct 2026 7:25 PM IST
AISA Leader Neha Bora Alleges Abuse
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Image Source- Social Media

Neha Bora Alleges Abuse: दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के बीच ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की नेता नेहा बोरा ने दिल्ली पुलिस और अन्य जवानों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नेहा बोरा ने हिरासत में ले जाने वाली एक बस का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर साझा करते हुए सवाल उठाया कि क्या डिटेंशन बसें अब नई जेल बन गई हैं। उन्होंने बस के अंदर की हालत दिखाते हुए दावा किया कि उसमें छोटी-छोटी कोठरियां बनी हैं, जिन्हें दरवाजों और शीशों के जरिए बंद किया गया है।

नेहा बोरा ने पुरुष प्रदर्शनकारियों के साथ कथित मारपीट को लेकर भी आवाज उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुरुष आंदोलनकारियों के प्राइवेट पार्ट पर लातें मारी गईं और उन्हें मां-बहन, जाति और धर्म को लेकर गालियां दी गईं। इसके साथ ही उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने का आरोप लगाते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। हालांकि, ये सभी आरोप नेहा बोरा की ओर से लगाए गए हैं।

नेहा बोरा ने दिखाई डिटेंशन बस की हालत

नेहा बोरा ने अपने एक्स अकाउंट पर उस बस का वीडियो साझा किया, जिसमें उनके मुताबिक उन्हें और अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर जाया गया था। वीडियो के साथ उन्होंने सवाल उठाया, “क्या डिटेंशन बसें नई जेल हैं?”

वीडियो में नेहा बोरा बस के अंदर की स्थिति दिखाते हुए कहती हैं कि जिस बस में उन्हें हिरासत में लिया गया, उसमें खिड़कियों पर जालियां लगी हुई हैं। उन्होंने बताया कि बस के अंदर चार छोटी-छोटी कोठरियां बनी हुई हैं। इन कोठरियों को दरवाजों से बंद करने के लिए कुंडियां लगाई जाती हैं।

नेहा बोरा ने बस की बनावट पर सवाल उठाते हुए कहा कि इन कोठरियों में सांस लेने के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं है। उन्होंने यह भी दिखाया कि जाली के दूसरी तरफ शीशे लगे हुए हैं।

नेहा ने बस के अंदर की स्थिति को लेकर सवाल किया कि क्या दिल्ली पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) का मकसद डिटेंशन बसों को हिरासत में लेने से पहले ही जेल जैसा बना देना है। उन्होंने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताते हुए पूछा कि आखिर प्रदर्शनकारियों को इस तरह की बसों में क्यों ले जाया जा रहा है।

‘पुरुष प्रदर्शनकारियों के प्राइवेट पार्ट पर लातें मारी गईं’

बस के अंदर की हालत दिखाने के बाद नेहा बोरा ने पुरुष प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुरुष आंदोलनकारियों के प्राइवेट पार्ट पर लातें मारी जा रही हैं। नेहा ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को मां-बहन, जाति और धर्म को लेकर गालियां दी गईं।

नेहा बोरा ने पुलिस और अन्य जवानों के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि आंदोलनकारियों के साथ इस तरह का बर्ताव किया गया। उनके आरोपों के मुताबिक, हिरासत में लेने की कार्रवाई के दौरान प्रदर्शनकारियों को शारीरिक और मौखिक दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा।

हालांकि, नेहा बोरा की ओर से लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में इन्हें उनके दावों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

हिरासत पर भी उठाए सवाल

नेहा बोरा ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस बर्बरता के साथ उन्हें गिरफ्तार किया गया, उसका उन्हें कोई मकसद समझ नहीं आता। नेहा ने आरोप लगाया कि कार्रवाई का उद्देश्य देश के लोगों के खिलाफ युद्ध छेड़ने जैसा है।

उन्होंने पुलिस बल की तैनाती और प्रदर्शनकारियों के साथ कथित व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में पुलिस और जवानों की मौजूदगी, हिंसा और गालियों का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है।

नेहा बोरा ने आरोप लगाया कि यह सब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को चोर बताते हुए पुलिस की कार्रवाई पर तीखी टिप्पणी की।

‘आप सिर्फ एक चोर ज्ञानेश कुमार को बचाना चाहते हैं’

नेहा बोरा ने अपने बयान में कहा, “आप सिर्फ एक चोर ज्ञानेश कुमार को बचाना चाहते हैं।” उन्होंने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस का काम लोगों की सुरक्षा करना होना चाहिए, लेकिन उनके मुताबिक प्रदर्शनकारियों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह सवाल खड़े करता है।

नेहा ने आरोप लगाया कि पुलिस को लोगों की सुरक्षा करने के बजाय इस तरह की कार्रवाई करनी पड़ रही है। उन्होंने हिरासत में लिए जाने के तरीके, बसों की स्थिति और प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।

नेहा बोरा की ओर से साझा किए गए वीडियो और उनके बयान के बाद डिटेंशन बसों की व्यवस्था, प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के तरीके और उनके साथ कथित व्यवहार को लेकर सवाल उठाए गए हैं। फिलहाल, बसों को जेल जैसा बनाए जाने और पुरुष प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट के आरोप नेहा बोरा के दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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