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'न BJP, न इंडिया अलायंस, हम...' BMC चुनाव में 125 सीटों पर जीत के बाद ओवैसी का ‘पावर प्ले’, दिग्गज पार्टियों की बढ़ी धड़कनें
Maharashtra Municipal Election: AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पार्टी के प्रदर्शन को ऐतिहासिक बताते हुए इसे जमीनी राजनीति की जीत करार दिया है।
Asaduddin Owaisi
Maharashtra Municipal Election: महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीति में नई ऊर्जा और नई बहस को जन्म दे दिया है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पार्टी के प्रदर्शन को ऐतिहासिक बताते हुए इसे जमीनी राजनीति की जीत करार दिया है। 13 नगर निगमों में AIMIM के 125 पार्षदों की जीत के बाद ओवैसी ने साफ कर दिया कि उनकी पार्टी न तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ जाएगी और न ही विपक्षी INDIA गठबंधन का हिस्सा बनेगी।
AIMIM की राजनीति सत्ता के सौदे के लिए नहीं
हैदराबाद में शनिवार को मीडिया से बातचीत करते हुए ओवैसी ने कहा कि AIMIM की राजनीति सत्ता के सौदे के लिए नहीं, बल्कि उन लोगों की आवाज बनने के लिए है, जिन्होंने पार्टी को जनादेश दिया है। उन्होंने इस जीत का श्रेय पार्टी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं को देते हुए कहा कि AIMIM अब किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं रही है। ओवैसी ने जोर देकर कहा कि इस बार पार्टी के टिकट पर कई हिंदू उम्मीदवार, जिनमें दलित, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के नेता शामिल हैं, जीतकर आए हैं। उन्होंने इसे AIMIM के “सोशल इंजीनियरिंग” मॉडल की सफलता बताया।
चुनावी आंकड़ों पर नजर डालें तो AIMIM ने छत्रपति संभाजीनगर में 33 सीटें जीतकर भाजपा के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। सोलापुर जैसे अहम शहरों में भी पार्टी ने मजबूत प्रदर्शन किया, जबकि मुंबई महानगरपालिका (BMC) में आठ सीटें जीतकर AIMIM ने शहरी राजनीति में अपनी पैठ का संकेत दिया है।
ओवैसी ने “बी-टीम” के आरोपों पर बोला तीखा हमला
गठबंधन की अटकलों पर विराम लगाते हुए ओवैसी ने विपक्षी दलों द्वारा लगाए जाने वाले “बी-टीम” के आरोपों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ऐसे आरोप न सिर्फ AIMIM का, बल्कि उन लाखों मतदाताओं का भी अपमान हैं, जिन्होंने पार्टी पर भरोसा जताया है। ओवैसी ने चेतावनी दी कि जनादेश का अनादर करने वालों को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
उन्होंने अपने पार्षदों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे किसी भी ऐसे राजनीतिक समीकरण का हिस्सा न बनें, जिसमें भाजपा शामिल हो। पार्टी अनुशासन को सर्वोपरि बताते हुए ओवैसी ने पहले के उदाहरणों का हवाला दिया, जब नियम तोड़ने पर कड़ी कार्रवाई की गई थी। पश्चिमी महाराष्ट्र में अपेक्षित सफलता न मिलने पर ओवैसी ने आत्ममंथन करते हुए स्वीकार किया कि वहां अधिक ध्यान नहीं दिया जा सका। उन्होंने भरोसा जताया कि भविष्य में बेहतर तैयारी के साथ पार्टी वहां भी मजबूत होगी। अंत में उन्होंने नवनिर्वाचित पार्षदों से अपील की कि वे जीत से ज्यादा जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने को प्राथमिकता दें और जमीन से जुड़कर काम करें।


