हिजाब पर HC के फैसले से भड़के ओवैसी, बोले- ‘इस्लाम पर सीधा हमला’, RSS-BJP पर भी साधा निशाना

Asaduddin Owaisi on Hijab Verdict: ओवैसी ने दारुस्सलाम में आयोजित ‘जलसा-ए-रहमतुल-लिल-आलमीन’ में कहा कि हिजाब का मामला सुप्रीम कोर्ट में फैसले के लिए सुरक्षित रखा गया है।

Priya Singh Bisen
Published on: 26 Aug 2026 8:57 AM IST
Asaduddin Owaisi on Hijab Verdict
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Asaduddin Owaisi on Hijab Verdict

Asaduddin Owaisi on Hijab Verdict: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के हिजाब से जुड़े आदेश पर नाराजगी जताई है। ईद मिलाद-उन-नबी के मौके पर हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि वह हाई कोर्ट के इस आदेश से सहमत नहीं हैं। उन्होंने इसे इस्लाम और मुसलमानों की धार्मिक प्रथाओं में दखल बताया।

हिजाब के फैसले पर ओवैसी ने जताई आपत्ति

ओवैसी ने दारुस्सलाम में आयोजित ‘जलसा-ए-रहमतुल-लिल-आलमीन’ में कहा कि हिजाब का मामला सुप्रीम कोर्ट में फैसले के लिए सुरक्षित रखा गया है। ऐसे में उन्होंने इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को लेकर अपनी असहमति जाहिर की। ओवैसी के मुताबिक, उनकी नजर में यह आदेश इस्लाम पर सीधा हमला है और मुसलमानों की धार्मिक प्रथाओं में हस्तक्षेप करता है।

उन्होंने कहा कि धार्मिक मामलों से जुड़े ऐसे मुद्दों पर फैसले को लेकर मुस्लिम समुदाय की भावनाओं और धार्मिक मान्यताओं को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

RSS और मनुस्मृति को लेकर साधा निशाना

अपने संबोधन के दौरान AIMIM प्रमुख ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर भी निशाना साधा। ओवैसी ने संविधान और मनुस्मृति को लेकर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि संघ से जुड़े लोगों ने ऐतिहासिक रूप से भारतीय संविधान का विरोध किया था।

ओवैसी ने 26 नवंबर 1949 को संविधान अपनाए जाने का जिक्र करते हुए दावा किया कि इसके कुछ दिनों बाद संघ के मुखपत्र में संविधान को लेकर आपत्ति जताई गई थी। उन्होंने कहा कि उस समय मनुस्मृति को संविधान की जगह रखने की बात कही गई थी। ओवैसी ने इसे डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा तैयार किए गए संविधान के प्रति विरोध से जोड़कर पेश किया।

सावरकर और स्वतंत्रता सेनानियों का किया जिक्र

ओवैसी ने हिंदुत्व विचारक वीडी सावरकर पर भी निशाना साधा। उन्होंने सावरकर और मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानी अल्लामा फजल-ए-हक खैराबादी का जिक्र करते हुए दोनों के जेल अनुभवों की तुलना की। ओवैसी ने दावा किया कि सावरकर ने अंग्रेजों को पत्र लिखकर रिहाई की मांग की थी, जबकि फजल-ए-हक खैराबादी ने जेल में कठिनाइयां झेलने के बावजूद अंग्रेजों के सामने समझौता नहीं किया।

उन्होंने अंडमान की सेलुलर जेल से जुड़े इतिहास का उल्लेख करते हुए मौलवी अलाउद्दीन का भी जिक्र किया। ओवैसी ने दावा किया कि हैदराबाद के मक्का मस्जिद के इमाम मौलवी अलाउद्दीन अंडमान भेजे गए शुरुआती कैदियों में शामिल थे और उन्होंने इसे मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान से जोड़ा।

SIR को लेकर भी लोगों से की अपील

ओवैसी ने दक्षिणी राज्यों में चल रही SIR प्रक्रिया का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के नाम ‘विसंगतियों’ वाली सूची में आए हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। अगर किसी व्यक्ति को नोटिस मिलता है तो उसे परेशान होने के बजाय प्रक्रिया का सामना करना चाहिए। ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ता ऐसे लोगों के साथ खड़े रहेंगे।

हैदराबाद में एंटी-मर्डर स्क्वाड बनाने की मांग

ओवैसी ने हैदराबाद में बढ़ती हत्याओं और युवाओं में नशीली दवाओं की लत को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने तेलंगाना सरकार से शहर में हत्याओं की रोकथाम और जांच के लिए एक समर्पित ‘एंटी-मर्डर स्क्वाड’ बनाने की मांग की।

उन्होंने कहा कि हत्या से जुड़े मामलों की सुनवाई जल्द पूरी होनी चाहिए और इसके लिए विशेष अदालतें बनाई जा सकती हैं। ओवैसी ने बताया कि इस संबंध में वह तेलंगाना सरकार को ज्ञापन भी दे चुके हैं। साथ ही उन्होंने नशे की लत से जूझ रहे युवाओं से मदद लेने की अपील करते हुए कहा कि उनकी जिंदगी और भविष्य बेहद महत्वपूर्ण हैं।

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Priya Singh Bisen is a journalist with over five years of experience in the news and digital media industry. She covers a wide range of topics, including weather, lifestyle, health, politics, and international affairs. In addition to news writing, Priya has experience in news script writing, voice-overs, anchoring, field reporting, and social media management. She holds a Bachelor's degree in Mass Communication and a Master's degree in Advertising and Public Relations. Priya also enjoys writing, traveling, and playing sports, pursuits that reflect her curiosity and passion for exploring new perspectives.

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