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दिवाली पर मानसा में गम का माहौल, 26 दिन बाद परविंदर झोटा का अंतिम संस्कार; उमड़ा जनसैलाब
पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा का हत्या के 26 दिन बाद दिवाली पर अंतिम संस्कार हुआ। अपने ही खेत में पिता और बेटों ने दी मुखाग्नि, अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब।
Image Source – Social Media
Parvinder Jhota Last Rites : पूरे देश में जहां आज दिवाली का त्यौहार धूमधाम से मनाया जा रहा है, वहीं पंजाब के मानसा में गम का माहौल है। नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले परविंदर सिंह झोटा का आज अंतिम संस्कार किया गया। परविंदर झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद परिवार ने पोस्टमार्टम से इंकार कर दिया था, जिसके बाद परविंदर सिंह झोटा का शव मानसा स्थित सिविल अस्पताल में रखा हुआ था। अब आज 26 दिन बाद उन्हें अंतिम विदाई दी गई।
पिता भीम सिंह और परिवार के अन्य सदस्यों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। इस दौरान पिता और बेटों ने मुखाग्नि दी। झोटा की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग, रिश्तेदार और समर्थक शामिल हुए। उनके पार्थिव शरीर पर फूल बरसाकर लोगों ने श्रद्धांजलि दी और 'परविंदर झोटा अमर रहे' के नारे लगाए।
परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर कर दी गई थी हत्या
परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर 2026 को मानसा के एक व्यस्त बाजार में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह नशे के खिलाफ अभियान चलाते थे। घटना के दिन वह एक मेडिकल स्टोर पर पहुंचे थे, जहां कथित तौर पर एक बुजुर्ग को नशीली दवाएं बेचने का विरोध करने को लेकर उनकी दुकान के मालिक अश्वनी कुमार से बहस हो गई थी। इसी दौरान झोटा को गोली मार दी गई। इस घटना में उनके चार साथी भी घायल हुए थे। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने इस मामले में मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार समेत आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
26 दिन तक अस्पताल की मोर्चरी में रखा रहा शव
झोटा की हत्या के बाद परिवार ने न्याय की मांग को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया था। परिवार की मांग थी कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसी विरोध के चलते परिवार ने लंबे समय तक पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार कराने से इनकार कर दिया था। उनका पार्थिव शरीर मानसा के सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखा हुआ था। बाद में पंजाब सरकार और परिवार के बीच बातचीत हुई। 4 नवंबर को सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में सहमति बनने के बाद परिवार पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार के लिए राजी हुआ। इसके बाद 7 नवंबर को चंडीगढ़ स्थित PGI में डॉक्टरों के बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया और शव परिवार को सौंप दिया।
परविंदर झोटा का अपने ही खेत में हुआ अंतिम संस्कार
परिवार ने पहले ही फैसला किया था कि परविंदर झोटा का अंतिम संस्कार उनके पैतृक खेत में किया जाएगा। इसके लिए मानसा के चकेरिया रोड स्थित खेत में तैयारियां की गई थीं। रविवार सुबह उनका पार्थिव शरीर चंडीगढ़ से मानसा लाया गया। पहले घर पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया और फिर अंतिम यात्रा निकाली गई। इसके बाद पार्थिव शरीर को खेत में ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार की रस्में पूरी की गईं। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। अंतिम विदाई के समय माहौल भावुक हो गया।
परिवार की मांग पर पंजाब सरकार ने CBI जांच का किया ऐलान
झोटा की हत्या के बाद परिवार लगातार मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा था। पंजाब सरकार ने परिवार की मांग पर मामले की CBI जांच की सिफारिश करने का ऐलान किया था। वहीं, सरकार और परिवार के बीच हुए समझौते में प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार लोगों की रिहाई, दर्ज मामलों को वापस लेने, परिवार को दो करोड़ रुपये मुआवजा और झोटा की पत्नी को सरकारी नौकरी देने का आश्वासन भी शामिल था। अंतिम संस्कार से पहले झोटा के पिता भीम सिंह ने मानसा के SSP वैभव चौधरी के तबादले और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई थी। दिवाली के दिन परविंदर सिंह झोटा का अंतिम संस्कार तो हो गया, लेकिन उनकी हत्या और नशे के खिलाफ चलाए गए अभियान से जुड़े सवाल अब भी चर्चा में हैं।


