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Noida Cyber Crime: अमेरिका-यूरोप के लोगों से ठगे 10 करोड़ रुपये, जानिए कैसे बिछाते थे जाल
Noida Cyber Crime: नोएडा पुलिस ने फर्जी एयरलाइन टिकट के जरिए अमेरिका और यूरोप के लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। मामले में 13 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।
Noida Cyber Crime: अगर आप भी ऑनलाइन एयरलाइन टिकट बुक करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। नोएडा पुलिस ने एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का खुलासा किया है, जो फर्जी एयरलाइन टिकट बुकिंग के जरिए विदेशों में रहने वाले लोगों को अपना शिकार बना रहा था। पुलिस ने इस मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया है।
अमेरिका और यूरोप के लोगों को बनाया जाता था निशाना
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह मुख्य रूप से अमेरिका और यूरोप के नागरिकों को निशाना बनाता था। आरोपी इंटरनेट पर विज्ञापन देकर लोगों को सस्ते एयरलाइन टिकट का लालच देते थे। जब कोई व्यक्ति दिए गए नंबर पर संपर्क करता था, तो आरोपी खुद को किसी नामी एयरलाइन कंपनी या ट्रैवल एजेंसी का कर्मचारी बताकर बातचीत शुरू करते थे।
करोड़ों रुपये के लेनदेन के मिले सबूत
जांच के दौरान पुलिस को करीब 10.50 लाख अमेरिकी डॉलर के लेनदेन से जुड़े सबूत मिले हैं। भारतीय मुद्रा में इसकी कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक यह पूरा नेटवर्क काफी संगठित तरीके से काम कर रहा था।
डिजिटल उपकरण किए गए बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 13 लैपटॉप, 16 मोबाइल फोन और साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले कई अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। इन सभी उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी मिल सके।
विदेशी लहजे में करते थे बातचीत
पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य अंग्रेजी भाषा में अमेरिकी और यूरोपीय लहजे में बात करने में माहिर थे। इसी वजह से विदेशी नागरिक आसानी से उन पर भरोसा कर लेते थे। आरोपी पीड़ितों से भुगतान से जुड़ी जानकारी हासिल कर डॉलर में रकम वसूलते थे।
फर्जी टिकट भेजकर करते थे धोखाधड़ी
कई मामलों में आरोपियों द्वारा ग्राहकों को नकली टिकट भेज दिए जाते थे, जबकि कुछ मामलों में टिकट जारी ही नहीं किए जाते थे। ठगी का पता देर से चले, इसके लिए आरोपी अक्सर कई महीनों बाद की यात्रा के लिए टिकट बुक करते थे।
सबूत मिटाकर बचते थे गिरफ्तारी से
जब पीड़ितों को धोखाधड़ी का पता चलता था, तब तक आरोपी अपने मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और अन्य डिजिटल संसाधन बदल चुके होते थे। इसी वजह से वे लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से दूर रहे।
जांच में सामने आ सकते हैं और नाम
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार सभी आरोपी पढ़े-लिखे हैं और तकनीकी जानकारी रखते हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस नेटवर्क से जुड़े कई अन्य लोगों और पीड़ितों की जानकारी भी सामने आ सकती है।
पूरे नेटवर्क की जांच जारी
फिलहाल नोएडा पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह गिरोह अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध नेटवर्क से भी जुड़ा हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जांच एजेंसियां अन्य देशों की संबंधित एजेंसियों के साथ भी संपर्क में हैं।


