'ऑपरेशन सिंदूर' में Pak के ध्वस्त हुए F-16 और JF-17 फाइटर जेट, एयरफोर्स चीफ का बड़ा खुलासा!

'Oeration Sindoor' IAF Chief big revelation: भारतीय वायुसेना का 8 अक्टूबर को 93वां वायुसेना दिवस आयोजित किया जाएगा। इस भव्य कार्यक्रम में 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता का प्रदर्शन भी होगा। 'ऑपरेशन सिंदूर' में इंडियन एयरफोर्स ने 5 पाकिस्तानी F-16, JF-17 को मार गिराया था। ये खुलासा खुद वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने किया है।

Priya Singh Bisen
Published on: 3 Oct 2025 2:42 PM IST (Updated on: 3 Oct 2025 3:02 PM IST)
Operation Sindoor IAF Chief big revelation
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'Operation Sindoor' IAF Chief big revelation (photo: social media)

'Operation Sindoor' IAF Chief big revelation: भारतीय वायुसेना (IAF) अपने 93वें वायुसेना दिवस पर बहुत ही शानदार जश्न की तैयारी कर में जुटी हुई है। इस बड़े मौके पर एयर चीफ एपी सिंह ने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' में इंडियन एयरफोर्स ने 9 से 10 पाकिस्तानी F-16, JF-17 पर निशाना बनाकर गिराया था। विंग कमांडर जयदीप सिंह, जो वायुसेना के PRO हैं ने प्रेस ब्रीफिंग में इसकी विस्तार से जानकारी दी।

एयर चीफ ने बताया कि 8 अक्टूबर को हिंडन एयर फोर्स बेस पर एक शानदार परेड होगी। वहीं, आगामी 6 अक्टूबर को फुल ड्रेस रिहर्सल होगी। इस समारोह में वायुसेना प्रमुख, नौसेना प्रमुख और थलसेना प्रमुख भी शिरकत करेंगे। यह दिवस वायुसेना की ताकत, आत्मनिर्भरता और देश सेवा को गहराई से दर्शाएगा।

ऑपरेशन सिंदूर में पकिस्तान का बड़ा नुकसान

जमीन पर: 4 स्थानों पर रडार, 2 स्थानों पर कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, 2 स्थानों पर रनवे, 3 स्थानों पर हैंगर और 4-5 एफ-16 (क्योंकि हैंगर एफ-16 का था) तथा एक SAM सिस्टम नष्ट।

हवा में: एक लंबी दूरी के स्ट्राइक के सबूत हैं। AWACS या सिगइंट एयरक्राफ्ट के और 4 से 5 फाइटर F-16 या जJ-10 क्लास के. इससे पाकिस्तान को जमीन और हवा में कुल फाइटर जेट को बड़ा नुकसान लगभग 9 से 10 हो गया।

परेड का आकर्षण

विंग कमांडर सिंह ने बताया कि परेड में कई रोमांचक चीजें होंगी। सबसे विशेष होगा ध्वज फ्लाइपास्ट। इसमें MI-17 हेलीकॉप्टर 'ऑपरेशन सिंदूर' का झंडा लेकर उड़ान भरेगा, क्योंकि इस साल का यह ऑपरेशन सबसे बड़ा अभियान था। स्टेटिक डिस्प्ले में राफेल, Su-30MKI, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और आकाश सरफेस-टू-एयर मिसाइल दिखाए जाएंगे।

रडार और हथियार भी दर्शाये जायेंगे। वायुसेना ने कुल 18 नई इनोवेशन भी पेश की हैं। ये इनोवेशन वायुसेना की आत्मनिर्भरता, मुश्किलों के समाधान क्षमता और भविष्य की सोच को दर्शाते हैं। विंग कमांडर ने बताया कि ये दिखाते हैं कि हम खुद पर विश्वास करते हैं और आने वाली नई चुनौतियों के लिए तैयार हैं।

क्या था 'ऑपरेशन सिंदूर' ?

