Pakistan Narrative War: भारत के खिलाफ नई जंग की तैयारी में है पाक…लीक रिपोर्ट के खुलासे से हड़कंप!

Pakistan Narrative War: ऑपरेशन सिंदूर और सिंधु जल संधि पर भारत के फैसले के बाद पाकिस्तान नए नैरेटिव युद्ध की तैयारी में जुटा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना सोशल मीडिया, मीडिया एंकरों और इन्फ्लुएंसर्स के जरिए कश्मीर, पंजाब और अल्पसंख्यक मुद्दों को उठाकर भारत के खिलाफ माहौल बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।

Aditya Kumar Verma
Published on: 3 July 2026 4:44 PM IST
Pakistan Narrative War
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Pakistan Narrative War: ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) में करारी शिकस्त मिलने के बाद पाकिस्तान अब एक नए मोर्चे पर सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। भारत की ओर से सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को समाप्त करने के फैसले के बाद पाकिस्तान की बेचैनी बढ़ गई है और अब वह मोदी सरकार (Modi Government) के खिलाफ एक नए नैरेटिव युद्ध (Narrative War) की तैयारी में जुटा हुआ है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान के डीजी-आईएसपीआर (DG-ISPR) से लीक हुई कई जानकारियों में यह सामने आया है कि पाकिस्तानी सेना सोशल मीडिया (Social Media) और अन्य माध्यमों के जरिए पंजाब (Punjab), कश्मीर (Kashmir) और अल्पसंख्यकों (Minorities) से जुड़े मुद्दों को बड़े पैमाने पर उठाकर भारत को घेरने की रणनीति बना रही है। इसके लिए आने वाले समय में घरेलू और वैश्विक स्तर पर बड़े कार्यक्रम आयोजित करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।

नैरेटिव की लड़ाई पर फोकस

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के बाद पाकिस्तानी सेना और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर (Field Marshal Asim Munir) काफी हद तक अपने पक्ष में माहौल बनाने में सफल रहे थे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को नोबेल पीस प्राइज (Nobel Peace Prize) के लिए नामांकित किए जाने के बाद पाकिस्तान की पहुंच व्हाइट हाउस (White House) तक मजबूत होने की चर्चा भी रही।

हालांकि, भारत की ओर से सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) पर रोक लगाने के बाद पाकिस्तान के सामने एक नया संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में भारत की ओर से बढ़ते दबाव का जवाब देने के लिए पाकिस्तान अब नैरेटिव युद्ध (Narrative War) के जरिए अपनी रणनीति को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।

एंकरों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के साथ हुई बैठक

रिपोर्ट्स के अनुसार, जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में भारत सरकार के विकास कार्यक्रमों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके प्रचार का जवाब देने के लिए पाकिस्तानी सेना एक समानांतर नैरेटिव तैयार करने में लगी हुई है।

रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि डीजी-आईएसपीआर (DG-ISPR) से लीक हुए निर्देशों के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना के लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ (Lieutenant General Ahmed Sharif) ने रावलपिंडी (Rawalpindi) में पाकिस्तानी मीडिया एंकरों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स (Social Media Influencers) के साथ एक बैठक की। इस बैठक में कथित तौर पर उन्हें अपने कार्यक्रमों में भारत विरोधी एजेंडे को प्रमुखता से उठाने के निर्देश दिए गए।

बताया गया है कि इस एजेंडे में खालिस्तान (Khalistan), कश्मीरी उग्रवाद (Kashmiri Militancy) और अल्पसंख्यक मुद्दों (Minority Issues) को शामिल करने की बात कही गई है, ताकि भारत के खिलाफ एक काउंटर नैरेटिव (Counter Narrative) तैयार किया जा सके।

चुनौतियों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने की तैयारी

सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों ने अपने मीडिया संस्थानों को भारत की गरीबी (Poverty) और सरकार के सामने मौजूद चुनौतियों को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत करने के लिए कहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह भी निर्देश दिए गए हैं कि भारत में विपक्षी नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री के खिलाफ दिए जाने वाले बयानों को देश में अस्थिरता (Instability) के संकेत के रूप में पेश किया जाए।

इस रणनीति का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की आलोचना को बढ़ावा देना और उसके खिलाफ एक अलग धारणा तैयार करना बताया जा रहा है।

पहले भी अपनाता रहा है ऐसी रणनीति

गौरतलब है कि पाकिस्तान लंबे समय से भारत के खिलाफ इसी तरह की रणनीतियों पर काम करता रहा है। पाकिस्तानी सेना और वहां की सरकार अपनी जनता के बीच इस मुद्दे पर अपनी बात स्थापित करने में काफी हद तक सफल भी रही है। वहां के कई लोगों के बीच आज भी यह धारणा बनी हुई है कि भारत के खिलाफ लड़े गए युद्धों में पाकिस्तान को सफलता मिली थी।

यहां तक कि 1971 के युद्ध (1971 War) में देश के दो हिस्सों में बंटने के बाद भी पाकिस्तान के एक वर्ग में यह मान्यता बनी हुई है कि उस संघर्ष में उन्होंने भारत को मात दी थी।

क्यों बढ़ी पाकिस्तान की बेचैनी?

बताया जाता है कि 1971 की हार और देश के विभाजन के बाद पाकिस्तान लगातार भारत को अलग-अलग तरीकों से परेशान करने की रणनीति पर काम करता रहा है। आतंकवाद (Terrorism) और क्षेत्रवाद (Regionalism) को बढ़ावा देकर भारत को अस्थिर करने के प्रयासों का भी कई बार उल्लेख किया जाता रहा है।

हालांकि, अब तक ऐसे प्रयासों का भारत की ओर से जवाब दिया जाता रहा है। मौजूदा समय में सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) पर भारत के फैसले के बाद पाकिस्तान की बेचैनी बढ़ी हुई दिखाई दे रही है और इसी वजह से वह एक बार फिर भारत के खिलाफ नए नैरेटिव (Narrative) को स्थापित करने की कोशिश करता नजर आ रहा है।

Aditya Kumar Verma
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Aditya Kumar Verma

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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