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नदियां उफनीं, पहाड़ टूटे, सड़कें बंद...3 राज्यों में बारिश बनी काल! UP से उत्तराखंड-झारखंड तक भयंकर तबाही
Weather Alert Today: उत्तर भारत में भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। उत्तराखंड में भूस्खलन और सड़कें बंद, यूपी में गंगा समेत नदियां उफान पर और झारखंड में फ्लैश फ्लड का अलर्ट जारी है।
Weather Alert Today: उत्तर भारत के विशाल भूभाग में पिछले कुछ दिनों से जारी आफत की बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। पहाड़ी ढलानों से गिरते चट्टानों और मलबे ने जहां प्रमुख यातायात मार्गों को पूरी तरह ठप कर दिया है, वहीं मैदानी इलाकों में उफनती नदियों के पानी ने बस्तियों को जलमग्न कर दिया है। निचले क्षेत्रों में रहने वाले लाखों नागरिक सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने पर विवश हैं। कुदरत के इस कड़े तेवर ने उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और झारखंड में भारी तबाही मचाई है, जिससे राहत और बचाव एजेंसियों की चुनौतियां काफी बढ़ गई हैं।
उत्तराखंड में कुदरत का कहर
उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में बारिश और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। राज्य भर में हादसों के कारण कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। पौड़ी के स्नेहल इलाके में कोल्हू नदी पार करने के दौरान एक दिल दहलाने वाली घटना में गोद में ली मासूम बच्ची के बह जाने पर उसे बचाने कूदी मां भी तेज धारा की चपेट में आ गई। आपदा प्रबंधन और राज्य राहत बल (एसडीआरएफ) की टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों के शव बरामद किए।
दूसरी तरफ, अल्मोड़ा के उदयुड़ा गांव में एक रिहायशी मकान पर पहाड़ी से आए भारी-भरकम मलबे के गिरने से तीन लोगों की मलबे में दबने से दुखद मृत्यु हो गई, जबकि टूनी क्षेत्र में भी दो श्रमिक मलबे की चपेट में आ गए।
प्राकृतिक आपदा के चलते प्रदेश में पिथौरागढ़, नैनीताल और बागेश्वर को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों समेत करीब 172 से अधिक सड़कें पूरी तरह बंद हैं। चमोली और टिहरी में विशालकाय चट्टानों के खिसकने से आवाजाही पूरी तरह ठप हो चुकी है। एम्बुलेंस और यात्रियों के वाहन कई घंटों तक जाम में फंसे रहे।
सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच सोनप्रयाग में केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के कदम फिलहाल रोक दिए गए हैं। बढ़ते खतरों को देखते हुए नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधम सिंह नगर प्रशासन ने कक्षा 1 से 12 तक के तमाम शैक्षणिक संस्थानों और आंगनवाड़ी केंद्रों में छुट्टियां घोषित कर दी हैं।
उफनती नदियों ने बढ़ाई चिंता
हल्द्वानी में गौला नदी का प्रवाह अचानक प्रचंड हो जाने से तटीय क्षेत्रों में भारी संकट खड़ा हो गया है। रानीबाग के चित्रशिला श्मशान घाट पर तो स्थिति तब चिंताजनक हो गई जब दाह संस्कार के लिए रखी चिताएं ही नदी की तेज धारा में बह गईं।
खटीमा के वनगांव में नदी का पानी बस्तियों में घुसने से दर्जनों परिवार बेघर हो गए हैं, जिन्हें निकटतम प्राथमिक विद्यालयों में बनाए गए अस्थाई राहत शिविरों में ठहराया गया है।
कैंची धाम के पास शिप्रा नदी और नैनीताल की कोसी नदी अपने रौद्र रूप में हैं, जिसके कारण किनारे रहने वाले निवासियों को लाउडस्पीकर के जरिए लगातार सतर्क रहने की हिदायत दी जा रही है।
उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में बाढ़ का संकट
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में उफनती नदियों के कारण जलप्रलय जैसी स्थिति पैदा हो गई है। बलिया और वाराणसी में गंगा नदी चेतावनी के स्तर को लांघकर खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है। बलिया में दर्जनों गांव जलमग्न हो चुके हैं, जहां आवागमन के लिए दर्जनों नौकाओं को तैनात किया गया है।
वाराणसी में स्थिति यह है कि पौराणिक घाटों के जलमग्न हो जाने के बाद अंतिम संस्कार गलियों और छतों पर कराने पड़ रहे हैं। सीतापुर में कच्चे मकान गिरने से जनहानि हुई है, वहीं गाजीपुर में नदी में बहे युवाओं की खोज जारी है।
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के अप्रत्याशित रूप से उफान पर आने से ऐतिहासिक रामघाट पूरी तरह डूब गया है, जहां फंसे नागरिकों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टरों और सेना के जवानों की मदद ली जा रही है। लखीमपुर खीरी में शारदा नदी के जलस्तर को देखते हुए छोटे बच्चों के स्कूल बंद कर दिए गए हैं और रेल परिचालन पर भी इसका प्रभाव पड़ा है।
झारखंड के 10 जिलों में फ्लैश फ्लड का अलर्ट
झारखंड के अधिकांश हिस्सों में हो रही तेज वर्षा के कारण मौसम विज्ञान केंद्र ने 10 से अधिक जिलों में अचानक बाढ़ आने की गंभीर चेतावनी जारी की है। पलामू, गढ़वा, सिमडेगा और सिंहभूम क्षेत्रों के लिए लाल तथा नारंगी अलर्ट जारी किए गए हैं। जमशेदपुर में स्वर्णरेखा और खरकई नदियां उफान पर हैं।
विभिन्न बांधों से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के कारण निचले इलाकों में अलर्ट बढ़ा दिया गया है। गढ़वा समेत कई प्रभावित जिलों में प्रशासनिक आदेश के तहत दो दिनों तक सभी स्कूल बंद रखे गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार 5 सितंबर तक राज्य में बादलों की आवाजाही और रुक-रुक कर भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा।


