'3 करोड़ घुसपैठिए कौन हैं, 13.30 करोड़ नाम क्यों हटाए?' चिदंबरम ने BJP से पूछे 5 तीखे सवाल, लगाए गंभीर आरोप

कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन के 3 करोड़ घुसपैठियों वाले दावे पर पांच सवाल उठाए हैं।

Sachin Singh
Published on: 2 Nov 2026 9:40 PM IST (Updated on: 2 Nov 2026 9:40 PM IST)
3 करोड़ घुसपैठिए कौन हैं, 13.30 करोड़ नाम क्यों हटाए? चिदंबरम ने BJP से पूछे 5 तीखे सवाल, लगाए गंभीर आरोप
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P Chidambaram: देश में घुसपैठियों और वोटर लिस्ट से नाम हटाने के मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि उसे देश के 140 करोड़ लोगों से ज्यादा भरोसा 3 करोड़ घुसपैठियों पर है।

अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने इसी बयान को लेकर बीजेपी से सीधे पांच सवाल पूछ दिए हैं। उन्होंने पूछा है कि आखिर ये 3 करोड़ घुसपैठिए कौन हैं, सरकार ने उनकी पहचान की है या नहीं और अगर इतने लोग घुसपैठिए हैं, तो वोटर लिस्ट से 13.30 करोड़ नाम हटाने की वजह क्या है? चिदंबरम के इन सवालों ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।

1. आखिर ये 3 करोड़ घुसपैठिए हैं कौन?

पी. चिदंबरम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर नितिन नवीन के दावे का आधार पूछा। उन्होंने सवाल किया कि बीजेपी अध्यक्ष ने जिन 3 करोड़ घुसपैठियों का जिक्र किया है, वे आखिर कौन हैं? क्या केंद्र सरकार और संबंधित राज्य सरकारों ने उनकी पहचान कर ली है?

कांग्रेस नेता का कहना है कि अगर बीजेपी के पास घुसपैठियों की संख्या को लेकर ठोस जानकारी है, तो सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि यह आंकड़ा कहां से आया और इसके पीछे क्या सबूत हैं। चिदंबरम ने अपने सवालों के जरिए बीजेपी से दावे को लेकर जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।

2. हरियाणा सरकार नाम सार्वजनिक क्यों नहीं करती?

चिदंबरम ने हरियाणा का जिक्र करते हुए भी बीजेपी को घेरा। उन्होंने कहा कि अगर राज्य के लोगों को पता है कि घुसपैठिए कौन हैं, जैसा कि नितिन नवीन ने दावा किया है, तो हरियाणा सरकार को भी इसकी जानकारी होनी चाहिए।

उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सरकार के पास ऐसी जानकारी है, तो वह संबंधित लोगों की पहचान करके कानून के मुताबिक कार्रवाई क्यों नहीं करती? चिदंबरम ने कहा कि अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान की जानी चाहिए और उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत कदम उठाए जाने चाहिए।

यहां कांग्रेस नेता ने बीजेपी से आरोप लगाने के बजाय उन आरोपों के समर्थन में जानकारी देने की मांग की।

3. 3 करोड़ घुसपैठिए हैं तो 13.30 करोड़ नाम क्यों हटे?

कांग्रेस नेता का सबसे अहम सवाल वोटर लिस्ट से नाम हटाने को लेकर है। चिदंबरम ने पूछा कि अगर देश में 3 करोड़ घुसपैठिए हैं, तो फिर मतदाता सूची से 13 करोड़ 30 लाख नाम क्यों हटाए गए? उन्होंने अपने सवाल में मृत लोगों के नामों को अलग रखते हुए बाकी नामों को हटाने के आधार पर सवाल उठाया।

यह मुद्दा इसलिए भी अहम है, क्योंकि SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मतदाता सूचियों की जांच और संशोधन किया जा रहा है। कांग्रेस लगातार इस प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठा रही है।

हालांकि, मतदाता सूची से नाम हटने और किसी व्यक्ति के घुसपैठिया होने के बीच सीधा संबंध मान लेना सही नहीं होगा। नाम हटने के कारणों और संबंधित आंकड़ों की अलग-अलग जांच जरूरी है।

4. अपील जीतने वाले लोग भी घुसपैठिए हैं?

चिदंबरम ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के बाद अपील करने वाले लोगों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि हटाए गए नामों में से 91 से 93 प्रतिशत लोगों ने अपील में सफलता हासिल की।

इसी आधार पर उन्होंने बीजेपी से सवाल किया कि क्या अपील जीतने वाले इन लोगों को भी घुसपैठिया माना जाएगा?

चिदंबरम के इस सवाल का मकसद यह पूछना था कि अगर बड़ी संख्या में लोगों की अपील स्वीकार की गई, तो शुरुआती प्रक्रिया में उनके नाम हटाने का आधार क्या था। हालांकि, अपील में सफलता से जुड़े इस आंकड़े और उसके दायरे की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

5. सरकार बताए, घुसपैठियों की पहचान कैसे हुई?

चिदंबरम ने अपने सवालों के जरिए केंद्र और राज्य सरकारों से घुसपैठियों की पहचान के लिए अपनाई गई प्रक्रिया स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसी को भी राजनीतिक संरक्षण देने के बजाय कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए।

कांग्रेस नेता का तर्क है कि अगर अवैध प्रवासियों की मौजूदगी को लेकर इतना बड़ा दावा किया जा रहा है, तो उसके समर्थन में ठोस जानकारी भी सामने आनी चाहिए। उनकी ओर से उठाए गए सवालों के केंद्र में यही मुद्दा रहा कि घुसपैठियों की संख्या बताने और मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया को स्पष्ट रूप से समझाया जाए।

नितिन नवीन ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए थे?

दरअसल, यह पूरा विवाद बीजेपी की हरियाणा में निकाली गई 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा के बाद तेज हुआ। रविवार को रोहतक में इस कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए नितिन नवीन ने कांग्रेस पर निशाना साधा था।

उन्होंने आरोप लगाया था कि कांग्रेस को देश के 140 करोड़ लोगों पर भरोसा नहीं है और वह 3 करोड़ घुसपैठियों पर भरोसा करती है। उन्होंने राहुल गांधी पर भी सवाल उठाए और कहा कि जब कांग्रेस चुनाव जीतती है, तब वह लोकतंत्र की जीत बताती है, लेकिन हारने पर लोकतंत्र खतरे में होने का दावा करती है।

बीजेपी ने यह पदयात्रा विपक्ष की ओर से SIR के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों और विरोध प्रदर्शनों के जवाब में शुरू किए गए देशव्यापी अभियान के तहत आयोजित की थी।

रामलीला मैदान की रैली से लेकर SIR तक, आमने-सामने कांग्रेस-BJP

SIR को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है। कांग्रेस ने रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ रैली की थी। कांग्रेस ने इस प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया है। वहीं, बीजेपी का कहना है कि विपक्ष चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। अब चिदंबरम के पांच सवालों ने इस विवाद में एक नया मोर्चा खोल दिया है।

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Sachin Singh is a media professional with 4 years of experience in the field of journalism and digital media. After completing his education at Jamia Millia Islamia Central University, he has worked with reputed media organizations such as Editor ji, ABP News and Doordarshan. Currently, Sachin Singh is working as a Content Writer with News Track, where he contributes to fast-paced digital news coverage and content creation. His areas of interest include politics, national and international affairs, and food. With experience across different formats of journalism, he focuses on producing informative, accurate, and engaging content for digital audiences.

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