नितिन गडकरी के संन्यास पर सस्पेंस खत्म! केंद्रीय मंत्री के दफ्तर से आया बड़ा बयान...जानिए पूरा सच

Nitin Gadkari Retirement Row: नितिन गडकरी के राजनीति से संन्यास की अटकलों के बीच उनके कार्यालय ने बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। दफ्तर ने कहा कि गडकरी का ‘नई पीढ़ी को जिम्मेदारी’ वाला बयान राजनीति नहीं, बल्कि लक्ष्मणराव मानकर ट्रस्ट को लेकर था।

Harsh Srivastava
Published on: 25 Aug 2026 3:02 PM IST
नितिन गडकरी के संन्यास पर सस्पेंस खत्म! केंद्रीय मंत्री के दफ्तर से आया बड़ा बयान...जानिए पूरा सच
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Nitin Gadkari Retirement Row: देश के दिग्गज केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के एक बयान ने अचानक भारतीय राजनीति के गलियारों में हलचल पैदा कर दी थी। महाराष्ट्र के नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जब गडकरी ने यह कहा कि वे अब पहले जितनी मेहनत नहीं कर पा रहे हैं और अब समय आ चुका है कि नई पीढ़ी को आगे आकर बड़ी जिम्मेदारियां संभालनी चाहिए, तो राजनीतिक पंडितों ने इसके कई तरह के कयास लगाने शुरू कर दिए। कई लोग इसे उनके सक्रिय राजनीति से कदम पीछे खींचने या मंत्रिमंडल में बदलाव का संकेत मानने लगे थे। हालांकि, अब नितिन गडकरी के आधिकारिक कार्यालय ने इस पूरे मामले पर सामने आकर एक बेहद स्पष्ट और बड़ा बयान जारी किया है।

गडकरी के दफ्तर का आधिकारिक स्पष्टीकरण

नितिन गडकरी के कार्यालय ने सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर चल रही खबरों का पूरी तरह से खंडन करते हुए स्थिति बिल्कुल साफ कर दी है। दफ्तर की ओर से बताया गया कि केंद्रीय मंत्री के बयान का देश की राजनीति से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है। कार्यालय ने खुलासा किया कि गडकरी असल में 'लक्ष्मणराव मानकर ट्रस्ट' के भविष्य और उसकी भावी रूपरेखा पर चर्चा कर रहे थे। यह ट्रस्ट उन्हीं के मार्गदर्शन में स्थापित किया गया था, जो सुदूर आदिवासी इलाकों में शिक्षा की रोशनी फैलाने के लिए एकल विद्यालय संचालित करता है। इसी संस्था के संदर्भ में उन्होंने कहा था कि वे इसे पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं, इसलिए नए युवाओं को इसकी कमान संभालनी चाहिए।

विकास के संकल्प को किया दोहराया

नागपुर के उसी मंच से नितिन गडकरी ने इलाके के भावी विकास कार्यों का रोडमैप भी जनता के सामने रखा था। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में विकास की गति और भी ज्यादा तेज होगी। उनका मुख्य उद्देश्य और संकल्प यह है कि महाराष्ट्र का कोई भी दुर्गम आदिवासी गांव बिजली और मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहे। वे चाहते हैं कि राज्य के हर हिस्से में विकास का असर साफ तौर पर जमीनी स्तर पर दिखाई दे।

संगठन में बदलाव और कैबिनेट फेरबदल की अटकलों के बीच आया था बयान

दरअसल, हाल ही में बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी बहुचर्चित 65 सदस्यीय नई टीम का आधिकारिक ऐलान किया था, जिसमें 51 नए चेहरों को जगह दी गई थी। संगठन में हुए इस बड़े फेरबदल के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी बड़े बदलाव की खबरें तेजी से तैरने लगी थीं। ऐसे में गडकरी के मुंह से 'नई पीढ़ी को मौका देने' की बात सुनते ही सियासी गलियारों में तरह-तरह के राजनीतिक मायने निकाले जाने लगे थे। लेकिन अब कार्यालय की तरफ से आई इस सफाई ने सभी अटकलों पर हमेशा के लिए पूर्णविराम लगा दिया है।

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Harsh Srivastava

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Harsh Srivastava is a journalist currently working as Desk In-Charge at NewsTrack, Lucknow. He began his journalism career in 2023 and has previously worked with Hindustan, Times Internet and India News. He holds a Master’s degree in Journalism and Mass Communication (MJMC). His key areas of interest include politics, elections and crime, with a wider focus on governance, public policy and current affairs. He writes research-driven and SEO-focused digital stories, combining journalistic depth with an understanding of digital audiences. Harsh has covered the 2026 West Bengal Assembly Election, several state elections and bypolls, and extensively followed the Delhi CJP protest and its developments. His work includes news reports, explainers, features and analytical stories. Originally from Varanasi, Harsh has worked across Varanasi, Delhi and Lucknow, with experience spanning reporting, digital journalism, content writing and editorial operations.

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