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सैकड़ों ट्रैक्टर डूबे, घर-स्कूल भी जलमग्न! पटना में गंगा का रौद्र रूप...बिहार में बाढ़ का खौफनाक मंजर
Patna Tractor Yard Submerged: पटना में गंगा का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। दीदारगंज में सैकड़ों ट्रैक्टर और कृषि मशीनें पानी में डूबीं, जबकि गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 2016 का रिकॉर्ड पार कर गया।
Patna Tractor Yard Submerged: बिहार की राजधानी पटना में उफनती गंगा नदी ने अब रौद्र रूप धारण कर लिया है, जिससे शहर के निचले इलाकों में तबाही का मंजर साफ दिखाई देने लगा है। दीदारगंज चेक पोस्ट के समीप स्थित एक विशाल ट्रैक्टर यार्ड से आई भयावह तस्वीरों ने हर किसी को हैरत में डाल दिया है। गंगा के बढ़ते पानी ने इस पूरे व्यापारिक यार्ड को अपनी आगोश में ले लिया है। जहां कभी सैकड़ों कृषि उपकरण और नए ट्रैक्टर ग्राहकों के इंतजार में खड़े रहते थे, वहां अब चारों तरफ केवल लबालब गंदा पानी और कीचड़ ही नजर आ रहा है।
सैकड़ों ट्रैक्टर और कृषि मशीनें जलमग्न
दीदारगंज का यह पूरा इलाका भौगोलिक रूप से गंगा के निचले तटीय क्षेत्र में आता है। नदी के जलस्तर में हुई अचानक वृद्धि से पानी तेजी से आसपास के रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों में फैल गया। यार्ड का बड़ा हिस्सा पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है और खड़े ट्रैक्टरों के पहिए गहरे पानी में समा गए हैं। सामने आए वीडियो में पानी के बीच खड़ी मशीनें बिहार में गहराते बाढ़ संकट की गंभीरता को बयां कर रही हैं। इस अचानक आए जलभराव के कारण यार्ड मालिकों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
गांधी घाट पर टूटा 2016 का रिकॉर्ड
पटना में गंगा नदी का रौद्र रूप इस कदर है कि उसने वर्षों पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है। शहर के प्रसिद्ध गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.57 मीटर के आंकड़े को पार कर गया है, जो कि वर्ष 2016 में दर्ज किए गए उच्चतम स्तर से भी 5 सेंटीमीटर अधिक है। केवल गंगा ही नहीं, बल्कि राज्य की कोसी, गंडक और बागमती जैसी प्रमुख नदियां भी लाल निशान से काफी ऊपर बह रही हैं। इस समय संपूर्ण बिहार के 11 जिले भीषण बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं, जिससे करीब 16.85 लाख आबादी का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
दानापुर-दियारा के घरों और स्कूलों में घुसा पानी
नदी के बढ़ते फैलाव का असर दानापुर और दियारा क्षेत्रों में भी व्यापक रूप से देखा जा रहा है। यहां रिहायशी मकानों, स्थानीय दुकानों और सरकारी स्कूलों के भीतर तक पानी भर गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ की नौकाओं, प्रशिक्षित जवानों और गोताखोरों को तैनात कर दिया गया है। फिलहाल गंगा के लगातार बढ़ते तेवर से तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच डर और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।