ब्रीफिंग का मुख्य उद्देश्य था 'ऑपरेशन सिंदूर'। यह पहलगाम हमले के बाद का सबसे बड़ा अभियान था। विंग कमांडर ने बताया कि सरकार ने सेनाओं को पूरी स्वतंत्रता दी थी। यह युद्ध इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज होगा, क्योंकि यह एक लक्ष्य के साथ शुरू किया गया और राष्ट्र ने सीजफायर का निर्णय लिया।

हमारी शक्तिशाली एयर डिफेंस सिस्टम ने पूरा खेल पलट दिया। लॉन्ग रेंज SAM मिसाइलों ने दुश्मन को पीछे धकेल दिया। सबसे लंबा टारगेट किल 300 किलोमीटर से अधिक का था। विंग कमांडर ने बहुत ही गर्व से कहा कि यह इतिहास में दर्ज होगा। हमने एकदम सटीक हमले दागे, वो भी न्यूनतम नुकसान के साथ। केवल एक रात में दुश्मन को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था।

साल 1971 के बाद पहली बार इतना खतरनाक अभियान 'ऑपरेशन सिंदूर' में दिखा था। इंडियन एयरफोर्स ने साबित किया कि वह अचूक, अभेद्य और सटीक है। सभी सेनाओं – वायु, थल और नौ – ने मिलकर योजना बनाई और सफलतापूर्वक अमल किया।

विंग कमांडर ने कहा कि गलत जानकारियों की भरमार थी, लेकिन हमारे मीडिया ने सेनाओं की बहुत सहायता की। जनता का मनोबल न गिरे, इसके लिए चैनलों ने भी पूरा योगदान दिया। वायुसेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के हमलों का वीडियो भी जारी किया है। आवश्यकता पड़ने पर कैमरा फीड से और जानकारी ली जा सकती है।

मानवीय सहयोग और अंतरराष्ट्रीय अभ्यास

'ऑपरेशन सिंदूर' के अलावा, वायुसेना ने कई तरीके से मानवीय मदद मिशन भी चलाए। असम, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और अन्य स्थानों पर सहायता पहुंचाई। विंग कमांडर ने कहा कि हमने लोगों की जिंदगी बचाई और राहत प्रदान की। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सक्रियता दिखी।

आने वाले वक़्त की चुनौतियां और आत्मनिर्भरता

विंग कमांडर ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अगला युद्ध पिछले जैसा नहीं होगा। हमें आज और भविष्य के युद्धों के लिए पूरी तरह से तैयार रहना होगा। विश्वभर की घटनाओं पर आखें बिछाकर रखनी है। साल 2047 तक का रोडमैप अभी से तैयार है, जिसमें आत्मनिर्भरता (आत्मनिर्भर भारत) मुख्य है। LCA मार्क-1ए के ऑर्डर दिए जा चुके हैं।

LCA मार्क-2 और IMRH भी पाइपलाइन में हैं। कई रडार और सिस्टम धीरे-धीरे विकसित किये जा रहे हैं। विंग कमांडर ने कहा कि हम आत्मनिर्भरता की तरफ़ बढ़ रहे हैं, लेकिन आवश्यकता पड़ी तो रणनीतिक तकनीक ले सकते हैं। गैप भरने के लिए कार्य जारी है।

Su-57 फाइटर जेट आने की संभावना ?

एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) और रूसी सुखोई-57 पर पूछा गया। एयर चीफ एपी सिंह ने कहा कि यह ADA और DRDO के क्षेत्र में है। मुझे लगता है कि यह दशक में उड़ान भरेगा। तेजस मार्क-1ए जैसा मुश्किल काम है। सुखोई-57 पर सभी ऑप्शन तौलेंगे। रक्षा में प्रक्रिया है, जो भी निर्णय होगा, सबसे अच्छा होगा। 'ऑपरेशन सिंदूर' में इंडियन एयरफोर्स ने पांच पाकिस्तानी F-16, JF-17 को पूरी तरह से नष्ट कर गिराया था।

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