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विपक्ष की रैली में नहीं होगी CJP की एंट्री? अभिजीत दिपके की पोस्ट के बाद खरगे ने दिया जवाब
Ramleela Maidan Rally: रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली विपक्षी रैली से पहले सीजेपी की एंट्री को लेकर सस्पेंस बढ़ गया है। जानिए खरगे के बयान और ‘जन महाभियोग’ की पूरी तैयारी।
Image Source- Social Media
Ramleela Maidan Rally: विपक्षी दलों की ओर से 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित बड़ी रैली को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। यह रैली मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) के विरोध में आयोजित की जा रही है। रैली में कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी (CJP) के शामिल होने को लेकर भी सियासी कयास लगाए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस और अभिजीत दिपके के नेतृत्व वाली सीजेपी के बीच संपर्क हुआ है। हालांकि, सीजेपी की ओर से अभी तक रैली में शामिल होने को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। दूसरी ओर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बेंगलुरु में एक सवाल के जवाब में साफ तौर पर कहा कि सीजेपी रैली में शामिल नहीं होगी।
अभिजीत दिपके की पोस्ट के बाद बढ़ी बातचीत
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के मुताबिक, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके की ओर से बुधवार को सोशल मीडिया पर इंडिया गठबंधन (INDIA Alliance) की रैली के समर्थन में पोस्ट किए जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच संपर्क हुआ है। इसके बाद सीजेपी के रैली में शामिल होने की संभावना को लेकर चर्चा तेज हुई।
यह रैली मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) के मुद्दे को लेकर आयोजित की जा रही है। विपक्षी दल इस मुद्दे पर लगातार सरकार और निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाते रहे हैं।
सीजेपी के शामिल होने पर अभी फैसला नहीं
कांग्रेस सूत्रों की ओर से संकेत दिया गया है कि सीजेपी को इस रैली में आमंत्रित किए जाने की संभावना है। हालांकि, सीजेपी के एक प्रवक्ता ने कहा है कि रैली में भाग लेने को लेकर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। यानी फिलहाल सीजेपी की ओर से रैली में शामिल होने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
इसी बीच बेंगलुरु में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से जब सीजेपी के रैली में शामिल होने को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इसका जवाब ना में दिया। खरगे के इस बयान के बाद सीजेपी की संभावित भागीदारी को लेकर चल रही अटकलों को लेकर स्थिति और दिलचस्प हो गई है।
CEC के खिलाफ ‘जन महाभियोग’ की तैयारी
विपक्षी दलों का तत्काल ध्यान शुक्रवार को होने वाली एक प्रतीकात्मक संयुक्त बैठक पर है। इस बैठक में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘जन महाभियोग’ की प्रक्रिया आयोजित की जाएगी।
इस प्रतीकात्मक कार्यवाही की अध्यक्षता पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार करेंगी। करीब 12 साल बाद वह एक बार फिर इस तरह की कार्यवाही की अध्यक्षता करती नजर आएंगी। इस बार लोकसभा और राज्यसभा का प्रतीकात्मक संयुक्त सत्र आयोजित किया जाएगा।
बताया गया है कि इस प्रतीकात्मक संयुक्त सत्र में इंडिया गठबंधन के सभी दलों के शामिल होने की बात कही गई है। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे महाभियोग का प्रस्ताव पेश करेंगे। इसके बाद गठबंधन में शामिल दलों के सदस्य प्रस्ताव पर चर्चा करेंगे।
राहुल गांधी करेंगे बहस का समापन
इस प्रतीकात्मक कार्यवाही में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बहस का समापन करेंगे। इसके बाद मतदान कराया जाएगा। इस दौरान नागरिक समाज के सदस्य और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) से प्रभावित कुछ लोग भी अपनी आपबीती सुनाएंगे।
इस तरह विपक्षी दल इस पूरी कार्यवाही के जरिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एसआईआर के मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज कराने की तैयारी में हैं।
खरगे के आवास पर होगी बैठक
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल के मुताबिक, यह बैठक शाम को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस बैठक के आयोजन के लिए अशोक होटल और रामलीला मैदान को चुने जाने का अनुरोध किया गया था।
हालांकि, सरकार की ओर से इन जगहों पर बैठक आयोजित करने का अनुरोध स्वीकार नहीं किया गया। इसके बाद विपक्षी दलों ने मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर ही यह बैठक आयोजित करने का फैसला किया।
अब 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली विपक्षी दलों की रैली से पहले सीजेपी की भूमिका को लेकर सियासी नजरें बनी हुई हैं। एक तरफ कांग्रेस सूत्रों की ओर से सीजेपी को आमंत्रित किए जाने की संभावना जताई जा रही है, वहीं सीजेपी ने अभी तक अपना अंतिम फैसला नहीं बताया है। दूसरी तरफ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान ने इस पूरे घटनाक्रम को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है।


