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Noida Airport UDF Fee 2026: नोएडा एयरपोर्ट से यात्रा करने वालों को झटका, आने-जाने दोनों पर लगेगी फीस
Noida Airport UDF Fee 2026: 15 जून से फ्लाइट शुरू होते ही यात्रियों को देना होगा अतिरिक्त UDF शुल्क। जानिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को कितना देना होगा।
Noida International Airport UDF Charges 2026
Noida Airport UDF Fee 2026: हवाई यात्राओं के खर्च में जहां पहले ही दिन दूनी रात चौगुनी बढ़ोत्तरी होती जा रही है वहीं यात्रियों के लिए एक और झटके वाली खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश के बहुप्रतीक्षित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले यात्रियों को अब टिकट के अलावा अतिरिक्त शुल्क भी देना होगा। हवाई अड्डा आर्थिक नियामक प्राधिकरण (AERA) ने नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यूजर डेवलपमेंट फीस (UDF) लागू करने को मंजूरी दे दी है। इसके तहत घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों से आने-जाने दोनों पर अलग-अलग शुल्क वसूला जाएगा।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट 15 जून 2026 से व्यावसायिक संचालन शुरू करने जा रहा है। माना जा रहा है कि यह एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर के बढ़ते एयर ट्रैफिक का बड़ा विकल्प बनेगा। हालांकि, नई UDF दरों के लागू होने से यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ सकता है।
घरेलू यात्रियों को कितना देना होगा शुल्क?
AERA के आदेश के अनुसार, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से प्रस्थान करने वाले घरेलू यात्रियों को 490 रुपये यूजर डेवलपमेंट फीस देनी होगी। वहीं, एयरपोर्ट पर आने वाले घरेलू यात्रियों से 210 रुपये वसूले जाएंगे।
अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए यह शुल्क और अधिक रखा गया है। विदेश जाने वाले यात्रियों को 980 रुपये और अंतरराष्ट्रीय आगमन यात्रियों को 420 रुपये UDF देना होगा। यह शुल्क 2026-27 की अवधि के लिए तय किया गया है।
संचालक ने मांगी थी ज्यादा फीस
दिलचस्प बात यह है कि एयरपोर्ट संचालक कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (YIAPL) ने इससे अधिक शुल्क प्रस्तावित किया था। कंपनी ने घरेलू प्रस्थान यात्रियों के लिए 653 रुपये और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए 1,200 रुपये UDF की मांग की थी। हालांकि AERA ने यात्रियों पर अधिक बोझ न पड़े, इसे ध्यान में रखते हुए कम शुल्क निर्धारित किया। नियामक के अनुसार, अभी तय की गई दरें अगस्त 2025 में जारी शुल्क आदेश के अनुरूप हैं।
आखिर क्या होती है यूजर डेवलपमेंट फीस?
यूजर डेवलपमेंट फीस यानी UDF वह शुल्क होता है, जिसे एयरपोर्ट के विकास, रखरखाव और आधुनिक सुविधाओं के लिए यात्रियों से लिया जाता है। यह राशि आमतौर पर एयर टिकट में ही जोड़ दी जाती है।
देश के कई बड़े एयरपोर्ट जैसे दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में पहले से UDF लिया जाता रहा है। अब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी इसी सूची में शामिल हो गया है।
2031 तक के लिए टैरिफ को मंजूरी
AERA ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की पहली नियंत्रण अवधि यानी 2026 से 2031 तक के लिए टैरिफ मंजूर कर दिए हैं। इस दौरान घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए UDF दरों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी की जा सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट के शुरुआती वर्षों में बड़े निवेश और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत को संतुलित करने के लिए इस तरह की फीस जरूरी मानी जाती है।
पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर बना एयरपोर्ट
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (YIAPL) करेगी, जो ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल की सहायक कंपनी है। यह परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित की गई है। यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए एक महत्वपूर्ण एविएशन हब के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का दावा है कि इससे रोजगार, व्यापार और पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
15 जून से शुरू होंगी व्यावसायिक उड़ानें
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन 28 मार्च 2026 को किया गया था। अब यहां से 15 जून 2026 से कमर्शियल फ्लाइट्स शुरू होने जा रही हैं। शुरुआती चरण में घरेलू उड़ानों का संचालन होगा, जबकि बाद में अंतरराष्ट्रीय सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बढ़ते दबाव को कम करने में भी यह एयरपोर्ट अहम भूमिका निभाएगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और आसपास के राज्यों के यात्रियों को इससे काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
यात्रियों पर क्या पड़ेगा असर?
नई UDF व्यवस्था लागू होने के बाद नोएडा एयरपोर्ट से यात्रा करना थोड़ा महंगा जरूर हो जाएगा। उदाहरण के तौर पर यदि कोई घरेलू यात्री आने-जाने दोनों का सफर करता है तो उसे कुल 700 रुपये तक अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।
हालांकि, एयरपोर्ट पर मिलने वाली आधुनिक सुविधाएं, बेहतर कनेक्टिविटी और कम भीड़ जैसे फायदे यात्रियों के लिए राहत भी बन सकते हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि नई फीस के बावजूद यात्रियों का रुझान इस एयरपोर्ट की ओर कितना बढ़ता है।


