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नीतीश कुमार का ‘जुबानी’ वॉर! तेजस्वी को बताया भ्रष्ट, कहाः मेरे साथ था तब ठीक था, बाद में गड़बड़ी...
CM Nitish Kumar on Tejashwi Yadav: बिहार विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
CM Nitish Kumar on Tejashwi Yadav
CM Nitish Kumar on Tejashwi Yadav: बिहार विधानसभा में गुरुवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बीच तीखी बहस देखने को मिली। अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने न सिर्फ अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, बल्कि विपक्ष पर भी जमकर हमला बोला। खास तौर पर उन्होंने तेजस्वी यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए सदन का माहौल गरमा दिया।
नीतीश कुमार ने कहा कि वर्ष 2005 से पहले राज्य की स्थिति बेहद खराब थी। उस समय लोग शाम ढलते ही घरों से निकलने से डरते थे। स्कूल, अस्पताल, सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की हालत बदहाल थी। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद बिहार में कानून-व्यवस्था से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे तक हर क्षेत्र में व्यापक सुधार हुआ है।
मुख्यमंत्री के इस बयान पर विपक्ष की ओर से शोर-शराबा शुरू हो गया, जिस पर नीतीश कुमार और अधिक आक्रामक हो गए। उन्होंने सीधे तौर पर तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि जब तेजस्वी उनके साथ थे, तब सब कुछ ठीक था। लेकिन बाद में उन्होंने गड़बड़ी शुरू कर दी और हर जगह पैसा कमाने में लग गए, इसलिए उन्हें अलग कर दिया गया। नीतीश कुमार ने यहां तक कहा कि जब तेजस्वी को पद मिला, तब वह ठीक से काम कर रहे थे, लेकिन बाद में उनका रवैया बदल गया।
सीएम ने आगे कहा कि तेजस्वी यादव के पिता सात साल में सत्ता से बाहर हो गए और हटने के बाद उनकी माता को मुख्यमंत्री बना दिया गया। उन्होंने दावा किया कि तेजस्वी यादव को राजनीति में आगे बढ़ाने में उनकी भी भूमिका रही है। मुख्यमंत्री के इन तीखे बयानों से सदन में माहौल और ज्यादा गरम हो गया। नीतीश कुमार के भाषण के दौरान सत्ता पक्ष के सदस्यों ने मेज थपथपाकर और तालियां बजाकर उनका समर्थन किया। वहीं विपक्ष लगातार विरोध करता रहा, जिससे सदन में कई बार नोकझोंक की स्थिति बनी। धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान यह बहस बिहार की राजनीति में सत्ता और विपक्ष के बीच गहरे मतभेदों को साफ तौर पर दिखाती नजर आई।


